फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Indian peacekeeper honoured posthumously with prestigious Dag Hammarskjold medal

UN: सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारतीय शांति सैनिक को मिलेगा ‘डैग हैमरस्कजॉल्ड’ पदक, कांगो में गंवाई थी जान

Tue, 28 May 2024 06:06 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: जलज मिश्रा Updated Tue, 28 May 2024 06:06 PM IST
सार

भारतीय सैनिक वर्तमान में अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लेबनान, मध्य पूर्व, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में तैनात हैं। संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में 6,000 से अधिक भारतीय सैन्य और पुलिस कर्मी मुस्तैद हैं।

विज्ञापन
Indian peacekeeper honoured posthumously with prestigious Dag Hammarskjold medal
UN-India Flag - फोटो : ANI

विस्तार

अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो में पदस्थ भारतीय सैनिक के सर्वोच्च बलिदान को संयुक्त राष्ट्र सम्मानित करेगा। 30 मई को अंतर्राष्ट्रीय शांति रक्षक दिवस के अवसर पर संयुक्त राष्ट्र नायक धनंजय कुमार को डैग हैमरस्कजॉल्ड पदक से सम्मानित करेगा। कुमार उन 60 से अधिक सुरक्षाबलों में शामिल हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के ध्वज तले विदेशी जमीन में सर्वोच्च बलिदान दिया है।  

विज्ञापन

संयुक्त राष्ट्र ने जारी की विज्ञप्ति
संयुक्त राष्ट्र ने मंगलवार को एक प्रेस विज्ञप्ति जारी की। विज्ञप्ति में कहा गया कि 30 मई को संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में औपचारिक समारोह के दौरान महासचिव एंटोनियो गुटेरेस 1948 के बाद से अपनी जान गंवाने वाले सभी संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिकों के सम्मान में शांति रक्षक स्मारक स्थल पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वे एक कार्यक्रम की अध्यक्षता भी करेंगे। कार्यक्रम में 64 सुरक्षाकर्मियों को मरणोपरांत डैग हैमरस्कजॉल्ड पदक दिए जाएंगे। यह वही सुरक्षाकर्मी हैं, जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र के झंडे के नीचे सेवा करते हुए अपनी जान गंवाई।

विज्ञापन

विज्ञप्ति में कहा गया कि 125 देशों के दो मिलियन से अधिक शांति सैनिकों ने दुनिया भर में 71 ऑपरेशनों में सेवा दी है। आज, लगभग 76,000 महिलाएं और पुरुष अफ्रीका, एशिया, यूरोप और मध्य पूर्व के 11 संघर्ष क्षेत्रों में सेवा कर रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

भारतीय सैनिकों ने दिया सर्वोच्च बलिदान
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति सेना में वर्दीधारी कर्मियों का दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता है। भारतीय सैनिक वर्तमान में अबेई, मध्य अफ्रीकी गणराज्य, साइप्रस, कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, लेबनान, मध्य पूर्व, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा में तैनात हैं। संयुक्त राष्ट्र के अभियानों में 6,000 से अधिक भारतीय सैन्य और पुलिस कर्मी मुस्तैद हैं। लगभग 180 भारतीय शांति सैनिकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। संयुक्त राष्ट्र के मिशन के तहत अन्य देशों की तुलना में भारतीय सैनिकों ने सबसे अधिक सर्वोच्च बलिदान दिया है। 

मेजर सेन का भी होगा सम्मान
इसके अलावा, कांगो में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) मिशन में सेवा दे चुकीं भारतीय महिला शांति रक्षक मेजर राधिका सेन को सैन्य पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें एक सच्चा और आदर्श नेता बताया था। 30 मई को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति रक्षक दिवस के मौके पर मेजर राधिका सेन को 2023 यूनाइटेड नेशंस मिलिट्री जेंडर एडवोकेट ऑफ द ईयर अवार्ड’ दिया जाएगा। यूएन के महासचिव गुटेरेस उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित करेंगे।

बता दें कि मेजर सेन भारतीय त्वरित तैनाती बटालियन की कमांडर के तौर पर मार्च 2023 से अप्रैल 2024 तक कांगो गणराज्य के पूर्व में तैनात थीं। वह मूल रूप से हिमाचल प्रदेश की रहने वाली हैं। उनका जन्म 1993 में हुआ था और वह आठ साल पहले भारतीय सेना में भर्ती हुई थीं। मेजर राधिका सेन ने बायोटेक इंजीनियर में स्नातक किया, इसके बाद ही उन्होंने भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed