{"_id":"60682297376b003efe4d9764","slug":"in-russia-the-hospital-is-burning-but-a-patient-open-heart-surgery-in-under-going-here-you-know-how","type":"story","status":"publish","title_hn":"मिसाल: अस्पताल में लगी थी आग, फिर भी ओपन हार्ट सर्जरी करते रहे डॉक्टर, बचाई मरीज की जान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
मिसाल: अस्पताल में लगी थी आग, फिर भी ओपन हार्ट सर्जरी करते रहे डॉक्टर, बचाई मरीज की जान
Sat, 03 Apr 2021 01:38 PM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sat, 03 Apr 2021 01:38 PM IST
सार
- रूस के ब्लागोवेश्चेंस्क शहर में शुक्रवार को एक अस्पताल में लगी आग
- अस्पताल में आग लगने के दौरान मरीज की चल रही थी ओपन हार्ट सर्जरी
- अपनी जान को जोखिम में डालकर डॉक्टरों ने मरीज की जान बचाई
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस के ब्लागोवेश्चेंस्क शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो इस कथन को पुख्ता करता है कि डॉक्टरों को भगवान का दर्जा क्यों दिया गया है। शुक्रवार को ब्लागोवेश्चेंस्क शहर के एक अस्पताल में अचानक आग लग गई। हालांकि अस्पताल में जब आग लगी, उस दौरान ऑपरेशन थिएटर में एक मरीज की ओपन हार्ट सर्जरी चल रही थी।
विज्ञापन
मौके पर पहुंचे दमकलकर्मियों को जब यह पता चला कि अस्पताल में एक ऑपरेशन चल रहा है तो उन्होंने ओटी तक आग या धुंआ ना पहुंचने के लिए जी तोड़ मेहनत की। बता दें कि दमकलकर्मचारियों को इस आग को बुझाने में करीब दो घंटे का समय लगा। हालांकि बाद में आग पर काबू पा लिया गया।
विज्ञापन
इस मामले में अस्पताल के डॉक्टर मिसाल बनकर पेश हुए, आग लगने के बाद भी उन्होंने ऑपरेशन प्रक्रिया को बीच में नहीं छोड़ा बल्कि विपरीत परिस्थितियों में भी काम किया। डॉक्टरों ने अपनी जान को जोखिम में डालकर मरीज की जान बचाना ज्यादा जरूरी समझा।
विज्ञापन
दमकलकर्मियों के मुताबिक, उन्होंने धुएं को ऑपरेशन थिएटर तक ना आने देने के लिए पंखों का इस्तेमाल किया। वहीं आठ डॉक्टरों और नर्सों की टीम ने ऑपरेशन पूरा किया। आपात स्थिति मंत्रालय के मुताबिक, ऑपरेशन पूरा होने के बाद मरीज को दूसरे अस्पताल ले जाया गया।
इस सर्जरी में शामिल डॉक्टर वैलेंटीन फिलातोव ने जानकारी दी और बताया कि हमारे पास कोई दूसरा विकल्प नहीं था। हमें किसी भी हाल में मरीज को बचाना था और इसके लिए जो बन पड़ा, हमने वो किया। आपात स्थिति मंत्रालय की ओर से जानकारी दी गई है कि जैसे अस्पताल में आग लगी, वहां से 128 लोगों को तुरंत अस्पताल से निकाला गया। मंत्रालय ने बताया कि जिस क्लिनिक में आग लगी, वो बेहद पुरानी इमारत है। मंत्रालय ने बताया कि आग लकड़ी की छत से बिजली की तरह फैल गई थी।