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West Asia Crisis: 48 घंटे में चार चीनी विमान गायब? ईरान में लैंडिंग के दावे से मचा हड़कंप, जानें क्या है मामला
Sat, 18 Apr 2026 10:50 AM IST
Riya Dubey
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Riya Dubey
Updated Sat, 18 Apr 2026 10:50 AM IST
सार
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि चीन के चार कार्गो विमान 48 घंटे के भीतर ईरान पहुंचे और उड़ान के दौरान ट्रांसपोंडर बंद कर गायब हो गए। इन विमानों में हथियार ले जाए जाने की भी बात कही गई, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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कार्गो विमान (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : Adobestock
विस्तार
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब एक नया दावा सामने आया है, जिसने पहले से ही संवेदनशील भू-राजनीतिक माहौल को और पेचीदा बना दिया है। इस बार चर्चा जमीन पर नहीं, बल्कि आसमान में हुई कथित गतिविधियों को लेकर है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहे पोस्ट में टिप्पणीकार मारियो नवाफल ने मोसाद कमेंट्री का हवाला देते हुए दावा किया कि चीन के चार कार्गो विमान 48 घंटे के भीतर ईरान पहुंचे, लेकिन उससे पहले उन्होंने उड़ान के दौरान अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए।
हालांकि, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान पर नौसैनिक दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। साथ ही, दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की सीधी वार्ता इस सप्ताहांत तक होने की संभावना जताई गई है।
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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तेजी से वायरल हो रहे पोस्ट में टिप्पणीकार मारियो नवाफल ने मोसाद कमेंट्री का हवाला देते हुए दावा किया कि चीन के चार कार्गो विमान 48 घंटे के भीतर ईरान पहुंचे, लेकिन उससे पहले उन्होंने उड़ान के दौरान अपने ट्रांसपोंडर बंद कर दिए।
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🇨🇳🇮🇷 4 Chinese cargo planes allegedly switched off their transponders and landed in Iran within the last 48 hours, reportedly carrying arms and ammunition.
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The flights went dark mid-route before entering Iranian airspace.
This comes days after Xi reportedly assured Trump that… https://t.co/hkW4NEoK1a pic.twitter.com/YMTNKku0pY — Mario Nawfal (@MarioNawfal) April 17, 2026
पोस्ट में क्या दावा?
पोस्ट में कहा गया कि ये विमान ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश से पहले गायब हो गए, जिसे एविएशन विशेषज्ञ अक्सर जानबूझकर लोकेशन छिपाने से जोड़ते हैं, न कि तकनीकी खराबी से। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि इन विमानों में हथियार और गोला-बारूद ले जाया जा रहा था। हालांकि, इन दावों की किसी भी सरकार या स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनकी सत्यता स्थापित नहीं हो सकी है। हालांकि, इन दावों की किसी भी सरकार या स्वतंत्र एजेंसी ने पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध जानकारी के आधार पर इनकी सत्यता स्थापित नहीं हो सकी है।चीन ने अमेरिका को क्या कहा था?
इन दावों ने इसलिए भी ध्यान खींचा है क्योंकि ये ऐसे समय में सामने आए हैं जब चीन ने हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आश्वस्त किया था कि वह ईरान को हथियार नहीं देगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और हालिया संघर्षविराम के बीच यह मुद्दा पहले से ही बेहद संवेदनशील बना हुआ है।चीन का सख्त खंडन
बीजिंग ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि ईरान को सैन्य सहायता देने से जुड़े सभी मीडिया रिपोर्ट पूरी तरह मनगढ़ंत हैं। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अगर अमेरिका इन आरोपों के आधार पर कोई कदम उठाता है, तो चीन जवाबी कार्रवाई कर सकता है। यह बयान उस व्यापक संदर्भ में आया है, जहां वाशिंगटन की ओर से उन देशों पर संभावित टैरिफ बढ़ाने के संकेत दिए गए हैं, जो ईरान की किसी भी तरह मदद करते पाए जाते हैं।ट्रांसपोंडर बंद करने पर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
एविएशन विशेषज्ञों के अनुसार, उड़ान के दौरान ट्रांसपोंडर बंद करना असामान्य जरूर है, लेकिन पूरी तरह अभूतपूर्व नहीं।- कुछ मामलों में यह सुरक्षा या विशेष ऑपरेशनल कारणों से किया जा सकता है।
- लेकिन एक ही समय में कई विमानों द्वारा ऐसा पैटर्न अपनाना संदेह को बढ़ाता है।
- ऐसे मामलों में इसे जानबूझकर ट्रैकिंग से बचने की कोशिश भी माना जा सकता है।
तनाव के बीच कूटनीतिक हलचल
इन सबके बीच कूटनीतिक स्तर पर कुछ नरमी के संकेत भी दिखाई दे रहे हैं।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संकेत दिया है कि होर्मुज जलडमरूमधअय अब वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह खुला है।हालांकि, अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि ईरान पर नौसैनिक दबाव तब तक जारी रहेगा, जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता। साथ ही, दोनों देशों के बीच दूसरे दौर की सीधी वार्ता इस सप्ताहांत तक होने की संभावना जताई गई है।
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