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India-Pakistan: भारत-पाकिस्तान के बीच फिर शुरू होगा व्यापारिक संबंध? जानें PAK में क्या बोले भारतीय उच्चायुक्त
Sat, 18 Mar 2023 11:56 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Sat, 18 Mar 2023 11:56 AM IST
सार
भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, 'भारत हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहता है क्योंकि हम अपना भूगोल नहीं बदल सकते।' उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंधों की ओर बढ़ना चाहते हैं। हमने पाकिस्तान के साथ व्यापार भी नहीं रोका। पाकिस्तान ने खुद व्यापारिक रिश्तों को रोका है।
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भारत-पाकिस्तान
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पाकिस्तान में भारत के उप उच्चायुक्त सुरेश कुमार ने शुक्रवार को लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (एलसीसीआई) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने साफ किया कि भारत की तरफ से कभी भी पाकिस्तन के साथ व्यापारिक रिश्तों को खत्म नहीं किया गया। उन्होंने ये भी कहा कि हम व्यापारिक संबंधों को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहता है।
डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, 'भारत हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहता है क्योंकि हम अपना भूगोल नहीं बदल सकते।' उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंधों की ओर बढ़ना चाहते हैं। हमने पाकिस्तान के साथ व्यापार भी नहीं रोका। पाकिस्तान ने खुद व्यापारिक रिश्तों को रोका है।
कुमार ने कहा, 'यह देखना बेहतर होगा कि हम अपनी समस्याओं और स्थितियों को कैसे बदल सकते हैं।'
बता दें कि 2019 में जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित कर दिया था और इस्लामाबाद में अपने उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया।
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भारत इस बात पर कायम रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है। भारत की तरफ से इस बात पर जोर दिया गया कि पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करे और आतंकियों को बढ़ावा न दे। ये सुनिश्चित करना पाकिस्तान का काम है।
कोरोना के चलते वीजा की संख्या में गिरावट आई
आंकड़ों से पता चलता है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार 2020-21 में 329.26 मिलियन अमरीकी डालर और 2019-20 में 830.58 मिलियन अमरीकी डालर था। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय दूतावास द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए वीजा की संख्या में गिरावट आई है। बहरहाल, उन्होंने जोर देकर कहा कि संख्या अब बढ़ गई है, क्योंकि हर साल 30,000 वीजा जारी किए जा रहे थे, जो उन्होंने कहा कि "एक बड़ी संख्या" थी।
कुमार ने कहा कि भारत सरकार भी पाकिस्तानियों को चिकित्सा और खेल वीजा जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि वे दिन गए जब कूटनीति राजनीतिक रिपोर्टों को संकलित करने पर ध्यान केंद्रित करती थी। उन्होंने कहा कि आज की कूटनीति पर्यटन, व्यापार और प्रौद्योगिकी के इर्द-गिर्द घूमती है, क्योंकि पैसा की अपनी भाषा है।
उन्होंने आगे चीन का उदाहरण दिया। बोले, भारत वर्तमान में चीन के साथ 120 बिलियन अमरीकी डालर का व्यापार कर रहा था, जिसमें व्यापार का संतुलन चीन की ओर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयात 'हमेशा गलत नहीं होते हैं और इसके फायदे भी होते हैं।'
कुमार ने कहा कि भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर है। उन्होंने आगे कहा, 'हमारा सेवा क्षेत्र काफी बढ़ा है और अब हम ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'
एलसीसीआई के अध्यक्ष काशिफ अनवर ने कहा कि आम तौर पर यह सोचा जाता था कि भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों में सुधार एक जटिल मुद्दा है जिसके लिए कई राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों को संबोधित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, 'हमारा विचार है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को सुधारने के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। वह व्यापार संबंधों को सामान्य बनाना है। इससे दोनों देशों को समान रूप से पर्याप्त आर्थिक लाभ होगा।'
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डॉन अखबार की खबर के मुताबिक, भारतीय उच्चायुक्त ने कहा, 'भारत हमेशा पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहता है क्योंकि हम अपना भूगोल नहीं बदल सकते।' उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान के साथ सामान्य संबंधों की ओर बढ़ना चाहते हैं। हमने पाकिस्तान के साथ व्यापार भी नहीं रोका। पाकिस्तान ने खुद व्यापारिक रिश्तों को रोका है।
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कुमार ने कहा, 'यह देखना बेहतर होगा कि हम अपनी समस्याओं और स्थितियों को कैसे बदल सकते हैं।'
बता दें कि 2019 में जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद पाकिस्तान ने भारत के साथ द्विपक्षीय व्यापार को निलंबित कर दिया था और इस्लामाबाद में अपने उच्चायुक्त को निष्कासित कर दिया।
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भारत इस बात पर कायम रहा है कि वह पाकिस्तान के साथ सामान्य पड़ोसी संबंधों की इच्छा रखता है। भारत की तरफ से इस बात पर जोर दिया गया कि पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म करे और आतंकियों को बढ़ावा न दे। ये सुनिश्चित करना पाकिस्तान का काम है।
कोरोना के चलते वीजा की संख्या में गिरावट आई
आंकड़ों से पता चलता है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार 2020-21 में 329.26 मिलियन अमरीकी डालर और 2019-20 में 830.58 मिलियन अमरीकी डालर था। उन्होंने इस बात पर सहमति जताई कि कोविड-19 महामारी के दौरान भारतीय दूतावास द्वारा पाकिस्तानी नागरिकों को जारी किए गए वीजा की संख्या में गिरावट आई है। बहरहाल, उन्होंने जोर देकर कहा कि संख्या अब बढ़ गई है, क्योंकि हर साल 30,000 वीजा जारी किए जा रहे थे, जो उन्होंने कहा कि "एक बड़ी संख्या" थी।
कुमार ने कहा कि भारत सरकार भी पाकिस्तानियों को चिकित्सा और खेल वीजा जारी कर रही है। उन्होंने कहा कि वे दिन गए जब कूटनीति राजनीतिक रिपोर्टों को संकलित करने पर ध्यान केंद्रित करती थी। उन्होंने कहा कि आज की कूटनीति पर्यटन, व्यापार और प्रौद्योगिकी के इर्द-गिर्द घूमती है, क्योंकि पैसा की अपनी भाषा है।
उन्होंने आगे चीन का उदाहरण दिया। बोले, भारत वर्तमान में चीन के साथ 120 बिलियन अमरीकी डालर का व्यापार कर रहा था, जिसमें व्यापार का संतुलन चीन की ओर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आयात 'हमेशा गलत नहीं होते हैं और इसके फायदे भी होते हैं।'
कुमार ने कहा कि भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बनने की राह पर है। उन्होंने आगे कहा, 'हमारा सेवा क्षेत्र काफी बढ़ा है और अब हम ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण जैसे विनिर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।'
एलसीसीआई के अध्यक्ष काशिफ अनवर ने कहा कि आम तौर पर यह सोचा जाता था कि भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों में सुधार एक जटिल मुद्दा है जिसके लिए कई राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कारकों को संबोधित करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, 'हमारा विचार है कि भारत और पाकिस्तान के बीच आर्थिक संबंधों को सुधारने के लिए जो सबसे महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है। वह व्यापार संबंधों को सामान्य बनाना है। इससे दोनों देशों को समान रूप से पर्याप्त आर्थिक लाभ होगा।'