यूएन में कश्मीर मुद्दा उठाने पर 'अपने मुंह मियां मिट्ठू' बने इमरान, पत्नी को कहा शुक्रिया
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान रविवार को अपने देश वापस लौट आए हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) में कश्मीर मुद्दे पर अपने भड़काऊ बयान को लेकर उन्होंने खुद ही अपनी पीठ थपथपाई है। वह अपने इस प्रदर्शन से फूले नहीं समा रहे हैं। इमरान की तीसरी पत्नी बुशरा मनेका ने उनके लिए प्रार्थना की थी जिसके लिए खान ने उन्हें धन्यवाद कहा।
इस्लामाबाद में खान का स्वागत करने के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे पार्टी कार्यकर्ता और समर्थकों से उन्होंने कहा, 'सबसे पहले मैं अपने देश को धन्यवाद कहना चाहता हूं। जिस तरीके से आपने मेरे लिए प्रार्थना की, हम संयुक्त राष्ट्र में कश्मीरियों के मामले को ठीक तरह से रख सके। इसके लिए मैं पूरी आवाम को धन्यवाद कहना चाहता हूं।'
बुशरा ने मेरे लिए की प्रार्थना
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने आगे कहा, मैं खासतौर से बुशरा बीबी को धन्यवाद कहना चाहता हूं क्योंकि उन्होंने मेरे लिए बहुत प्रार्थना की है। पांच अगस्त को केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस ले लिया था जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है। उसे जहां मौका मिल रहा है वह कश्मीर राग अलाप रहा है। हालांकि उसे कहीं से भी किसी का साथ नहीं मिल रहा है।
कश्मीर के साथ खड़ा है पाक
खान ने कहा, 'यदि दुनिया कश्मीर के साथ खड़ी नहीं होती है तो भी पाकिस्तान उसके साथ हमेशा खड़ा रहेगा। हम उनके साथ इसलिए रहेंगे क्योंकि हम अल्लाह को खुश करना चाहते हैं। मैं आप सभी से कहना चाहता हूं कि उम्मीद न खोएं। अच्छा और बुरा समय होता है। घबराना मत क्योंकि कश्मीर के लोग आपको देख रहे हैं। उन्हें जीत मिलेगी और उन्हें आजादी मिलेगी।'
विपक्ष ने खान को लिया आड़े हाथ
इमरान ने बेशक खुद अपनी तारीफ की है लेकिन इससे वहां के विपक्षी नेता खुश नहीं हैं। विपक्षी पार्टियों ने खान और उनकी पार्टी की आलोचना की है क्योंकि वह पाकिस्तान की जनता द्वारा जिन वास्तविक मुद्दों का सामना किया जा रहा उन्हें संबोधित करने में असफल रहे। जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम-फजल पार्टी के अध्यक्ष मौलाना फजलूर रहमान ने कहा, 'खान के यूएनजीए में दिए भाषण में कीमतें बढ़ने और ढहती अर्थव्यवस्था को लेकर कुछ नहीं बोला। एक आम पाकिस्तानी की चिंता यह है कि वह मौजूदा सरकार की विफल नीतियों के तहत अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे करे।'
मुस्लिमों को लेकर दिया था भड़काऊ बयान
यूएनजीए में इमरान ने कश्मीर को इस्लाम से जोड़ते हुए कहा था कि वहां जो हो रहा है, वह मुस्लिमों को हथियार उठाने के लिए उकसाने वाला है। भारत के 18 करोड़ मुस्लिम कश्मीर के चलते कट्टरता की ओर बढ़ेंगे। दुनिया के 1.3 अरब मुस्लिम भी देख रहे हैं। अगर किसी समुदाय के लोगों को ऐसे बंधक बनाकर रखा जाएगा तो बाकी लोगों पर क्या असर होगा। वे हथियार उठाएंगे और ऐसा इस्लाम की वजह से नहीं, बल्कि मुस्लिमों पर अन्याय के कारण होगा।