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US-Iran War: ईरान युद्ध पर अमेरिका का बड़ा कबूलनामा; रक्षा मंत्री हेगसेथ बोले- हर मिसाइल रोक पाना संभव नहीं
Thu, 05 Mar 2026 04:11 AM IST
Pavan
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
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Published by: Pavan
Updated Thu, 05 Mar 2026 04:11 AM IST
सार
US-Iran War: ईरान से युद्ध के दौरान अमेरिका को भी कुछ नुकसान उठाना पड़ रहा है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ कहा है कि ईरान की ओर से दागी जाने वाली हर मिसाइल या ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं है। इस दौरान उन्होंने यह भी संकेत दिए कि यह युद्ध हफ्तों से लेकर महीनों तक चल सकता है।
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पीट हेगसेथ, अमेरिकी रक्षा मंत्री
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने स्वीकार किया है कि ईरान की ओर से दागी जाने वाली हर मिसाइल या ड्रोन को रोक पाना संभव नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी सेना की ताकत और तकनीक इतनी मजबूत है कि ईरान के हवाई क्षेत्र पर धीरे-धीरे अमेरिका का नियंत्रण बढ़ता जा रहा है। पेंटागन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका ने अपने सैनिकों और सहयोगी देशों की सुरक्षा के लिए हवाई रक्षा प्रणाली को मजबूत करने में कोई कमी नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि हमला शुरू करने से पहले ही अधिकतम सुरक्षा व्यवस्था कर दी गई थी, ताकि सैनिकों को नुकसान कम से कम हो।
यह भी पढ़ें - US: ट्रंप बोले- तेजी से नष्ट की जा रही ईरानी मिसाइलें-लॉन्चर, ओबामा के परमाणु समझौते को क्यों बताया बुरा सौदा?
अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा अब भी बना हुआ
अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन कैन ने भी साफ कहा कि अमेरिकी सैनिक अभी भी खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता और स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है। रविवार को कुवैत के एक नागरिक बंदरगाह क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। यह हमला सेना के मुख्य बेस से करीब 10 मील दूर एक ऑपरेशन सेंटर पर हुआ था। बताया गया कि यह केंद्र शिपिंग कंटेनर जैसी इमारत में बना था और वहां मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
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जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सैनिक भेज सकता है, तो जनरल कैन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि फिलहाल यह योजना का हिस्सा नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति के सामने मौजूद किसी विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
युद्ध 3 हफ्ते से लेकर 2 महीने तक चल सकता है- हेगसेथ
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने संकेत दिया कि यह संघर्ष पहले की उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध तीन हफ्ते से लेकर आठ हफ्ते तक भी चल सकता है। उनके अनुसार युद्ध की अवधि इस बात पर निर्भर करेगी कि हालात किस दिशा में बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अभी युद्ध की गति और रणनीति अमेरिका तय कर रहा है और ईरान दबाव में है। हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका लगातार इस क्षेत्र में अतिरिक्त लड़ाकू विमान और बमवर्षक भेज रहा है, ताकि अभियान को मजबूत बनाया जा सके।
अमेरिका का दावा- हथियारों की कमी नहीं
हेगसेथ और जनरल कैन दोनों ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास हथियारों और गोला-बारूद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था, लेकिन अब जब ईरान के आसमान पर नियंत्रण बढ़ गया है तो पारंपरिक लेकिन सटीक बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जनरल कैन के अनुसार अमेरिकी हमलों ने ईरान के कई मिसाइल ठिकानों और सैन्य लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से अब अमेरिकी विमान ईरान के अंदरूनी इलाकों तक जाकर हमला कर पा रहे हैं।
यह भी पढ़ें - पश्चिम एशिया संकट: हिंद महासागर में अमेरिका ने डुबोया ईरानी युद्धपोत, बढ़ता टकराव भारत के लिए चिंताजनक कैसे?
ईरान के हमलों में कमी, लेकिन खतरा बना हुआ
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार युद्ध की शुरुआत की तुलना में ईरान द्वारा दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या में लगभग 86 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले 24 घंटों में भी इसमें करीब 23 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा एक-तरफा हमला करने वाले ड्रोन के इस्तेमाल में भी लगभग 73 प्रतिशत की कमी देखी गई है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान संभवतः अपने कुछ हथियार भविष्य के लिए बचाकर रख रहा है ताकि युद्ध लंबा खींच सके।
पश्चिम एशिया से अमेरिकी नागरिकों की निकासी
इस बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया के 14 देशों में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी है। क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई जगहों का हवाई क्षेत्र बंद हो गया है और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 6,500 अमेरिकियों को क्षेत्र से निकालने में मदद की गई है। वहीं शनिवार से अब तक 17,500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक पश्चिम एशिया से अमेरिका लौट चुके हैं, जिनमें से अधिकांश लोग व्यावसायिक उड़ानों के जरिए लौटे हैं।
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अमेरिकी सैनिकों के लिए खतरा अब भी बना हुआ
अमेरिकी सेना के शीर्ष अधिकारी और ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष जनरल डैन कैन ने भी साफ कहा कि अमेरिकी सैनिक अभी भी खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि युद्ध के दौरान जोखिम पूरी तरह खत्म नहीं होता और स्थिति को गंभीरता से देखने की जरूरत है। रविवार को कुवैत के एक नागरिक बंदरगाह क्षेत्र में ईरानी ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी। यह हमला सेना के मुख्य बेस से करीब 10 मील दूर एक ऑपरेशन सेंटर पर हुआ था। बताया गया कि यह केंद्र शिपिंग कंटेनर जैसी इमारत में बना था और वहां मजबूत सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
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जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सैनिक भेज सकता है, तो जनरल कैन ने इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने भी कहा कि फिलहाल यह योजना का हिस्सा नहीं है, लेकिन राष्ट्रपति के सामने मौजूद किसी विकल्प को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।
युद्ध 3 हफ्ते से लेकर 2 महीने तक चल सकता है- हेगसेथ
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने संकेत दिया कि यह संघर्ष पहले की उम्मीद से ज्यादा लंबा चल सकता है। उन्होंने कहा कि युद्ध तीन हफ्ते से लेकर आठ हफ्ते तक भी चल सकता है। उनके अनुसार युद्ध की अवधि इस बात पर निर्भर करेगी कि हालात किस दिशा में बढ़ते हैं। उन्होंने कहा कि अभी युद्ध की गति और रणनीति अमेरिका तय कर रहा है और ईरान दबाव में है। हेगसेथ ने बताया कि अमेरिका लगातार इस क्षेत्र में अतिरिक्त लड़ाकू विमान और बमवर्षक भेज रहा है, ताकि अभियान को मजबूत बनाया जा सके।
अमेरिका का दावा- हथियारों की कमी नहीं
हेगसेथ और जनरल कैन दोनों ने कहा कि अमेरिकी सेना के पास हथियारों और गोला-बारूद की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि युद्ध की शुरुआत में अमेरिका ने अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया था, लेकिन अब जब ईरान के आसमान पर नियंत्रण बढ़ गया है तो पारंपरिक लेकिन सटीक बमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। जनरल कैन के अनुसार अमेरिकी हमलों ने ईरान के कई मिसाइल ठिकानों और सैन्य लक्ष्यों को नुकसान पहुंचाया है। इसी वजह से अब अमेरिकी विमान ईरान के अंदरूनी इलाकों तक जाकर हमला कर पा रहे हैं।
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ईरान के हमलों में कमी, लेकिन खतरा बना हुआ
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार युद्ध की शुरुआत की तुलना में ईरान द्वारा दागी जा रही बैलिस्टिक मिसाइलों की संख्या में लगभग 86 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले 24 घंटों में भी इसमें करीब 23 प्रतिशत गिरावट दर्ज की गई है। इसके अलावा एक-तरफा हमला करने वाले ड्रोन के इस्तेमाल में भी लगभग 73 प्रतिशत की कमी देखी गई है। हालांकि अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि ईरान संभवतः अपने कुछ हथियार भविष्य के लिए बचाकर रख रहा है ताकि युद्ध लंबा खींच सके।
पश्चिम एशिया से अमेरिकी नागरिकों की निकासी
इस बीच अमेरिका ने पश्चिम एशिया के 14 देशों में रह रहे अपने नागरिकों को तुरंत वहां से निकलने की सलाह दी है। क्षेत्र में लगातार मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण कई जगहों का हवाई क्षेत्र बंद हो गया है और बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द हो रही हैं। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक करीब 6,500 अमेरिकियों को क्षेत्र से निकालने में मदद की गई है। वहीं शनिवार से अब तक 17,500 से ज्यादा अमेरिकी नागरिक पश्चिम एशिया से अमेरिका लौट चुके हैं, जिनमें से अधिकांश लोग व्यावसायिक उड़ानों के जरिए लौटे हैं।
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