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पाकिस्तान: कोर्ट की मंत्री को फटकार, तीन दिन में गिलगित-बाल्टिस्तान खाली करने को कहा
Sun, 08 Nov 2020 03:30 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओके)।
एजेंसी, गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओके)।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 08 Nov 2020 03:30 AM IST
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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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पाक अधिकृत कश्मीर में गिलगित-बाल्टिस्तान को इमरान सरकार द्वारा गलत ढंग से अंतरिम प्रांत का दर्जा देने के बाद यहां चुनाव का एलान किया है। लेकिन इमरान खान की पार्टी (पीटीआई) के मंत्रियों द्वारा क्षेत्र में राजनीतिक अभियान चलाकर चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन पर गिलगित-बाल्टिस्तान मुख्य अदालत ने कड़ी फटकार लगाई और तीन दिन में क्षेत्र छोड़ने को कहा है।
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‘द न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जस्टिस मलिक हक नवाज और जस्टिस अली बेग की दो सदस्यीय खंडपीठ ने आगामी चुनावों से पहले आचार संहिता के उल्लंघन को लेकर दायर एक रिट याचिका पर यह फैसला सुनाया है।
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अदालत ने संघीय मंत्रियों और अधिकारियों को तीन दिनों में इलाका खाली करने का आदेश देते हुए गिलगित-बाल्टिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त राजा शाहबाज खान, मुख्य सचिव और सीएम को यह निर्णय जल्द लागू करने के निर्देश दिए।
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इससे पहले पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के नेता शेरी रहमान ने क्षेत्र में इमरान खान और उनके मंत्रियों पर राजनीतिक अभियान चलाकर आचार संहिता के उल्लंघन की शिकायत की थी। रहमान ने कहा, पीएम इमरान खान और एक संघीय मंत्री अमीन यहां अवैध रूप से अपना पार्टी अभियान चला रहे हैं।
पाक कब्जे के विरोध में स्थानीय लोग
गिलगित-बाल्टिस्तान क्षेत्र एक विवादित इलाका है और इस पर भारत का दावा है। पाकिस्तान द्वारा इसे राज्य का दर्जा देने पर भारत कड़ा विरोध दर्ज करा चुका है। जबकि यहां के स्थानीय निवासी भी पाकिस्तान के साथ नहीं हैं। ये लोग इस्लामाबाद के इस फैसले का लगातार विरोध कर रहे हैं। वे अवैध रूप से पाकिस्तानी कब्जे वाले क्षेत्र को एकीकृत करने के फैसले के खिलाफ हथियारबंद हैं।
असंतुष्टों को दबाने के लिए देशद्रोह कानून का इस्तेमाल
पाकिस्तानी मूल की मानवाधिकार कार्यकर्ता गुलालई इस्माइल ने कहा है कि पाक अधिकारी आतंक-रोधी, साइबर अपराध और देश में आतंकवाद को खत्म करने की कार्रवाई करने के बजाय असंतुष्टों की आवाज दबा रहे हैं।
उन्होंने पख्तून तहाफुज मूवमेंट (पीटीएम) के एक बयान में कहा कि ये अधिकारी इसके लिए देशद्रोही कानून का इस्तेमाल कर रहे हैं।
बता दें कि पीटीएम ने हाल ही में नेशनल प्रेस क्लब में एक आधिकारिक इवेंट लांच करते हुए वाशिंगटन में पख्तून, बलूच और सिंधी प्रवासियों समेत कई लोगों को एकजुट किया है। इसमें मंजूर अहमद पश्तीन डावर और अब्दुल्ला नंग्याल जैसे दिग्गज नेता शामिल हैं।
पुलिस ने दो आतंकियों को मारा
दुनिया भर में आतंक की पनाहगाह का आरोप झेल रहे पाकिस्तान में पुलिस ने दावा किया है कि उसने पूर्वी पंजाब प्रांत में अलकायदा के दो आतंकियों को मार डाला है। इस बीच दो आतंकी रात के अंधेरे का फायदा उठाकर भाग गए।
पुलिस ने कहा, आतंकियों की डेरा गाजी खान जिले में विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की योजना थी। उनके पास से पुलिस ने भारी मात्रा में गोला-बारूद जब्त किया है।