चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में आने वाले समय में नया इतिहास रचा जा सकता है। ब्रिटेन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (एनएचएस) से जुड़े पूर्व न्यूरोसर्जन ब्रुस मैथ्यू (63) ने दावा किया है कि 2030 में पहली बार रीढ़ की पूरी हड्डी के साथ मानव सिर प्रत्यारोपण संभव है। न्यूरो सर्जन ब्रुस को 25 साल के कॅरियर में करीब 10 हजार ऑपरेशन का अनुभव है। उनका मानना है कि अगर स्पाइनल कॉर्ड के साथ सिर का प्रत्यारोपण हो तो उसके सफल होने की संभावना अधिक है।
उनका मानना है कि रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दौर में 200 से अधिक नसों को बड़ी ही आसानी से जोड़ा जा सकता है जो पहले संभव नहीं था। ब्रुस का मानना है कि तकनीक की मदद से मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी के साथ दूसरे हिस्सों को नए शरीर में प्रत्यारोपित किया जा सकता है। विज्ञान से जुड़े उपन्यास में लेखक माइकल जे ली ने इसका जिक्र किया है।
जटिल है पूरी प्रक्रिया
प्रो. ब्रुस का मानना है कि ये जटिल प्रक्रिया है क्योंकि स्पाइनल कॉर्ड की मेंबरेन को सुरक्षित रखना चुनौतीपूर्ण कार्य है। इस प्रक्रिया में रीढ़ की हड्डी में कोई छेद संभव नहीं है। आज के समय से संभव नहीं है लेकिन अगले 10 वर्षों तक इस प्रक्रिया के होने की संभावना अधिक है। हर व्यक्ति का डीएनए और गट बैक्टिरिया अलग होता है। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट की मदद से जिस शरीर में प्रत्यारोपण होना है उसमें उसको प्रत्यारोपित किया जाएगा। इससे शरीर उस अंग को रिजेक्ट नहीं कर पाएगा।
चीन इसे सबसे पहले करेगा
ब्रुस का मानना है कि दुनियाभर के विशेषज्ञ इस प्रक्रिया को पूरा करने की तैयारी में लगे हैं। पश्चिमी देशों में जानवरों पर इस तरह का परीक्षण शुरू भी कर दिया है। हालांकि चीन जल्द ही जीवित मनुष्य पर इस प्रक्रिया को अंजाम देने की तैयारी कर चुका है।
शव पर हो चुका है प्रत्यारोपण
इटली के न्यूरोसर्जन प्रो. सेरिगो कनावेरो ने 2017 में शव के ऊपर इस तरह की प्रक्रिया पूरी कर दुनिया को चौंका दिया था। 18 घंटे तक चली इस प्रक्रिया में चिकित्सकों ने दो लोगों के शवों की रीढ की हड्डी, तंत्रिकाओं और रक्त वाहिकाओं को जोड़ा था।