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बयान: सुरक्षा परिषद में सुधार चाहते हैं आईबीएसए देश, बदलाव वर्तमान समय की मांग; पढ़ें पूरा मामला
Sat, 23 Sep 2023 11:01 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Sat, 23 Sep 2023 11:01 PM IST
सार
11वें आईबीएसए त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक में जारी साझा बयान में सुरक्षा परिषद में बदलाव की मांग की गई। कहा, बदलाव समय की मांग है। साथ ही, आतंकवाद के खात्में के लिए दुनियाभर के देशों को एकजुट होने का आह्वान किया गया।
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आईबीएसए की बैठक
- फोटो : ANI
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विस्तार
आईबीएसए देशों ने दुनिया के विभिन्न हिस्सों में भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है। भारत,ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के विदेश मंत्री शुक्रवार को 11वें आईबीएसए त्रिपक्षीय मंत्रिस्तरीय आयोग की बैठक में शामिल हुए। एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी कर कहा, दुनिया में उठी भू-राजनीतिक संघर्षों के लिए शांतिपूर्ण समाधान के लिए बातचीत और कूटनीतिक की आवश्यकता है। हथियार नियंत्रण, निरस्त्रीकरण को मजबूत करने की भी वकालत की।
आंतकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा
साझा बयान में आतंकवाद की निंदा करते हुए आंतकवाद को वैश्विक सकंट करार दिया। साथ ही कहा, हमें इससे लड़ना है और आतंकी पनाहगाहों को खत्म करना है। मंत्रियों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने की आशा व्यक्त की।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समय की मांग
उन्होंने "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों के कामकाज के तरीकों में तत्काल सुधार का आह्वान किया। ताकि उनकी प्रभावशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
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मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में व्यापक सुधार एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपक्रम बना हुआ है। सुरक्षा परिषद में सुधार को आगे बढ़ाना एक तत्काल और सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्रियों ने 2024 की पहली तिमाही में ब्राजील में विदेश मंत्रियों की एक स्टैंडअलोन बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। शेरपाओं को आईबीएसए संस्थागत विकास पर एक प्रस्ताव को विस्तृत करने का काम सौंपा।
उन्होंने विकासशील देशों की बढ़ती भागीदारी के साथ विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में एक सुधारित और अधिक प्रतिनिधि शासन संरचना की आवश्यकता पर बल दिया।
जलवायु परिवर्तन के समाधान के लिए प्रतिबद्ध
मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने सभी देशों से यूएनएफसीसीसी के सिद्धांतों, विशेष रूप से "समानता" और "सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं" के सिद्धांतों के आधार पर पेरिस समझौते के कार्यान्वयन के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।
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आंतकवाद के खिलाफ एकजुट होना होगा
साझा बयान में आतंकवाद की निंदा करते हुए आंतकवाद को वैश्विक सकंट करार दिया। साथ ही कहा, हमें इससे लड़ना है और आतंकी पनाहगाहों को खत्म करना है। मंत्रियों ने आतंकवाद विरोधी सहयोग को और गहरा करने की आशा व्यक्त की।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद समय की मांग
उन्होंने "संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समितियों के कामकाज के तरीकों में तत्काल सुधार का आह्वान किया। ताकि उनकी प्रभावशीलता, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।
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मंत्रियों ने इस बात पर जोर दिया कि संयुक्त राष्ट्र प्रणाली में व्यापक सुधार एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय उपक्रम बना हुआ है। सुरक्षा परिषद में सुधार को आगे बढ़ाना एक तत्काल और सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंत्रियों ने 2024 की पहली तिमाही में ब्राजील में विदेश मंत्रियों की एक स्टैंडअलोन बैठक आयोजित करने पर सहमति व्यक्त की। शेरपाओं को आईबीएसए संस्थागत विकास पर एक प्रस्ताव को विस्तृत करने का काम सौंपा।
उन्होंने विकासशील देशों की बढ़ती भागीदारी के साथ विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष जैसे अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों में एक सुधारित और अधिक प्रतिनिधि शासन संरचना की आवश्यकता पर बल दिया।
जलवायु परिवर्तन के समाधान के लिए प्रतिबद्ध
मंत्रियों ने जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (यूएनएफसीसीसी) के क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने सभी देशों से यूएनएफसीसीसी के सिद्धांतों, विशेष रूप से "समानता" और "सामान्य लेकिन विभेदित जिम्मेदारियों और संबंधित क्षमताओं" के सिद्धांतों के आधार पर पेरिस समझौते के कार्यान्वयन के लिए मिलकर काम करने का आग्रह किया।