Iran: ईरान में सख्त हिजाब नियमों को लागू करने का फैसला, बीते 10 माह से बंद थीं 'नैतिकता पुलिस' की गतिविधियां
Iran: ईरान पर शासन करने वाले कट्टरपंथी मौलवियों ने हाल ही में सख्त हिजाब नियमों को लागू करने वाली तथाकथित 'नैतिकता पुलिस' को फिर से सक्रिय करने का फैसला किया है।
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ईरान पर शासन करने वाले कट्टरपंथी मौलवियों ने हाल ही में सख्त हिजाब नियमों को लागू करने वाली तथाकथित 'नैतिकता पुलिस' को फिर से सक्रिय करने का फैसला किया है। हिजाब न पहनने के चलते एक युवती महसा अमिनी को पुलिस हिरासत में जान गंवानी पड़ी थी, जिसके बाद देशभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद नैतिकता पुलिस ने करीब दस महीने तक अपनी गतिविधियों को निलंबित कर दिया था।
इस, बीच, कई सुधारवादी नेता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि अगले फरवरी में होने वाले चुनावों में अपनी उम्मीदवारी प्रस्तुत करें या नहीं, क्योंकि यह लगभग तय है कि 'गार्डियन काउंसिल' उनकी उम्मीदवारी को अयोग्य घोषित कर देगी। गार्डियन काउंसिल एक संवैधानिक रूप से काम करने वाली 12 सदस्यीय परिषद है। यह देश में काफी शक्ति और प्रभाव रखती है।
पिछले साल सितंबर में महसा अमिनी (21 वर्षीय) की मौत के बाद देशभर के सभी प्रमुख शहरों और कस्बों में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे, जो महीनों तक चले थे। हजारों महिलाओं ने अनिवार्य हिजाब पहनने से इनकार कर दिया था। अतीत में नैतिकता पुलिस द्वारा गिरफ्तार की गई कई ईरानी महिलाएं यातना, यौन शोषण, दुष्कर्म और पिटाई सहित भयावह अनुभवों को साझा कर चुकी हैं। विरोध प्रदर्शन के कारण करीब पांच सौ प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी। यह प्रदर्शन ईरान के धर्मतंत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं।
कई लोगों को उम्मीद थी कि सख्त हिजाब नियमों को लागू करने वाली नैतिकता पुलिस को भंग कर दिया जाएगा। हालांकि, इन उम्मीदों पर रविवार को पानी फिर गया, जब एक पुलिस प्रवक्ता सईद मोंटाजेरलमहदी ने कहा कि नैतिकता पुलिस सार्वजनिक रूप से हिजाब न पहनने वाली महिलाओं को 'सूचित करने और फिर हिरासत में लेने के लिए अपने कर्तव्यों का फिर से पालन करेगी। पुलिस शुरू में नियमों का पालन न करने वाली महिलाओं को चेतावनी जारी करेगी और कानून तोड़ने वाली महिलाओं को न्यायिक प्रणाली के पास भेजेगी।'
उन्होंने कहा कि पुलिस गश्ती दल अब पैदल और कई वाहनों में उन लोगों को गिरफ्तार करने के लिए काम कर रहे हैं जिनके सिर पर स्कार्फ गलत है या जिनके व्यवहार को इस्लामी गणराज्य में अनुचित माना जाता है। प्रवक्ता ने माना कि चल रहे विरोध प्रदर्शनों के कारण प्रवर्तन में ढिलाई बरती गई है।