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भारत का पाकिस्तान पर निशाना: कहा- सीमापार आतंक में शामिल देश उठा रहे साइबर विशेषज्ञता का फायदा

Wed, 30 Jun 2021 04:17 AM IST
देव कश्यप एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र
एजेंसी, संयुक्त राष्ट्र Published by: देव कश्यप Updated Wed, 30 Jun 2021 04:17 AM IST
सार

  • संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की ऑनलाइन बैठक में विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने पड़ोसी देश को घेरा, कहा- युवाओं की भर्ती करने, नफरत बढ़ाने और धन उगाही में कर रहे साइबर क्षेत्र का इस्तेमाल

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India says in United Nations Security Council Countries involved in cross-border terrorism are taking advantage of cyber expertise
विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

विस्तार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मंगलवार को एक बार फिर बिना नाम लिए पाकिस्तान पर निशाना साधा। विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा कि सीमापार आतंक के आधुनिक रूपों में शामिल कुछ देश अपने राजनीतिक और सुरक्षा से संबंधित अपने मकसद को पाने के लिए साइबर क्षेत्र में अपनी विशेषज्ञता का लाभ उठा रहे हैं।

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विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में ’अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा: साइबर सुरक्षा’ विषय पर ऑनलाइन बैठक को वर्चुअल रूप से संबोधित करते हुए कहा, 'दुनिया भर में आतंकी अपने दुष्प्रचार को फैलाने, नफरत और हिंसा को बढ़ावा देने, युवाओं की भर्ती करने तथा धन उगाही के लिए साइबर क्षेत्र का इस्तेमाल कर रहे हैं।'
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उन्होंने कहा, 'दुनिया भर में स्वास्थ्य तथा ऊर्जा सुविधाओं समेत महत्वपूर्ण राष्ट्रीय ढांचों पर हमले के जरिये और कट्टरता के रास्ते सामाजिक सौहार्द को बाधित करके देश की सुरक्षा के साथ समझौते के लिए साइबर क्षेत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है।' उन्होंने कहा, 'आतंकवाद से पीड़ित भारत ने हमेशा इस बात पर गौर किया है कि सदस्य देश साइबर क्षेत्र का इस्तेमाल आतंकवादी गतिविधियों के लिए होने पर रणनीतिक तरीके से ध्यान दें और उससे निपटें।'
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साइबर सुरक्षा के खतरों की नहीं कर सकते अनदेखी
विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने कहा, सुरक्षा परिषद की स्थापना के समय से शांति का अर्थ एक ही है। वहीं पिछले कुछ दशकों में संघर्ष की प्रकृति और उसके संसाधन आमूलचूल तरीके से बदल गए हैं। उन्होंने कहा, हम सदस्य देशों के सामने साइबर क्षेत्र से उभरते सुरक्षा खतरों को देख रहे हैं, जिन्हें लंबे समय तक अनदेखी नहीं कर सकते। आतंकियों ने हमलों को अंजाम देने और दहशत फैलाने के लिए भी सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया है।

महामारी में स्कूल बंद होने से बच्चों को भर्ती कर रहे आतंकी संगठन
बता दें कि इससे पहले सोमवार को भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में कहा कि दुनिया भर में आतंकी संगठनों में बड़ी संख्या में बच्चों को भर्ती किया जा रहा है। खास तौर पर कोरोना महामारी के दौरान स्कूल बंद होने की वजह से आतंकी संगठनों ने इसका जमकर फायदा उठाया और बच्चों को आतंकी गतिविधियों में लगाया। भारत ने कहा है कि यह एक खतरनाक और चिंताजनक प्रवृत्ति है। भारत ने साथ ही इसके लिए जिम्मेदार सभी तत्वों को मिलने वाले संरक्षण को खत्म करने का आह्वान किया।


विदेश सचिव हर्षवर्धन शृंगला ने सुरक्षा परिषद में ‘सशस्त्र संघर्ष और बच्चे’ विषय पर खुली बहस में कहा, कोरोना महामारी ने सशस्त्र संघर्ष की स्थितियों में बच्चों पर काफी नकारात्मक प्रभाव डाला है। शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सेवाओं तक पहुंच में आज एक अड़चन देखने को मिल रही है। यह बहुत अहम है कि देश बाल संरक्षण संबंधी चिंताओं को ज्यादा अहमियत दें। उन्होंने कहा, इस समय में बच्चे आसानी से किसी गलत समूह का शिकार हो सकते हैं। स्कूल बंद होने से आतंकी संगठनों या हिंसक चरमपंथी विचारधारा वाले समूहों को बच्चों को बरगलाने का एक अवसर मिल गया है। शिक्षा के लिए अपनाए जा रहे ऑनलाइन माध्यमों के जरिये भी ऐसे आतंकी संगठन बच्चों को निशाना बना सकते हैं।

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