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Germany: जर्मनी में आम चुनाव से पहले दक्षिणपंथ के खिलाफ आक्रोश, बर्लिन और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरे हजारों

Sun, 26 Jan 2025 02:37 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बर्लिन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Sun, 26 Jan 2025 02:37 AM IST
सार

जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के संसद में विश्वास मत खोने के बाद 23 फरवरी को आम चुनाव होना है। इससे पहले, जर्मनी के लोगों ने बर्लिन और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरकर दक्षिणपंथ के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों ने प्रदर्शन के दौरान अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाईं और फासीवाद विरोधी गाने भी गाए। 

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Germany General Elections People protest against right party AfD in Berlin and other cities
जर्मनी फ्लैग - फोटो : एएनआई

विस्तार

जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज के अल्पमत में आने के बाद जर्मनी में 23 फरवरी को आम चुनाव होना है। इससे पहले, शनिवार को हजारों लोगों ने जर्मनी के बर्लिन और अन्य शहरों में सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन दक्षिणपंथी और अप्रवासी विरोधी अलटरनेटिव फॉर जर्मनी (एएफडी) पार्टी के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ किया गया। बर्लिन के ब्रैंडेनबर्ग गेट पर प्रदर्शनकारियों ने अपने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाईं और सीटी बजाई। साथ ही फासीवाद विरोधी गाने भी गाए। इसके अलावा, कोलोन में भी प्रदर्शनकारियों ने एएफडी की निंदा करते हुए बैनर दिखाए। 

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बता दें कि चुनाव से पूर्व अनुमान में फ्रेडरिक मर्ज के नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी पार्टियों का समूह आगे है और एएफडी पिछड़ रहा है। मर्ज ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी अगले सप्ताह संसद में प्रवास नीति को सख्त करने का प्रस्ताव लाएगी, जो चुनाव का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। यह कदम जोखिम भरा माना जा रहा है, क्योंकि यदि प्रस्ताव एएफडी की मदद से पारित होता है तो इससे और विवाद हो सकता है। जबकि, मर्ज ने पहले वादा किया था कि अगर वे चांसलर चुने जाते हैं, तो वे उचित कागजात के बिना लोगों को देश में प्रवेश करने नहीं देंगे और निर्वासन बढ़ाएंगे। 
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क्या है जर्मनी के संसद का समीकरण, क्यों अल्पमत में आए चांसलर शोल्ज
बता दें कि जर्मन चांसलर ओलाफ शोल्ज ने दिसंबर, 2024 में हुए शक्ति परीक्षण के दौरान जर्मन संसद में विश्वास मत खो दिया था। शोल्ज के विश्वास मत खोने के कारण निर्धारित समय से सात महीने पहले आम चुनाव कराने की नौबत आई है। शोल्ज का कार्यकाल सितंबर में पूरा होना था। दिसंबर के शक्ति परीक्षण से पहले 6 नवंबर को तीन दलों वाला गठबंधन टूट गया था और शोल्ज की सरकार अल्पमत में आ गई थी। जर्मन संसद में 733 सीटों वाले निचले सदन (बुंडेस्टैग) में शोल्ज को बहुमत के लिए 367 सांसदों के समर्थन की जरूरत थी, लेकिन उन्हें केवल 207 सांसदों का समर्थन मिला। 394 सांसदों ने उनके खिलाफ वोट किया, जबकि 116 सांसदों ने मतदान में हिस्सा ही नहीं लिया।

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