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Maulana Tehrani: ईरान के सर्वोच्च नेता के रिश्तेदार मौलाना तेहरानी का निधन, खामेनेई के थे मुखर आलोचक
Fri, 21 Oct 2022 08:43 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेहरान
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 21 Oct 2022 08:43 PM IST
सार
तेहरानी ने देश के पहले राष्ट्रपति अबोलहसन बनिसादी का समर्थन किया था, जो वर्ष 1981 में कट्टरपंथियों से लड़ाई के कारण निर्वान में चले गए थे।
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Ayatollah Khamenei
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह रुहोल्लाह खामेनेई के रिश्तेदार और उनके मुखर आलोचक रहे अली तेहरानी का 96 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।वह एक धर्मशास्त्री और उस इस्लामी व्यवस्था के आलोचक थे जिसने 1979 की क्रांति के बाद सत्ता पर कब्जा जमा लिया था। तेहरानी ने खुलकर खामेनेई की आलोचना की थी। उनकी ओर से सबूत देने के बाद 1979 में राष्ट्रपति पद के लिए नई प्रणाली के तहत हुए पहले चुनाव में एक प्रमुख उम्मीदवार जलेलेद्दीन फारसी की दावेदारी खारिज हो गई थी जो अफगानिस्तान में जन्मे थे। तब फारसी ज्यादातर मौलानाओं के चहेते थे। उन दिनों राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए कानूनन ईरान में जन्म लेना जरूरी था।
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इसी तरह 1979 में तेहरानी ने इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्लाह खामेनेई के उस फैसले का विरोध किया था जो अली खामेनेई को तेहरान जुमे की नमाज का नेता नियुक्त किए जाने से संबंधित था। इसके अलावा तेहरानी ने इस बात का भी समर्थन नहीं किया कि मौलानाओं की सरकार में कोई भूमिका होनी चाहिए। वह शाह के विरोधी थे, लेकिन उन्होंने 1979 के बाद के भी शासकों की आलोचना की। तेहरानी ने देश के पहले राष्ट्रपति अबोलहसन बनिसादी का समर्थन किया था, जो वर्ष 1981 में कट्टरपंथियों से लड़ाई के कारण निर्वान में चले गए थे।
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उदारवादी मानसिकता के तेहरानी को 1981 में कई महीने जेल में बिताने के बाद नजरबंद कर लिया गया था, लेकिन वह 1984 में ईरान से भागकर पड़ोसी देश इराक पहुंच गए। तब ईरान-इराक के बीच युद्ध के हालात थे। वह इराक में रेडियो प्रसारण के जरिए ईरान की सत्तारूढ़ व्यवस्था की आलोचना करते रहे। तेहरानी वर्ष 1995 में ईरान लौटे और उन्हें 20 साल जेल की सजा सुनाई गई, लेकिन केवल नौ साल ही जेल में रहे। वर्ष 2005 में रिहा होने के बाद से वह ज्यादातर खामोश ही रहे थे। वर्ष 1950 में तेहरानी की शादी बदरी खामेनेई से हुई, जो ईरान के मौजूदा नेता की बहन हैं।
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