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India-US Ties: विशेषज्ञ बोले- ट्रंप प्रशासन में भारत की स्थिति बेहतर, लेकिन शुल्क व आव्रजन की बधाएं भी रहेंगी

Sat, 18 Jan 2025 02:14 AM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, वाशिंगटन
एजेंसी, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sat, 18 Jan 2025 02:14 AM IST
सार

अमेरिका में 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। उनके कार्यकाल में भारत के साथ रिश्ते कैसे रहेंगे यह अहम सवाल है। इस पर ओआरएफ अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव ने कहा, ट्रंप प्रशासन में भारत की स्थिति बेहतर रहने का अनुमान है। उन्होंने कहा कि ट्रंप की नीतियों से कई मुद्दों पर भारत सीधे-सीधे प्रभावित नहीं होगा।

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India US Relations During Donald Trump second term Expert says eyes on tarrif and immigration
ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर - फोटो : एएनआई

विस्तार

अमेरिका में मशहूर भारतवंशी विशेषज्ञ ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन में भारत की स्थिति अपेक्षाकृत काफी अच्छी है। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति भारत को समस्या के रूप में नहीं देखते हैं, लेकिन शुल्क व वैध आव्रजन के मुद्दे पर बाधाएं आ सकती हैं।

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ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ओआरएफ) अमेरिका के कार्यकारी निदेशक ध्रुव जयशंकर ने ट्रंप के शपथग्रहण समारोह के कुछ दिनों पहले खास बातचीत में कहा, मैं हमेशा कहता हूं कि भारत ट्रंप प्रशासन के तहत अपेक्षाकृत काफी बेहतर स्थिति में है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिकी सहयोगी मुफ्त में बहुत कुछ पा रहे हैं। उन्हें विदेशी सहायता पसंद नहीं है। कई मुद्दों पर भारत सीधे-सीधे प्रभावित नहीं होने जा रहा है, क्योंकि वह नई दिल्ली को समस्या के रूप में नहीं देखते।
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व्यापार और आप्रवास के मुद्दे में आएंगी कुछ रुकावटें
विश्व शास्त्र नामक किताब के लेखक ध्रुव ने कहा, मुझे लगता है कि दो मुद्दे हैं, जहां कुछ रुकावटें आएंगी। व्यापार, जहां भारत अमेरिका के साथ काफी बड़ा व्यापार अधिशेष प्राप्त करता है। मुझे लगता है कि पहले कुछ महीनों में बातचीत मुश्किल हो सकती है, लेकिन संभावना है कि जल्द यह एक अच्छी स्थिति में पहुंच जाएगी। छह महीने या एक साल के भीतर, दोनों देश व्यापक समझौता कर लेंगे, जहां दोनों पक्ष आर्थिक जुड़ाव की शर्तों को समझेंगे। दूसरा मुद्दा आप्रवास का है, जो मुश्किल हो सकता है। यह बिना दस्तावेज वाले प्रवासियों के मामले में बहुत स्पष्ट है, लेकिन मुझे लगता है कि वैध प्रवास का सवाल भी अमेरिका में पहले से ही एक मुद्दा बन चुका है।
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चीन ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी अनिश्चितता
चीन से संबंधित सवाल पर ध्रुव ने कहा, बीजिंग ट्रंप प्रशासन की सबसे बड़ी अनिश्चितताओं में से एक है। कम से कम अब तक घोषित नियुक्तियों के आधार पर सबसे प्रमुख दृष्टिकोण यह है कि चीन को अमेरिका के एक व्यवस्थित प्रतियोगी के रूप में देखा जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ ऐसे भी लोग हैं, जो मानते हैं कि चीन प्रतिस्पर्धी बना हुआ है।

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