फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   India in favour of expansion of UNSC membership in both permanent and non-permanent categories Ruchira Kamboj

UNSC: भारत ने कहा- यूएन सुरक्षा परिषद में सिर्फ अस्थायी श्रेणी में विस्तार करने से नहीं होगा समस्या का समाधान

Wed, 05 Apr 2023 02:10 AM IST
गुलाम अहमद वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: गुलाम अहमद Updated Wed, 05 Apr 2023 02:10 AM IST
सार

भारत ने संयुक्त राष्ट्र के 2015 के फ्रेमवर्क दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के 122 में से 113 सदस्य दोनों मौजूदा श्रेणियों में विस्तार का समर्थन करते हैं। इसका अर्थ यह है कि दस्तावेज में 90 प्रतिशत से अधिक लिखित प्रस्तुतियां दोनों श्रेणियों की सदस्यता के विस्तार के पक्ष में हैं। फिर स्थायी सदस्यता का भी विस्तार क्यों किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
India in favour of expansion of UNSC membership in both permanent and non-permanent categories Ruchira Kamboj
Ruchira Kamboj, Ambassador of India to UN - फोटो : ANI

विस्तार

संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में अपनी स्थायी सीट के लिए भारत के दावे का बचाव करते हुए कहा कि अस्थायी सदस्यता का विस्तार करने से दोनों श्रेणी के सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ जाएगा।

विज्ञापन


यूएनएससी को संबोधित करते हुए कंबोज ने कहा, भारत स्थायी और अस्थायी दोनों श्रेणियों में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सदस्यता के विस्तार के पक्ष में है लेकिन सिर्फ अस्थायी श्रेणी में विस्तार करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। यह स्थायी और अस्थायी सदस्यों के बीच के अंतर को और भी अधिक बढ़ा देगा और यह चीज वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के लिए उचित नहीं है। सुरक्षा परिषद की वर्तमान संरचना समकालीन वास्तविकताओं को प्रतिबिंबित नहीं करती है। इसमें सुधार की तत्काल आवश्यकता है।
विज्ञापन


विस्तार के पक्ष में हैं 122 में से 113 सदस्य
कंबोज ने संयुक्त राष्ट्र के 2015 के फ्रेमवर्क दस्तावेज का हवाला देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र के 122 में से 113 सदस्य दोनों मौजूदा श्रेणियों में विस्तार का समर्थन करते हैं। इसका अर्थ यह है कि दस्तावेज में 90 प्रतिशत से अधिक लिखित प्रस्तुतियां दोनों श्रेणियों की सदस्यता के विस्तार के पक्ष में हैं। फिर स्थायी सदस्यता का भी विस्तार क्यों किया जाना चाहिए।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed