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जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका में भड़की हिंसा, जानें क्या है पूरा मामला
Sun, 31 May 2020 09:18 AM IST
Tanuja Yadav
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मिनियापोलिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मिनियापोलिस
Published by: Tanuja Yadav
Updated Sun, 31 May 2020 09:18 AM IST
सार
- जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद अमेरिका के कई हिस्सों में प्रदर्शन
- मिनियापोलिस पुलिस ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर रखा अपना घुटना
- सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से लोगों के मन में रोष
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जॉर्ज फ्लॉयड (सांकेतिक फोटो)
- फोटो : social media
विस्तार
एक तरफ अमेरिका में कोरोना का कहर है तो दूसरी तरफ अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसा का माहौल है। अमेरिका के मिनियापोलिस के अलावा फ्लोरिडा, जैक्सनविल, लॉस एंजेलिस, पीटसबर्ग, न्यूयॉर्क समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारी धरना दे रहे हैं।
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सोमवार को जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद सैकड़ों लोग सड़कों पर उतरे और प्रदर्शन करने लगे। अमेरिकी अधिकारियों ने तीन रातों की हिंसा रोकने के लिए रातोंरात कर्फ्यू लगा दिया जिसमें दर्जनों दुकानों को जलाया गया और लूट लिया गया।
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जॉर्ज फ्लॉयड की मौत
सोमवार को एक 46 वर्षीय अश्वेत व्यक्ति जॉर्ज फ्लॉयड की मिलियापोलिस में मौत तब हो गई, जब उसे पुलिस की ओर से दबाया जा रहा था। एक वीडियो वायरल हुई जिसमें देखा गया कि मिनियापोलिस की पुलिस ने जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर अपने घुटने रख दिए।
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जॉर्ज फ्लॉयड के हाथ बंधे हुए थे, हाथों में हथकड़ी लगी थी लेकिन श्वेत पुलिसवाले ने करीब आठ मिनट तक अपना घुटना जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन पर टांगे रखा। इस दौरान जॉर्ज फ्लॉयड सांस लेने की दिक्कत कहता नजर आया लेकिन पुलिस ने एक ना सुनी।
इस वीडियो के वायरल होने से अमेरिका में लोगों के बीच भारी रोष है। वीडियो में दिखता है कि पुलिस अधिकारी के हिलने-ढुलने और बोलना बंद भी उसका घुटना जॉर्ज फ्लॉयड की गर्दन से नहीं हटता है।
इस घटना के बाद एक बार फिर अमेरिका में अफ्रीका और अमेरिका के लोगों के बीच कानून की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं। फ्लोएड की दर्दनाक मौत के बाद से फिर देश में नस्लीय तौर पर पुलिस की क्रूरता पर सवाल उठ रहे हैं।
जॉर्ज फ्लॉयड को सोमवार को इसलिए गिरफ्तार किया गया क्योंकि उन पर एक स्थानीय डेली में नकली 20 डॉलर के नोट का इस्तेमाल करने का आरोप था। जॉर्ज फ्लॉयड की मौत पर मिनियापोलिस के मेयर ने कहा कि अमेरिका में अश्वेत होने का मतलब जान से मारना नहीं है।
अमेरिका के कई हिस्सों में हिंसा
जॉर्ज फ्लॉयड की मौत के बाद मिनियापोलिस के अलावा अमेरिका के कई हिस्सों में धरना प्रदर्शन होने लगा। शनिवार के दिन प्रदर्शनकारियों ने व्हाइट हाउस के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इसके अलावा जैक्सनविल में हिंसा भड़की।
लॉस एंजेलिस में दुकानों और घरों को लूटने की खबरे हैं। प्रदर्शनकारियों ने वहां कई व्यापारियों को लूटा है। पीटसबर्ग में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर गैस के गोले दागे। न्यूयॉर्क में सैंकड़ों लोगों ने सड़क पर उतरकर ट्रैफिक जाम किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ट्वीट
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट कर प्रदर्शनकारियों को धमकाया कि धरने की आड़ में बल का इस्तेमाल ना करें। ट्रंप के उस ट्वीट के हाहाकार मच गया जिसमें उन्होंने लिखा कि जहां लूट होती है वहां गोलीबार होना शुरू हो जाता है।
ट्रंप के इस ट्वीट पर ट्विटर ने संज्ञान लेते हुए कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का यह ट्वीट हिंसा भड़काने का काम कर रहा है लेकिन सोशल मीडिया से ट्विटर ने डोनाल्ड ट्रंप के इस ट्वीट को नहीं हटाया।
....These THUGS are dishonoring the memory of George Floyd, and I won’t let that happen. Just spoke to Governor Tim Walz and told him that the Military is with him all the way. Any difficulty and we will assume control but, when the looting starts, the shooting starts. Thank you!
— Donald J. Trump (@realDonaldTrump) May 29, 2020