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Scotland: भारतीय मूल के लोगों पर कथित धोखाधड़ी के आरोप, महिला भी शामिल; गिरफ्तारी के बाद अदालत में ट्रायल
Wed, 03 Jan 2024 07:20 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लंदन
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 03 Jan 2024 07:20 PM IST
सार
भारतीय मूल के लोगों पर कथित तौर पर धोखाधड़ी करने के आरोप में स्कॉटलैंड की अदालत में ट्रायल चलाया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों में एक महिला भी शामिल है। छह पुरूषों और एक महिला को दिसंबर में गिरफ्तार किया गया था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
भारतीय मूल के सात कथित धोखेबाजों पर स्कॉटलैंड की अदालत में ट्रायल शुरू किए जाने की खबर है। धोखाधड़ी के सिलसिले में गिरफ्तारी के बारे में स्कॉटलैंड पुलिस के अनुसार स्कॉटलैंड के दक्षिण लनार्कशायर में एक बुजुर्ग महिला ने करोड़ों रुपये चुराए। पुलिस ने यह नहीं बताया कि कितने पाउंड की धोखाधड़ी हुई, लेकिन संकेत देते हुए पुलिस ने कहा कि कुल रकम सात अंकों (ब्रिटिश पाउंड) में है। पुलिस के मुताबिक धोखाधड़ी को मई और अगस्त, 2023 के बीच अंजाम दिया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मूल के कथित धोखेबाजों के इस समूह में शामिल सदस्यों को एसेक्स, लंदन और ईस्टबॉर्न की पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। संयुक्त अभियान के बाद 14 दिसंबर को छह पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों में 23 और 28 साल की उम्र के दो लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया। हालांकि, इन लोगों को बाद में दी गई तारीख पर अदालत के समक्ष पेश होना होगा।
पुलिस ने बताया कि लंदन में रहने वाले 41 वर्षीय मुकेश विप्पनपेल्ली, 50 वर्षीय वागीसन सनमुगराजा और 39 वर्षीय सुनील थियाथ को नॉर्थ लनार्कशायर के एयरड्री शेरिफ कोर्ट में पेश किया गया। 27 दिसंबर को हुई पेशी के दौरान ईस्टबॉर्न में रहने वाले इनके कथित साथी, 34 साल की हफ़ीज़ा समरीन और 39 साल के उमर मोहम्मद को भी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सभी लोगों पर 'धोखाधड़ी की योजना' बनाने का आरोप लगाया।
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इस मामले में स्कॉटलैंड के क्राउन ऑफिस और प्रोक्यूरेटर फिस्कल सर्विस ने बताया, यह मामला अदालत की अवमानना अधिनियम, 1981 के तहत चल रहा है। स्कॉटलैंड पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों को यूके की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के राष्ट्रीय आर्थिक अपराध केंद्र से मदद मिली थी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान अन्य पुलिस बलों का भी सहयोग मिला। गिरफ्तारियां लंदन के ईस्टबॉर्न और स्टैनस्टेड, डेगनहम और ईस्ट हैम के तटीय शहरों में हुईं। पुलिस धोखाधड़ी योजना की जांच जारी रखेगी।
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रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय मूल के कथित धोखेबाजों के इस समूह में शामिल सदस्यों को एसेक्स, लंदन और ईस्टबॉर्न की पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया। संयुक्त अभियान के बाद 14 दिसंबर को छह पुरुष और एक महिला को गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों में 23 और 28 साल की उम्र के दो लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने दोनों को जमानत पर रिहा कर दिया। हालांकि, इन लोगों को बाद में दी गई तारीख पर अदालत के समक्ष पेश होना होगा।
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पुलिस ने बताया कि लंदन में रहने वाले 41 वर्षीय मुकेश विप्पनपेल्ली, 50 वर्षीय वागीसन सनमुगराजा और 39 वर्षीय सुनील थियाथ को नॉर्थ लनार्कशायर के एयरड्री शेरिफ कोर्ट में पेश किया गया। 27 दिसंबर को हुई पेशी के दौरान ईस्टबॉर्न में रहने वाले इनके कथित साथी, 34 साल की हफ़ीज़ा समरीन और 39 साल के उमर मोहम्मद को भी कोर्ट के समक्ष पेश किया गया। अदालत में अभियोजन पक्ष ने सभी लोगों पर 'धोखाधड़ी की योजना' बनाने का आरोप लगाया।
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इस मामले में स्कॉटलैंड के क्राउन ऑफिस और प्रोक्यूरेटर फिस्कल सर्विस ने बताया, यह मामला अदालत की अवमानना अधिनियम, 1981 के तहत चल रहा है। स्कॉटलैंड पुलिस के मुताबिक, अधिकारियों को यूके की राष्ट्रीय अपराध एजेंसी के राष्ट्रीय आर्थिक अपराध केंद्र से मदद मिली थी। संयुक्त कार्रवाई के दौरान अन्य पुलिस बलों का भी सहयोग मिला। गिरफ्तारियां लंदन के ईस्टबॉर्न और स्टैनस्टेड, डेगनहम और ईस्ट हैम के तटीय शहरों में हुईं। पुलिस धोखाधड़ी योजना की जांच जारी रखेगी।