{"_id":"5df201068ebc3e87f34d74d3","slug":"india-bangladesh-nepal-lead-the-world-in-child-registration-united-nations","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारत, बांग्लादेश, नेपाल ने शिशु पंजीकरण में हुई प्रगति: संयुक्त राष्ट्र","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
भारत, बांग्लादेश, नेपाल ने शिशु पंजीकरण में हुई प्रगति: संयुक्त राष्ट्र
Thu, 12 Dec 2019 02:40 PM IST
अनवर अंसारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: अनवर अंसारी
Updated Thu, 12 Dec 2019 02:40 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि पिछले दशक में शिशुओं के जन्म के पंजीकरण में शानदार प्रगति हुई है। भारत, बांग्लादेश और नेपाल जैसे दक्षिण एशियाई देशों ने दुनिया को इस मसले पर प्रगति में काफी मदद की है।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र के बालकोष ने बुधवार को जारी नई रिपोर्ट ‘सभी बच्चों का 2030 तक जन्म पंजीकरण: क्या हम सही दिशा में हैं?’ में कहा कि वर्ष 2000 तक पांच साल की उम्र के 10 में से छह शिशुओं का पंजीकरण हुआ था जो अब बढ़कर प्रति चार में से तीन शिशुओं पर पहुंच गया है। यह प्रगति मुख्य तौर पर पिछले 10 साल में हासिल की गई है।
विज्ञापन
रिपोर्ट में 174 देशों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले 10 साल के दौरान पांच साल की उम्र तक के शिशुओं का पंजीकरण 63 प्रतिशत से बढ़कर 75 प्रतिशत पर पहुंच गया है।
विज्ञापन
संयुक्तराष्ट्र ने कहा कि इस दिशा में वैश्विक प्रगति की अगुवाई दक्षिण एशिया विशेषकर भारत, बांग्लादेश और नेपाल जैसे देशों ने की है। भारत में 2005-2006 के दौरान पांच साल तक की उम्र वाले शिशुओं का पंजीकरण 41 प्रतिशत पर था, जो अब बढ़कर एक दशक बाद 80 प्रतिशत पर पहुंच गया है।