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US-India Ties: क्या अमेरिका ने मानी भारत से संबंध की अहमियत? ट्रंप सरकार के अफसर बोले- संभावित रणनीतिक साझेदार
Thu, 18 Dec 2025 10:09 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क/वॉशिंगटन।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 18 Dec 2025 10:09 AM IST
सार
US-India Ties: अमेरिका ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के नेतृत्व में पैक्स सिलिका पहल में भारत शामिल नहीं है, लेकिन वह आपूर्ति श्रृंखला की सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में उसे संभावित रणनीतिक साझेदार मानता है। अमेरिक विदेश मंत्रालय के अवर सचिव ने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए वह रोजाना बातचीत कर रहे हैं।
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डोनाल्ड ट्रंप, नरेंद्र मोदी
- फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
अमेरिका के नेतृत्व वाली नई रणनीतिक पहल 'पैक्स सिलिका' में भले ही भारत को शामिल नहीं किया गया है। लेकिन वॉशिंगटन ने कहा कि वह आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा से जुड़े प्रयासों में भारत को 'अत्यंत रणनीतिक संभावित भागीदार' के रूप में देखता है और नई दिल्ली के साथ बातचीत का स्वागत करता है।
आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने बुधवार को विदेशी पत्रकारों से कहा कि अमेरिका, भारत के साथ आर्थिक सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर लगातार बातचीत कर रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' नाम की रणनीतिक पहल का एलान किया, जिसका मकसद सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित, समृद्ध और नवाचार-आधारित बनाना है। यह पहल खनिज, ऊर्जा, आधुनिक विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, एआई ढांचा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है।
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इस पहल में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। लेकिन इसमें भारत को शामिल नहीं किया गया। क्वाड देशों में केवल भारत को छोड़ अन्य सभी इस पहल का हिस्सा हैं।
हेलबर्ग ने माना कि भारत को पैक्स सिलिका में शामिल न किए जाने को लेकर 'काफी अटकलें' थीं। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अमेरिका-भारत के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, भारत के साथ व्यापार से जुड़ी वार्ता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा पर बातचीत पूरी तरह अलग हैं। हम भारत को इस क्षेत्र में अत्यंत रणनीतिक संभावित भागीदार मानते हैं और उनके साथ सहयोग करने के अवसर का स्वागत करते हैं। हेलबर्ग ने कहा कि वह दिल्ली में संपर्कों के साथ लगभग रोजाना बातचीत कर रहे हैं और भारत के साथ सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
ये भी पढ़ें: व्हाइट हाउस के पास कैसे टकराए विमान और हेलिकॉप्टर: ट्रंप प्रशासन ने मानी एफएए की चूक; 67 लोगों की हुई थी मौत
उन्होंने यह भी कहा कि वह फरवरी में भारत में आयोजित होने वाले 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में भाग लेंगे, जिससे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और ठोस उपलब्धियां तय करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि पैक्स सिलिका पहल का मकसद सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना है। हेलबर्ग ने कहा कि पहल में शुरुआत में शामिल किए गए देशों का चयन सेमीकंडक्टर निर्माण पर केंद्रित था, क्योंकि ये देश (सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान और नीदरलैंड) इस उद्योग का 'केंद्र' हैं।
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आर्थिक मामलों के अवर सचिव जैकब हेलबर्ग ने बुधवार को विदेशी पत्रकारों से कहा कि अमेरिका, भारत के साथ आर्थिक सुरक्षा सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर लगातार बातचीत कर रहा है। पिछले हफ्ते अमेरिका ने 'पैक्स सिलिका' नाम की रणनीतिक पहल का एलान किया, जिसका मकसद सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित, समृद्ध और नवाचार-आधारित बनाना है। यह पहल खनिज, ऊर्जा, आधुनिक विनिर्माण, सेमीकंडक्टर, एआई ढांचा और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी है।
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इस पहल में जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इस्राइल, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। लेकिन इसमें भारत को शामिल नहीं किया गया। क्वाड देशों में केवल भारत को छोड़ अन्य सभी इस पहल का हिस्सा हैं।
हेलबर्ग ने माना कि भारत को पैक्स सिलिका में शामिल न किए जाने को लेकर 'काफी अटकलें' थीं। लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया कि इसका अमेरिका-भारत के बीच मौजूदा राजनीतिक तनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा, भारत के साथ व्यापार से जुड़ी वार्ता और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा पर बातचीत पूरी तरह अलग हैं। हम भारत को इस क्षेत्र में अत्यंत रणनीतिक संभावित भागीदार मानते हैं और उनके साथ सहयोग करने के अवसर का स्वागत करते हैं। हेलबर्ग ने कहा कि वह दिल्ली में संपर्कों के साथ लगभग रोजाना बातचीत कर रहे हैं और भारत के साथ सहयोग को गहरा करने के तरीकों पर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि वह फरवरी में भारत में आयोजित होने वाले 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट' में भाग लेंगे, जिससे व्यक्तिगत रूप से मुलाकात करने और ठोस उपलब्धियां तय करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने बताया कि पैक्स सिलिका पहल का मकसद सिलिकॉन आपूर्ति श्रृंखला को सुरक्षित करना है। हेलबर्ग ने कहा कि पहल में शुरुआत में शामिल किए गए देशों का चयन सेमीकंडक्टर निर्माण पर केंद्रित था, क्योंकि ये देश (सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान और नीदरलैंड) इस उद्योग का 'केंद्र' हैं।