चीन में बोलीं सुषमा स्वराज- जैश भारत पर हमले की योजना बना रहा था, तभी कार्रवाई की
निरंतर एक्सेस के लिए सब्सक्राइब करें
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने बुधवार को चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ हुई मुलाकात में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में हुए आतंकवादी हमले का मुद्दा उठाया।
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ रजिस्टर्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
अमर उजाला प्रीमियम लेख सिर्फ सब्सक्राइब्ड पाठकों के लिए ही उपलब्ध हैं
रूस-भारत-चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक से अलग हुई इस मुलाकात के दौरान स्वराज ने कहा, "मैं ऐसे वक्त में चीन आई हूं जब भारत में शोक और गुस्से का माहौल है। यह जम्मू-कश्मीर में हमारे सुरक्षा बलों के खिलाफ सबसे भीषण हमला है।" उन्होंने कहा, "यह हमला पाकिस्तान स्थित और समर्थिक संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने किया है।"
स्वराज ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय की मांग के बाद भी पाकिस्तान ने गंभीर होने बजाय हमले की जानकारी होने से इनकार कर दिया और जैश-ए-मोहम्मद के कबूलनामों को भी नहीं माना।
स्वराज ने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पुलवामा में भयानक आतंकी हमला ये याद दिलाता है कि सभी देशों को आतंकवाद के खिलाफ जीरो टोलिरेंस की नीति अपनानी होगी।
EAM Sushma Swaraj in Wuzhen, China: Such dastardly terrorist attacks are a grim reminder for the need of all the countries to show zero tolerance to terrorism and take decisive action against it. #PulwamaTerrorAttack https://t.co/TQmftKxcjS
— ANI (@ANI) February 27, 2019
पाकिस्तान करता रहा है इनकार
स्वराज ने बैठक में कहा कि पाकिस्तान अपने यहां आतंकवादी संगठनों के पलने की बात मानने से और उनपर कार्रवाई करने से इनकार करता रहा है। जैश-ए-मोहम्मद आगे भी भारत पर हमले की योजना बना रहा था। भारत सरकार ने इसपर कार्रवाई करने का निर्णय लिया। ऐसा लक्ष्य चुना गया जिससे आम नागरिकों को हानि ना पहुंचे।
उन्होंने कहा कि ये कोई मिलिट्री ऑपरेशन नहीं था, इसमें किसी मिलिट्री इंस्टॉलेशन को भी निशाना नहीं बनाया गया। इसका उद्देश्य भारत में एक और हमले को रोकने के लिए आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ कार्रवाई करना था। भारत स्थिति को बढ़ते नहीं देखना चाहता। भारत जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करना जारी रखेगा।
उन्होंने कहा कि भारत-चीन का रिश्ता दोनों देशों के लिए काफी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बीते साल हुई बैठक के बाद दोनों के आपसी रिश्ते में काफी सुधार हुआ है। बता दें स्वराज रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की एक बैठक में शामिल हुई हैं। ये बैठक चीन के वुहान में हो रही है।