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Bangladesh: हिंसा में मारे गए लोगों के परिजनों की सरकार से 11 सूत्रीय मांग, नौकरी और आर्थिक मदद प्रमुख मुद्दे
Wed, 07 Aug 2024 12:27 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 07 Aug 2024 12:27 AM IST
सार
Bangladesh: बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों ने मंगलवार को अंतरिम सरकार के सामने 11 सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें पुनर्वास और रोजगार मुहैया कराने की मांगें भी शामिल हैं।
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बांग्लादेश में हिंसा
- फोटो : पीटीआई (फाइल)
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विस्तार
बांग्लादेश में आरक्षण विरोधी प्रदर्शन के दौरान मारे गए लोगों के परिजनों ने मंगलवार को अंतरिम सरकार के सामने 11 सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें पुनर्वास और रोजगार मुहैया कराने की मांगें भी शामिल हैं। महीने भर चले हिंसक प्रदर्शनों के बाद सोमवार को अवामी लीग की नेता शेख हसीना ने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दिया और देश को छोड़ दिया।
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सरकार विरोधी प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 440 हो गई। देश में कई जगहों पर पुलिस और ज्यादातर छात्र प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं थीं। रविवार से अब तक 200 से अधिक लोग मारे गए हैं। इस बीच, छात्र आंदोलन में घायल और मारे गए लोगों के परिवारों के लिए प्रस्तावित समिति के संयोजक हारुन-उर रशीद की ओर से एक बयान जारी किया गया। इसमें उन्होंने कहा, हिंसा में घायल और मारे गए छात्रों, बच्चों, युवाओं, बुजुर्गों, पुरुषों और महिलाओं के परिवारों का सटीक आंकड़ा एकत्र करे के लिए एक पहल शुरू की गई है।
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ढाका ट्रिब्यून की खबर के मुताबिक, "घायलों और मारे गए लोगों के परिजनों की मांग में फूड-कार्ड कार्यक्रम के तहत उम्र के आधार पर प्री-प्राइमरी से मास्टर तक के सभी छात्रों के लिए प्रत्येक माह 2000-3000 टका का अनुदान प्रदान करने, नौकरी के इच्छुक अभ्यर्थियों को 3000 टका का बेरोजगारी भत्ता देने, एक जांच समिति का गठन करने और आंदोलनों में घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों के शीघ्र पुनर्वास की मांगें शामिल हैं।"
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इसके अलावा, निजी विश्वविद्यालों में छात्रों को सीधे सरकारी छात्रवृत्ति, शेख हसीना के परिवार के विभिन्न सदस्यों के नाम पर स्थापित शैक्षणिक संस्थानों का नाम बदलने और आंदोलनों में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने की मांग शामिल है। समिति ने मांग की कि संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन में सेवा दे चुके लोगों की पुलिस बल, बांग्लादेश नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) और बांग्लादेश स्काउट्स में भागीदारी हो, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार हो सके।
पिछले दिनों आंदोलन में इस्तेमाल किए गए सभी अवैध हथियारों की बरामदगी के लिए पहल शुरू करने, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान उत्पीड़न और भेदभाव के कारण पदोन्नति/अनिवार्य सेवानिवृत्ति से वंचित कुशल अधिकारियों कर्मचारियों की फिर से तैनाती पर विचार करने की भी मांग की गई है।