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यूएन में भारत: जब उठा कश्मीर का मुद्दा तब अकेले ही पाकिस्तान के पीएम और विदेश मंत्रियों पर भारी रहीं सुषमा स्वराज

Sat, 25 Sep 2021 08:21 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र Updated Sat, 25 Sep 2021 08:21 PM IST
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सार
2014 के बाद एक दौर ऐसा भी था, जब भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने तीखे तेवरों से पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों से लेकर उनके प्रधानमंत्रियों तक की बोली बंद कर चुकी हैं। हम आपको बता रहे हैं 2014 के बाद से यूएन में भारत की ओर से दिए गए वो भाषण जिनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की जबरदस्त फजीहत हुई।
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India at United Nation Sushma Swaraj alone Attacked Pakistan PM Terrorrism Jammu And Kashmir Latest News Update
सुषमा स्वराज (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

भारत और पाकिस्तान के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा में टकराव कोई नई बात नहीं है। जहां पिछले तीन संबोधनों में पाकिस्तान के पीएम इमरान खान ने कश्मीर मुद्दा उठाते हुए भारत पर निशाना साधना जारी रखा है, वहीं पीएम नरेंद्र मोदी ने अब अपने भाषणों में पाकिस्तान का जिक्र भी बंद कर दिया है। हालांकि, 2014 के बाद एक दौर ऐसा भी था, जब भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज अपने तीखे तेवरों से पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों से लेकर उनके प्रधानमंत्रियों तक की बोली बंद कर चुकी हैं। हम आपको बता रहे हैं 2014 के बाद से यूएन में भारत की ओर से दिए गए वो भाषण जिनसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान की जबरदस्त फजीहत हुई।



2015: सुषमा स्वराज ने की आतंकवाद छोड़ने की अपील, शरीफ ने दोहराया पुराना राग
क्या बोली थीं सुषमा स्वराज?
मार्च 2015 में जम्मू-पठानकोट हाईवे पर राजबाग पुलिस स्टेशन और सांबा में माहेश्वर के पास आर्मी कैंप में एक के बाद एक आतंकी हमलों के बाद पंजाब के गुरदासपुर में दीनानागर पुलिस स्टेशन पर भी हमला हुआ। भारत के गुस्से के बीच यूएनजीए में शरीफ ने चार बिंदुओं की एक शांति पहल का प्रस्ताव पेश किया। तब सुषमा स्वराज ने कहा था कि उन्हें चार बिंदुओं की नहीं, सिर्फ एक बिंदु की जरूरत है और वो यह कि पाकिस्तान को भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों को रोकने की जरूरत है। 


सुषमा स्वराज ने यूएन में कहा था, "मैं इस मौके पर पाकिस्तान के साथ रिश्तों में आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती मानती हूं। हम सभी जानते हैं कि यह हमले भारत को डिगाने और हमारे पास बचे जम्मू-कश्मीर राज्य पर भी पाकिस्तान के अवैध कब्जे को वैध बनाने के लिए किए जा रहे हैं। इस मौके पर मुझे अपनी बात स्पष्ट कहनी चाहिए। भारत वार्ता के लिए तैयार है। लेकिन आतंक और बातचीत साथ नहीं चल सकतीं। कल पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने शांति वार्ता के चार बिंदु पेश किए। मैं कहना चाहती हूं कि हमें चार बिंदुओं की नहीं, सिर्फ एक की जरूरत है और वह यह कि आतंकवाद छोड़िए और बैठकर बात कीजिए।" 

क्या था नवाज शरीफ का बयान?
पाकिस्तान के पीएम ने अपने 2014 के यूएन में दिए बयान की कॉपी को आईएसआई के इशारे पर नए सिरे से ढाला और एक बार फिर कश्मीर का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा, "1947 से कश्मीर मुद्दे का हल नहीं निकल पाया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव अब तक लागू नहीं हुआ है। कश्मीर की तीन पीढ़ियां इन्हीं टूटे हुए वादों में जी रही है। करीब एक लाख लोग अपनी अलग पहचान के लिए संघर्ष करते हुए जान गंवा चुके हैं। यह संयुक्त राष्ट्र की सबसे बड़ी असफलता है।"

"जब मैंने 2013 में तीसरी बार प्रधानमंत्री का पद संभाला तो मेरी पहली प्राथमिकता भारत के साथ रिश्ते सुधारने की थी। लेकिन आज भी एलओसी पर सीजफायर उल्लंघन जारी है, जिससे आम नागरिकों की जान जाती है।"

2016: पठानकोट-उड़ी हमलों के बाद भारत ने शांति वार्ता की पहल छोड़ी
भारत में पाकिस्तान की ओर से किए गए आतंकी हमलों को लेकर जबरदस्त गुस्सा था। खासकर पठानकोट और उड़ी में हुए हमलों को लेकर यूएनजीए में भारत की तरफ से किसी तरह की वार्ता की कोशिश खत्म हो चुकी थी। पाकिस्तान ने आतंकी बुरहान वानी की मौत का मुद्दा यूएनजीए में उठाकर आगे किसी भी वार्ता की सारी उम्मीदें खत्म कर दी थीं। इस बैठक में सुषमा स्वराज ने पहली बार पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया। 

क्या बोले थे नवाज शरीफ?
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने यूएनजीए को संबोधित करते हुए अपने पुराने भाषण को तीसरी बार दोहराया। उन्होंने कहा था, "कश्मीरियों के एक पीढ़ी भारत के अवैध कब्जे के खिलाफ खड़ी हो गई है। कश्मीरियों के युवा नेता बुरहान वानी की मौत ने कश्मीर में इंतिफदा ला दिया है। यह अभियान खुद कश्मीरी चला रहे हैं। मैं महासभा के साथ एक डोजियर साझा करना चाहूंगा, जिसमें कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन के सबूत मौजूद हैं। 

क्या बोली थीं सुषमा स्वराज?
जब पाकिस्तान ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन का मुद्दा उठाया, तो सुषमा स्वराज ने बलूचिस्तान में मानवाधिकार पर पाक को घेर लिया। विदेश मंत्री ने कहा कि हमारे बीच में कुछ देश आज भी आतंकवाद की भाषा बोल रहे हैं। ये देश आतंकवाद को पालते हैं, इसे फैलाते हैं और आतंकवाद निर्यात करते हैं। आतंकियों को पनाह देना उनकी पहचान बना चुका है। हमें ऐसे देशों की पहचान कर के उनकी जिम्मेदारी तय करनी 

"21 सितंबर को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने इस मंच का इस्तेमाल हमारे देश में मानवाधिकार उल्लंघन के झूठे आरोप लगाने के लिए किया। मैं सिर्फ यही कहना चाहती हूं कि दूसरों पर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाने वालों को खुद के अंदर भी झांक के देखना चाहिए और देखना चाहिए कि उनके देश में किए जा रहे मानवाधिकार हनन के मामले में कितने भयंकर हैं, खासकर बलूचिस्तान में। बलूच लोगों के खिलाफ निर्दयता किसी देश द्वारा किए जा रहे उत्पीड़न का सबसे बुरा उदाहरण है।"

2017: सुषमा बोलीं- हम डॉक्टर, इंजीनियर बनाते हैं, आप आतंकवादी
यह वह साल था जब पाकिस्तान ने भारत के सैन्य अफसर कुलभूषण जाधव का अपहरण कर लिया था और उस पर जासूसी का आरोप लगा कर मिलिट्री कोर्ट में केस भी चला दिया। बाद में भारत इस मुद्दे को लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ जस्टिस (आईसीजे) तक गया था। 
क्या बोला पाकिस्तान?
इस बार पाकिस्तान की तरफ से यूएन में विदेश मंत्री शाहिद खकान अब्बासी बोलने पहुंचे। उन्होंने कश्मीरियों के संघर्ष पर बात की और भारत पर फिर मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप लगाया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से कश्मीर में अपराधों की जांच की मांग भी की। अब्बासी ने कहा कि यूएन महासचिव को कश्मीर में विशेष प्रतिनिधि नियुक्त करना चाहिए। यूएन में पाकिस्तान के लिए यह काफी शर्मिंदगी भरा सत्र रहा था, क्योंकि इसी साल पाकिस्तान की विशेष प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने गाजा की एक लड़की की तस्वीर दिखाते हुए उसके कश्मीर में पैलेट गन का शिकार होने का आरोप लगाया था। बाद में भारत के पलटवार पर पाकिस्तान की दुनियाभर में फजीहत हुई थी। 

सुषमा स्वराज ने फिर दिया करारा जवाब
इस मुद्दे को लेकर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान को जबरदस्त लताड़ लगाई। उन्होंने कहा, "गुरुवार को इस मंच से पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाहिद खकान अब्बादी ने अपना ज्यादातर भाषण हम पर आरोप लगाते हुए बर्बाद कर दिया। उन्होंने भारत पर आतंकवाद और मानवाधिकार उल्लंघन जैसे आरोप लगाए। लेकिन जिन्होंने भी उनका भाषण सुना वे यही सोच रहे थे कि देखो बोल कौन रहा है।"

भारत और पाकिस्तान एक-दूसरे से कुछ ही घंटों में स्वतंत्र हो गए थे। इसी लिए आज भारत को दुनिया में आईटी सुपरपावर के तौर पर जाना जाता है और पाकिस्तान को उसकी आतंकवाद की फैक्ट्री के लिए। हमने दुनिया को विद्वान, डॉक्टर और इंजीनियर दिए। लेकिन आपने क्या दिया? पाकिस्तान ने सिर्फ आतंकवाद दिया है। डॉक्टर लोगों को मौत से बचाते हैं और आतंकवादी लोगों की जान लेते हैं।"  

2018: सुषमा बोलीं- पाकिस्तान में आतंकी स्वतंत्रता सेनानी कहे जाते हैं
क्या बोले पाकिस्तान के विदेश मंत्री?

पाकिस्तान में इमरान सरकार के आने के बाद विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी यूएन में भाषण देने पहुंचे। यहां उन्होंने पेशावर के स्कूल पर 2014 में हुए हमले और जुलाई 2018 में हुए मास्तुंग हमले का जिक्र करते हुए भारत पर आतंकियों के समर्थन का आरोप लगाया। कुरैशी ने समझौता एक्सप्रेस ब्लास्ट का भी जिक्र किया। साथ ही कुलभूषण जाधव के खिलाफ कई अहम सबूत होने की बात कही। कुरैशी ने कश्मीर में मानवाधिकार उल्लंघन पर कहा, "कश्मीर पर आतंकवाद का बहाना कश्मीरी लोगों को दबाने के काम नहीं आ सकता।"

सुषमा स्वराज ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के 73वें सत्र को संबोधित किया था। 22 मिनट के अपने भाषण में उन्होंने पाक को खरी-खरी सुनाई। सुषमा ने कहा कि 26/11 का मास्टरमाइंड रैलियां करवाता है, सरेआम घूमता है। पाकिस्तान की हिमाकत देखिए कि सच सामने आने के बाद भी उनके माथे पर शिकन नहीं है। 

विदेश मंत्री ने कहा था- "भारत दशकों से आतंकवाद झेल रहा है। हमारा दुर्भाग्य है हमें अपनी चुनौती अपने पड़ोसी से मिल रही है। उस देश को अपने किए हुए को नकारने की भी पूरी आदत है। इसका सबसे बड़ा सबूत ओसामा बिन लादेन का वहां पर मिलना है। अमेरिका की खुफिया तंत्र की सफलता थी कि उन्होंने ओसामा को ढूंढ निकाला और मार गिराया।" 

सुषमा ने कहा था- "जटिल से जटिल मुद्दे बातचीत से सुलझाए जा सकते हैं। वार्ता के दौर चले हैं और उनकी हरकतों की वजह से ही ये दौर खत्म हुए हैं।" उन्होंने यह भी कहा था कि भारत के खिलाफ गलत तस्वीरें दिखाकर दुष्प्रचार करना, आरोप लगाना पाकिस्तान की आदत हो गई है। पाकिस्तान में आतंकी स्वतंत्रता सेनानी कहे जाते हैं। पाकिस्तान सरकार उनके नाम पर डाक टिकट निकालती है। ऐसी करतूतों की हम कब तक अनदेखी करते रहेंगे। अगर इसे अनदेखा किया गया, तो आतंक का दानव पूरी दुनिया को निगल जाएगा।

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