UN: 'अवैध रूप से कब्जाए इलाकों में मानवाधिकार उल्लंघन बंद करे पाकिस्तान', यूएन में गूंजा पीओके का मुद्दा
पी. हरीश ने कहा कि 'ग्लोबल साउथ की जरूरतों का असरदार तरीके से जवाब देने के लिए ग्लोबल फैसले लेने वाले ढांचे को ज्यादा लोकतांत्रिक और सबको साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को तेजी से समाज सेवा के तौर पर देखा जा रहा है और तरक्की को तेजी से सीमित किया जा रहा है।'
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भारतीय राजदूत ने पाकिस्तान को लगाई लताड़
भारतीय राजदूत पी. हरीश ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में 80वें यूएन दिवस के अवसर पर हुई खुली बहस के दौरान अपने बयान में कहा कि 'हम मांग करते हैं कि पाकिस्तान अवैध रूप से कब्जाए इलाकों में जारी मानवाधिकार उल्लंघन को बंद करे। वहां जनता पाकिस्तानी सेना के कब्जे, शोषण, निर्दयता और प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन के खिलाफ खुलकर विद्रोह कर रही है।' पी. हरीश ने जोर देकर कहा कि 'जम्मू कश्मीर हमेशा भारत का अभिन्न अंग रहा है और हमेशा रहेगा। जम्मू कश्मीर के लोग भारत की लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार अपने मौलिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हैं। बेशक ये बातें पाकिस्तान के लिए अजूबा ही हैं।'
#WATCH | PR of India to the UN, Parvathaneni Harish's complete address at the UNSC Open Debate on ‘The United Nations Organization: Looking into the Future’
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(Source: India at UN, NY/X) pic.twitter.com/67rUwFwtfz — ANI (@ANI) October 25, 2025
संयुक्त राष्ट्र संघ में सुधार की मांग उठाई
भारतीय राजदूत पी हरीश ने संयुक्त राष्ट्र की वैधानिकता, विश्वसनीयता और मौजूदा समय में इसकी जरूरत पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ की स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद हुई और यह अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की उम्मीद था। उन्होंने कहा कि ग्लोबल साउथ की जरूरतों का असरदार तरीके से जवाब देने के लिए ग्लोबल फैसले लेने वाले ढांचे को ज्यादा लोकतांत्रिक और सबको साथ लेकर चलने वाला होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय सहयोग को तेजी से समाज सेवा के तौर पर देखा जा रहा है और तरक्की को तेजी से सीमित किया जा रहा है। ग्लोबल साउथ के नागरिकों की विकास और उम्मीदों को पूरा करने के लिए जरूरी संसाधनों और तकनीक तक पहुंच कम होती जा रही है। पी. हरीश ने कहा कि ऐसा तरीका जो तरक्की और खुशहाली को वैश्विक नजरिए से नहीं देखता, वह न तो टिकाऊ है और न ही नैतिक तौर पर सही है।
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