USISPF: पूर्व रक्षा सचिव यूएसआईएसपीएफ बोर्ड में सलाहकार के रूप में शामिल हुए, इन कामों के लिए जाने जाते हैं
USISPF: रक्षा मंत्रालय में शामिल होने से पहले, कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के रूप में प्रमुख पदों पर रहे। इसके अलावे वे महानिदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, केरल सरकार में प्रधान सचिव और केलट्रॉन के प्रबंध निदेशक भी रहे।
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पूर्व भारतीय रक्षा सचिव अजय कुमार अमेरिका-भारत रणनीतिक और साझेदारी मंच में बोर्ड के सलाहकार के तौर पर शामिल हुए हैं। भारत के रक्षा सचिव के रूप में, कुमार को अगस्त 2019 और अक्टूबर 2022 के बीच रक्षा की समग्र जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यूएसआईएसपीएफ के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश अघी ने कहा, ''डॉ. कुमार के पास तीन दशक से अधिक की विशेषज्ञता और रक्षा तथा महत्वपूर्ण व उभरती प्रौद्योगिकी के बीच महत्वपूर्ण गठजोड़ की समझ है। कुमार को रक्षा मंत्रालय में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सचिव होने का गौरव प्राप्त है, जहां उन्होंने रक्षा सचिव के रूप में कार्य किया और रक्षा उत्पादन विभाग में सचिव के रूप में भी कार्य किया।
अघी ने कहा, ''ऐसे समय में जब अमेरिका और भारत आईसीईटी और इंडस-एक्स के क्षेत्र में अपनी साझेदारी को मजबूत कर रहे हैं, डॉ. कुमार के अनुभव और परिप्रेक्ष्य ने प्रौद्योगिकी सहयोग को बढ़ावा देने, रक्षा ढांचे को मजबूत करने और देश में रक्षा और अंतरिक्ष पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।" कुमार को आत्मनिर्भर भारत के तहत रक्षा उद्योग पारिस्थितिकी तंत्र को बदलने का श्रेय दिया जाता है, जो प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई आत्मनिर्भरता की अवधारणा है।"
उन्होंने 200 साल पुराने और 80,000 कर्मचारियों वाले मजबूत आयुध कारखाना बोर्ड और रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार (आईडीईएक्स) कार्यक्रम के ऐतिहासिक निगमीकरण की अवधारणा का कार्यान्वयन भी किया है। यह एक स्टार्ट-अप पारिस्थितिकी तंत्र है जो आज रक्षा, अंतरिक्ष, ड्रोन और एआई में नई प्रौद्योगिकियों को शक्ति प्रदान करता है।
अजय कुमार बोले- सलाहकार बोर्ड में आमंत्रित किया जाना सौभाग्य की बात
कुमार ने यूएसआईएसपीएफ द्वारा जारी एक बयान में कहा, ''दोनों देशों के बीच संबंधों के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण समय में अमेरिका-भारत रणनीतिक नीति मंच के सलाहकार बोर्ड में आमंत्रित किया जाना सौभाग्य की बात है। मैं इस संबंध को बढ़ाने की दिशा में काम करने के अवसर को लेकर उत्साहित हूं।"
रक्षा मंत्रालय में शामिल होने से पहले, कुमार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र में विभिन्न पदों पर कार्य किया। वे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई), भारत सरकार में अतिरिक्त सचिव के रूप में प्रमुख पदों पर रहे। इसके अलावे वे महानिदेशक, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र, केरल सरकार में प्रधान सचिव और केलट्रॉन के प्रबंध निदेशक भी रहे।
उन्हें 2014 में प्रधान मंत्री मोदी के तहत डिजिटल इंडिया की प्रमुख पहलों को लागू करने वाले लीडर्स की टीम का हिस्सा होने का भी श्रेय दिया जाता है। इन पहलों में यूपीआई, दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणाली, दुनिया की सबसे बड़ी बायोमेट्रिक डिजिटल पहचान प्रणाली आधार, माईगव, गवर्नमेंट-ई मार्केटप्लेस और जीवन प्रमाण आदि शामिल हैं।