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पाकिस्तान: 'बड़बोले मंत्री' फवाद चौधरी की सनक, उप प्रधानमंत्री बनने की जताई हसरत
Fri, 20 Sep 2019 03:14 PM IST
Priyesh Mishra
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, इस्लामाबाद
Published by: Priyesh Mishra
Updated Fri, 20 Sep 2019 03:14 PM IST
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पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी
- फोटो : Twitter/@pid_gov
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पाकिस्तान के बवाली मंत्री फवाद चौधरी ने उप प्रधानमंत्री बनने की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने बुधवार को कराची एक स्थानीय होटल में आयोजित शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए यह बात कही।
उन्होंने कहा कि हम दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा जैव प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित कर रहे हैं। हरित ऊर्जा में ही भविष्य है। बिजली का प्रसारण खंभो और केबलों के बजाय हरित ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के बजाय मदारियों का निर्माण करते रहे और उनकी सेवा करते रहे। हमने एमआईटी और हॉवर्ड के अवसरों को खो दिया। हमें 1970 के दशक में जियाउल हक शासन के दौरान अमेरिका से बहुत कुछ मिला। हम भविष्य में टमाटर और आलू बेचकर नुकसान नहीं उठा सकते।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, चीन, कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच एकमात्र अंतर प्रौद्योगिकी है। उन्होंने दावा किया कि इन देशों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उप प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। हमारे प्रधानमंत्री (पीएम) ने इस तरफ अपना ध्यान नहीं दिया है।
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उन्होंने कहा कि हम दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा जैव प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित कर रहे हैं। हरित ऊर्जा में ही भविष्य है। बिजली का प्रसारण खंभो और केबलों के बजाय हरित ऊर्जा के माध्यम से किया जाएगा।
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उन्होंने कहा कि हम दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों के बजाय मदारियों का निर्माण करते रहे और उनकी सेवा करते रहे। हमने एमआईटी और हॉवर्ड के अवसरों को खो दिया। हमें 1970 के दशक में जियाउल हक शासन के दौरान अमेरिका से बहुत कुछ मिला। हम भविष्य में टमाटर और आलू बेचकर नुकसान नहीं उठा सकते।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान, चीन, कोरिया, सिंगापुर, मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच एकमात्र अंतर प्रौद्योगिकी है। उन्होंने दावा किया कि इन देशों में विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री उप प्रधानमंत्री के रूप में जाने जाते हैं। हमारे प्रधानमंत्री (पीएम) ने इस तरफ अपना ध्यान नहीं दिया है।