ईरान: 2017 में हुए प्रदर्शनों को भड़काने के आरोप में पत्रकार को दी गई फांसी
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ईरान ने 2017 में देश में हुए प्रदर्शनों को हवा देने के आरोप में पत्रकार रूहोल्ला जम को फांसी दे दी है। ईरान के सरकारी टीवी और सरकारी समाचार एजेंसी इरना ने कहा कि जम को शनिवार सुबह फांसी दी गई। जून में एक अदालत ने जम को मौत की सजा सुनाई थी।
जम की वेबसाइट और संदेश भेजने वाले एप ‘टेलीग्राम’ पर बनाए गए एक चैनल ने प्रदर्शनों के समय के बारे में जानकारी का प्रसार किया और अधिकारियों के बारे में भी जानकारी दी, जिससे ईरान के शिया धर्मतन्त्र को सीधी चुनौती मिली।
जून में एक अदालत ने जम को मौत की सजा सुनाई थी। उन्हें 'धरती पर भ्रष्टाचार' (फसाद) का दोषी ठहराया गया था। इस आरोप का इस्तेमाल अक्सर जासूसी मामलों या ईरानी सरकार का तख्ता पलटने की कोशिश के मामलों में किया जाता है। प्रदर्शन 2017 के अंत में शुरू हुए थे जो 2009 के ‘ग्रीन मूवमेंट’ प्रदर्शन के बाद ईरान में सबसे बड़े प्रदर्शन थे।
ईरान ने यूरोपीय संघ के दूतों को तलब किया
एक ईरानी पत्रकार को फांसी दिए जाने की यूरोपीय संघ द्वारा निंदा करने के बाद ईरान ने रविवार को तेहरान में जर्मन राजदूत को तलब किया। पत्रकार पर अपने काम से 2017 में राष्ट्रव्यापी आर्थिक विरोध को बढ़ावा देने का आरोप था।
ईरानी सरकारी मीडिया ने यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी आईआरएनए ने कहा कि शनिवार को पत्रकार रुहल्ला जैम (47) को फांसी दिए जाने पर यूरोपीय संघ के बयानों की वजह से ईरानी विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने जर्मन राजदूत को तलब किया।
ईरानी अधिकारियों ने पिछले साल पड़ोसी देश इराक में जैम को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से जैम ईरानी जेल में बंद थे। जर्मन विदेश मंत्रालय ने शनिवार को जैम की सजा की परिस्थितियों को लेकर दुख व्यक्त किया और इसे 'विदेश से अपहरण' करार दिया।
आईआरएनए ने कहा कि ईरान पत्रकार की फांसी पर यूरोपीय प्रतिक्रियाओं को लेकर तेहरान में फ्रांस के राजदूत को भी आज बुलाएंगे। ईरान ने फ्रांस के राजदूत को भी तलब किया है। फ्रांस के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'यह एक बर्बर और अस्वीकार्य कृत्य है।' फ्रांस ने फांसी की सजा को ईरान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को 'गंभीर झटका' करार देते हुए इसकी निंदा की।
जैम ईरान लाए जाने से पहले फ्रांस में रह रहे थे। ईरानी सरकारी टेलीविजन ने शनिवार तड़के जैम को फांसी दिए जाने की घोषणा की थी। एक ईरानी अदालत ने जून में जैम को मानवता के प्रति अति गंभीर अपराध का दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई थी।