स्विस बैंकों में जमा धन के मामले में भारत 74वें स्थान पर, ब्रिटेन सबसे आगे
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स्विस बैंकों में धन जमा करने वाले देशों की सूची में भारत एक पायदान खिसककर 74वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि ब्रिटेन शीर्ष पर कायम है। पिछले साल इस सूची में भारत 15 पायदान की छलांग लगाकर 88वें स्थान से 73वें नंबर पर रहा था। स्विस नेशनल बैंक (एसएनबी) द्वारा जारी वार्षिक बैंकिंग आंकड़ों का विश्लेषण के मुताबिक, जब बात भारतीय नागरिकों और उपक्रमों द्वारा स्विस बैंकों में जमा कुल धन की आती है तो इस सूची में भारत काफी पीछे नजर आता है। स्विस बैंकों में विदेशियों द्वारा जमा धन का महज 0.07 फीसदी धन भारतीयों का है।
वहीं, साल 2018 के अंत तक विदेशियों द्वारा कुल जमा धन में शीर्ष पर काबिज ब्रिटेन की हिस्सेदारी करीब 26 फीसदी की है। ब्रिटेन के बाद इस सूची में अमेरिका, वेस्टइंडीज, फ्रांस और हांगकांग का नंबर आता है। स्विस बैंकों में जमा विदेशी धन में से 50 फीसदी से ज्यादा इन्हीं पांच देशों के नागरिकों का है। वहीं, बैंकों में जमा धन में शीर्ष 10 देशों की हिस्सेदारी दो तिहाई है, जबकि शीर्ष 15 देशों की हिस्सेदारी करीब 75 फीसदी है।
सूची में शामिल शीर्ष 10
- ब्रिटेन
- अमेरिका
- वेस्टइंडीज
- फ्रांस
- हांगकांग
- बहामास
- जर्मनी
- लक्जमबर्ग
- केमैन आईलैंड
- सिंगापुर
ब्रिक्स देशों में भी सबसे पीछे भारत
स्विस बैंकों में जमा धन में ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका ) देशों की बात करें तो इस मामले में भारत सबसे पीछे है। ब्रिक्स देशों में रूस सबसे आगे है। सूची में उसे 20वां स्थान मिला है। उसके बाद चीन (22वें), दक्षिण अफ्रीका (60वें) और ब्राजील (65वें) का नंबर आता है।
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2007 तक शीर्ष 50 में शामिल था भारत
भारत 1996 स लेकर 2007 तक इस सूची में शीर्ष 50 में शामिल था। साल 2004 में उसका 34वां स्थान दिया गया था, जो उसकी सर्वोच्च रैंकिंग थी। हालांकि 2008 के बाद से उसकी रैंकिंग गिरने लगी। भारतीय ग्राहकों का पैसा 2018 में लगभग 6 प्रतिशत गिरकर 955 मिलियन स्विस फ्रैंक (लगभग 6,757 करोड़ रुपये) हो गया, जो दो दशकों में इसका दूसरा सबसे निचला स्तर था।