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इस महीने भारत आ सकते हैं नेपाली पीएम: बालेन से मिले विदेश सचिव विक्रम मिसरी, द्विपक्षीय संबंधों पर हुई चर्चा
Thu, 05 Nov 2026 09:46 PM IST
पवन पांडेय
पीटीआई, काठमांडू
पीटीआई, काठमांडू
Published by: पवन पांडेय
Updated Thu, 05 Nov 2026 09:46 PM IST
सार
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात कर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। बातचीत में व्यापार, ऊर्जा, रेल संपर्क और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे उठे। शाह ने बाढ़ के दौरान भारत की मदद के लिए आभार जताया। नेपाली प्रधानमंत्री इसी महीने भारत यात्रा पर आ सकते हैं।
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पीएम बालेन से मिले विक्रम मिसरी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने गुरुवार को नेपाल के प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रधानमंत्री शाह की प्रस्तावित भारत यात्रा की तैयारियों पर भी बातचीत हुई। शाह इसी महीने भारत का दौरा कर सकते हैं। काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, विदेश सचिव मिसरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से नेपाली प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। बैठक में दोनों देशों के बीच पहले से चल रही योजनाओं को आगे बढ़ाने और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की नई संभावनाओं पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक, मिसरी ने शाह को बताया कि भारत उनकी प्रस्तावित यात्रा को सफल बनाने के लिए जरूरी तैयारियां कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सहयोग से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं के तहत नियमित बैठकें हो रही हैं।
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बाढ़ के दौरान भारत की मदद के लिए जताया आभार
बैठक में नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रासुवा-भोटेकोशी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भारत की ओर से मिली मदद के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद भारत ने सबसे पहले राहत सामग्री भेजी और बचाव दल उपलब्ध कराया। पीएम शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय मोदी ने फोन कर नेपाल के प्रति एकजुटता जताई थी। इसके अलावा, नेपाली प्रधानमंत्री ने खेल क्षेत्र के विकास में भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की।
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ऊर्जा, व्यापार और रेल संपर्क पर भी चर्चा
विदेश सचिव मिसरी ने नेपाल के साथ ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, परिवहन और नागरिक उड्डयन के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों से जुड़ी द्विपक्षीय व्यवस्थाओं की नियमित बैठकें सफलतापूर्वक हो रही हैं। उन्होंने अयोध्या और नेपाल के जनकपुर के बीच रेल सेवा शुरू करने से जुड़ी तैयारियां पूरी होने की भी जानकारी दी। रेल संपर्क शुरू होने से दोनों देशों के बीच आवागमन और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नेपाल के कई मंत्रियों से भी मिले मिसरी
नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को काठमांडू पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इससे पहले नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की थी। उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ से भी मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच चल रही परियोजनाओं और सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, मिसरी ने बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लामसाल से भी मुलाकात की। इसमें सड़क, बुनियादी ढांचे और दोनों देशों के बीच संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विचार किया गया।
वहीं उन्होंने नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने से मुलाकात की। काठमांडू के बाहरी इलाके बुधनीलकंठ स्थित उनके आवास पर हुई बैठक में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। लामिछाने ने अपनी पिछली भारत यात्रा का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय दौरों की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि नेपाल ने आर्थिक कूटनीति के जरिए देश के विकास और समृद्धि को प्राथमिकता दी है। मिसरी दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को नेपाल पहुंचे थे।
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सीमा विवाद को लेकर पहले बढ़ा था तनाव
भारत और नेपाल के संबंधों में इसी साल मई में उस समय कुछ असहजता पैदा हो गई थी, जब प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चीन और ब्रिटेन की भूमिका की बात कही थी। इस पर भारत ने साफ किया था कि नेपाल के साथ सीमा विवाद को सुलझाने में किसी तीसरे देश की भूमिका स्वीकार नहीं है। भारत का कहना था कि सीमा से जुड़े सभी मुद्दों के समाधान के लिए दोनों देशों के बीच पहले से ही द्विपक्षीय व्यवस्था मौजूद है। भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद है। भारत लगातार इन क्षेत्रों को उत्तराखंड का हिस्सा बताता रहा है।
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बाढ़ के दौरान भारत की मदद के लिए जताया आभार
बैठक में नेपाली प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने रासुवा-भोटेकोशी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ के दौरान भारत की ओर से मिली मदद के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा कि आपदा के बाद भारत ने सबसे पहले राहत सामग्री भेजी और बचाव दल उपलब्ध कराया। पीएम शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भी धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आपदा के समय मोदी ने फोन कर नेपाल के प्रति एकजुटता जताई थी। इसके अलावा, नेपाली प्रधानमंत्री ने खेल क्षेत्र के विकास में भारत के साथ मिलकर काम करने की इच्छा भी जाहिर की।
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ऊर्जा, व्यापार और रेल संपर्क पर भी चर्चा
विदेश सचिव मिसरी ने नेपाल के साथ ऊर्जा, जल संसाधन, व्यापार, परिवहन और नागरिक उड्डयन के क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच इन क्षेत्रों से जुड़ी द्विपक्षीय व्यवस्थाओं की नियमित बैठकें सफलतापूर्वक हो रही हैं। उन्होंने अयोध्या और नेपाल के जनकपुर के बीच रेल सेवा शुरू करने से जुड़ी तैयारियां पूरी होने की भी जानकारी दी। रेल संपर्क शुरू होने से दोनों देशों के बीच आवागमन और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
नेपाल के कई मंत्रियों से भी मिले मिसरी
नेपाल की दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को काठमांडू पहुंचे विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इससे पहले नेपाल के विदेश सचिव अमृत बहादुर राय के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की थी। उन्होंने नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल, वित्त मंत्री स्वर्णिम वागले और ऊर्जा, जल संसाधन एवं सिंचाई मंत्री बिराज भक्त श्रेष्ठ से भी मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच चल रही परियोजनाओं और सहयोग को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा हुई। इसके अलावा, मिसरी ने बुनियादी ढांचा विकास मंत्री सुनील लामसाल से भी मुलाकात की। इसमें सड़क, बुनियादी ढांचे और दोनों देशों के बीच संपर्क सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विचार किया गया।
वहीं उन्होंने नेपाल की सत्तारूढ़ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) के प्रमुख रवि लामिछाने से मुलाकात की। काठमांडू के बाहरी इलाके बुधनीलकंठ स्थित उनके आवास पर हुई बैठक में दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा हुई। लामिछाने ने अपनी पिछली भारत यात्रा का जिक्र किया और दोनों देशों के बीच प्रस्तावित उच्चस्तरीय दौरों की सफलता की कामना की। उन्होंने कहा कि नेपाल ने आर्थिक कूटनीति के जरिए देश के विकास और समृद्धि को प्राथमिकता दी है। मिसरी दो दिवसीय यात्रा पर बुधवार को नेपाल पहुंचे थे।
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सीमा विवाद को लेकर पहले बढ़ा था तनाव
भारत और नेपाल के संबंधों में इसी साल मई में उस समय कुछ असहजता पैदा हो गई थी, जब प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए चीन और ब्रिटेन की भूमिका की बात कही थी। इस पर भारत ने साफ किया था कि नेपाल के साथ सीमा विवाद को सुलझाने में किसी तीसरे देश की भूमिका स्वीकार नहीं है। भारत का कहना था कि सीमा से जुड़े सभी मुद्दों के समाधान के लिए दोनों देशों के बीच पहले से ही द्विपक्षीय व्यवस्था मौजूद है। भारत और नेपाल के बीच लिपुलेख, लिम्पियाधुरा और कालापानी को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद है। भारत लगातार इन क्षेत्रों को उत्तराखंड का हिस्सा बताता रहा है।