फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Guinea's junta leader is confirmed president-elect after first vote since 2021 coup

गिनी: जनरल मामादी डूम्बूया का अगला राष्ट्रपति बनना तय, सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी जीत को बरकरार रखा

Mon, 05 Jan 2026 03:52 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोनाक्री (गिनी)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोनाक्री (गिनी) Published by: निर्मल कांत Updated Mon, 05 Jan 2026 03:52 PM IST
सार

Guinea: जनरल मामादी डूम्बूया का गिनी का अगला राष्ट्रपति बनना लगभग तय है, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जीत को बरकार रखा है। विपक्ष के नेता येरो बाल्डे ने उनकी जीत को शीर्ष कोर्ट में चुनौती दी थी। 

विज्ञापन
Guinea's junta leader is confirmed president-elect after first vote since 2021 coup
मामादी डूम्बूया - फोटो : एक्स/मामादी डूम्बूया

विस्तार

गिनी के सुप्रीम कोर्ट ने रविवार को जनरल मामादी डूम्बूया की चुनावी जीत को बरकरार रखा। इसके साथ ही गिनी में तख्तापलट करने के चार साल बाद उनका लोकतांत्रिक रूप से राष्ट्रपति के रूप में सत्ता में आना तय हो गया।
विज्ञापन


चुनाव आयोग के मुताबिक, डूम्बूया ने 2021 के तख्तापलट के बाद हुए देश के पहले चुनाव में 86.7 फीसदी वोट हासिल किए। विश्लेषकों ने पहले राजधानी कोनाक्री में उनकी जीत संभावना जताई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने आधिकारिक रूप से इसकी पुष्टि कर दी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: बांग्लादेश के हिंदू नेता का नामांकन रद्द, अब फैसले को चुनौती देने की तैयारी, जानिए मामला
विज्ञापन
विज्ञापन


रविवार देर रात अपने संबोधन में डूम्बूया ने कहा, आज न कोई विजेता है और न कोई हारने वाला। पूरा गिनी एक है, जो एकजुट और अटूट है। उन्होंने नागरिकों से शांतिपूर्ण, न्यायपूर्ण, साझा समृद्धि वाला और पूरी तरह से राजनीतिक व आर्थिक संप्रभुता वाला नया गिनी बनाने का आह्वान किया।

दूसरे नंबर पर रहे येरो बाल्डे ने दायर की थी याचिका
दूसरे स्थान पर रहे येरो बाल्डे को 6.59 फीसदी वोट मिले। उन्होंने चुनाव आयोग पर डूम्बूया के पक्ष में नतीजों में हेरफेरी का आरोप लगाया था और याचिका दायर की थी। हालांकि, अधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से एक दिन पहले उन्होंने अपनी याचिका वापस ले ली थी।

नए संविधान के तहत कराए गए चुनाव
यह चुनाव नए संविधान के तहत 28 दिसंबर को कराया गया था, जिसमें सैन्य नेतृत्व के चुनाव लड़ने पर लगी रोक हटा दी गई और राष्ट्रपति का कार्यकाल पांच साल से बढ़ाकर सात साल कर दिया गया।

तख्तापलट के बाद राजनीतिक विरोधियों पर सख्ती
आलोचकों का कहना है कि 2021 के तख्तापलट के बाद से डूम्बूया ने राजनीतिक विरोधियों पर सख्ती की है, जिसके कारण चुनाव में शामिल आठ अन्य उम्मीदवारों में से कोई भी बड़ा विपक्षी नहीं रह गया। 


ये भी पढ़ें: 'दुनिया में मची उथल-पुथल, दादागिरी वाली कार्रवाई..', वेनेजुएला का जिक्र कर जिनपिंग ने अमेरिका को सुनाया

कमजोर विपक्ष के कारण उभरे जनरल डूम्बूया
पश्चिम अफ्रीकी देश गिनी के राजनीतिक विश्लेषक एन फाली गुइलावोगुई ने कहा कि कमजोर विपक्ष के कारण मामादी डूम्बूया ही राज्य में स्थिरता सुनिश्चित करने वाले मुख्य नेता के रूप में उभरे। उन्होंने यह भी कहा कि गिनी के लोग अब इसका इंतजार कर रहे हैं कि वह राजनीतिक स्थिरता के लिए क्या कदम उठाते हैं।

गरीबी का सामना कर रही आधे से ज्यादा आबादी
विश्व खाद्य कार्यक्रम के मुताबिक, दुनिया का सबसे बड़ा बॉक्साइट निर्यातक होने और समृद्ध खनिज संसाधन होने के बावजूद गिनी की 1.5 करोड़ से अधिक आबादी में से आधे से ज्यादा लोग अत्यधिक गरीबी और खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed