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China: 'चीन ने संबंधों की बेहतरी के लिए व्यापक सहमति पर दिया जोर'; अजीत डोभाल के दौरे के बाद बीजिंग का बयान

Thu, 19 Dec 2024 09:38 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 19 Dec 2024 09:38 PM IST
सार

चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के कीमती संसाधनों को विकास और पुनरोद्धार में लगाया जाए। यह सुनिश्चित भी किया जाना चाहिए कि सीमा विवाद के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाए। इतना ही नहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए।

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In the statement after Ajit Doval's visit China stressed on broad consensus to improve relations
एनएसए अजीत डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी (फाइल फोटो) - फोटो : X / @MEAIndia

विस्तार

भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल की चीन यात्रा के बाद दोनों देशों के बीच रिश्तों पर जमी बर्फ पिघलनी शुरू हो गई है। चीन ने संबंधों को बेहतर बनाने के लिए व्यापक सहमति पर जोर दिया है। चीन की ओर से यह बयान भारतीय एनएसए डोभाल की चीन दौरे के ठीक बाद आया है। बीजिंग दौरे पर अजीत डोभाल ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य करने पर जोर दिया गया था।

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डोभाल के चीन दौरे पर दोनों देश कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू करने समेत सीमा के रास्ते व्यापार शुरू करने पर सहमत हुए थे। डोभाल गुरुवार को ही बीजिंग से भारत रवाना हुए। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा गुरुवार को बताया कि वार्ता के बाद दोनों देशों द्वारा जारी किए गए बयानों में 'बहुत हद तक समान सार और तत्व' थे, जो व्यापक सहमति को उजागर करते हैं। लिन जियान ने कहा कि सीमा मुद्दे पर विशेष प्रतिनिधि वांग और डोभाल ने सकारात्मक और रचनात्मक रुख के साथ चीन-भारत सीमा मुद्दे पर महत्वपूर्ण वार्ता की और छह सूत्रीय सहमति पर पहुंचे।
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चीनी प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि दोनों देशों के कीमती संसाधनों को विकास और पुनरोद्धार में लगाया जाए। यह सुनिश्चित भी किया जाना चाहिए कि सीमा विवाद के मुद्दे को द्विपक्षीय संबंधों में उचित रूप से रखा जाए। इतना ही नहीं, सीमावर्ती क्षेत्रों में संयुक्त रूप से शांति और सौहार्द बनाए रखा जाए। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के संबंधों को सामान्य करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
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पांच साल बाद हुई विशेष प्रतिनिधियों की बैठक
इससे पहले बुधवार को, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल और चीनी विदेश मंत्री वांग यी  ने बीजिंग में विशेष प्रतिनिधियों की वार्ता के दौरान 'गहन चर्चा' की। बैठक के दौरान दोनों ने छह बिंदुओं पर सहमति बनाई, जिनमें सीमा पर शांति बनाए रखने और द्विपक्षीय संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास को बढ़ावा देना शामिल है। पांच साल के अंतराल के बाद हुई इस बैठक में दोनों पक्षों ने सीमा मुद्दों पर पहुंचे समाधान का सकारात्मक मूल्यांकन किया और इसके क्रियान्वयन कार्य को जारी रखने की आवश्यकता दोहराई। दोनों अधिकारियों ने माना कि सीमा विवाद को द्विपक्षीय संबंधों के समग्र दृष्टिकोण से सही तरीके से निपटाया जाना चाहिए ताकि संबंधों के विकास पर कोई असर न पड़े।

कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाल करने पर बातचीत
चीन यात्रा पर पहुंचे राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल की बुधवार को चीनी विदेश मंत्री वांग यी के साथ विशेष प्रतिनिधि स्तर (एसआर) की बैठक में दोनों देशों के बीच छह मुद्दों पर सहमति बनी, जिसमें सीमा पर शांति और स्थिरता बहाली के उपायों को आगे जारी रखना और द्विपक्षीय रिश्तों को दुरुस्त कर पटरी पर लाने के प्रयास तेज करना शामिल है। दोनों नेताओं ने कैलाश मानसरोवर यात्रा बहाल करने के अलावा सीमा पार नदियों का डाटा साझा करने और नाथूला दर्रे से व्यापार शुरू करने पर आगे बढ़ने के दिशा-निर्देश भी तय किए।

सीमा पार आवागमन और सहयोग बढ़ाने पर भी रजामंदी
दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बयानों में बताया गया कि विशेष प्रतिनिधियों ने सीमा विवाद के समाधान के लिए निष्पक्ष, उचित व पारस्परिक स्वीकार्य हल निकालने पर जोर दिया। समग्र द्विपक्षीय संबंधों का राजनीतिक परिप्रेक्ष्य बनाए रखने के महत्व को भी दोहराया। इस प्रक्रिया में और अधिक जीवंतता लाने का संकल्प भी लिया। दोनों पक्षों ने सीमा से जुड़े मुद्दों की फिर से समीक्षा, सरहदी इलाकों के प्रबंधन व नियंत्रण नियमों की बेहतरी, आपसी भरोसे को मजबूत करने और इसके जरिये सीमा पर टिकाऊ शांति हासिल करने पर सहमति जताई। सीमा पार आवागमन और सहयोग बढ़ाने पर भी रजामंदी हुई।


विशेष प्रतिनिधि स्तर की बैठक की व्यवस्था को और मजबूत करने, राजनयिक व सैन्य वार्ता के लिए समन्वय बढ़ाने और इन बैठकों के नतीजों को लागू करने के लिए सीमा मामलों के समन्वय के लिए क्रियाशील मशीनरी की जरूरत पर सहमति जताई।

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