विस्तारवादी : चीन ने अब वियतनाम के साथ की गलवां जैसी हरकत, निहत्थों को पीटा और पत्थर भी फेंके
हांगकांग पोस्ट अखबार ने कहा है कि चीनी सैनिकों ने यहां काम कर रहे लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया और श्रमिकों द्वारा नदी के पानी के तंग होने पर कटाव रोकने की कोशिशें भी बाधित कीं।
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चीन की विस्तारवादी नीति उसके पड़ोसी देशों पर लगातार जारी है। 2020 में गलवां घाटी में जिस तरह चीन ने भारतीय सेना पर पत्थर फेंककर आक्रामक कार्रवाई की, ठीक उसी तरह की कार्रवाई चीन की सीमा से लगे उत्तरी वियतनाम के हा गियांग प्रांत में की गई। चीनी सेना ने यहां वियतनामी नागरिक और मजदूरों पर पत्थर फेंके और निहत्थों के साथ मारपीट व गाली-गलौच की।
बता दें कि चीन की सेना ने गलवां घाटी में जब एलएसी की मौजूदा स्थिति को बदलने की कोशिश की तब भारतीय सेना ने उसके मंसूबे पर पानी फेर दिया था। लेकिन चीनी सेना ने ऐसी ही हरकत वियतनाम में की है। रिपोर्ट के मुताबिक 3 जनवरी को चीनी सैनिकों ने वियतनामी निर्माण श्रमिकों पर पत्थर फेंके और उन्हें गालियां दीं।
हांगकांग पोस्ट अखबार ने कहा है कि चीनी सैनिकों ने यहां काम कर रहे लोगों के साथ बुरा बर्ताव किया और श्रमिकों द्वारा नदी के पानी के तंग होने पर कटाव रोकने की कोशिशें भी बाधित कीं। यह घटना ऐसे वक्त में हुई जब चीन को वियतनामी कृषि निर्यात रुका हुआ है और चीनी बंदरगाह बंद हो गए हैं। वियतनामी ट्रक जो सीमा क्षेत्रों से लौटे हैं वे अपने उत्पादों को औने पौने दामों पर बेच रहे हैं।
चीन की बीआरआई पहल में शामिल हुआ सीरिया
चीन के खिलाफ बड़े बुनियादी ढांचे की योजनाओं के साथ कर्ज में फंसने के पश्चिमी देशों के आरोपों के बीच सीरिया अब बीजिंग की बेल्ट एंड रोड पहल (बीआरआई) में शामिल हो गया है। चीन का कहना है कि वह मध्य-पूर्व के इस देश के लिए सहयोग के व्यापक रास्ते खोलेगा। बीआरआई पहल में सीरिया का आना प्राचीन सिल्क रोड पर देश की पुरानी भूमिका को पुनर्जीवित करता है।
इस दौरान दमिश्क में आयोजित कार्यक्रम के दौरान सीरियाई सहयोग आयोग के प्रमुख फादी खलील ने कहा कि यह पहल द्विपक्षीय सहयोग और अन्य देशों के साथ बहुपक्षीय मदद बढ़ाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्राचीन सिल्क रूट पर सीरिया एक प्रमुख देश रहा है। इस दौरान सीरिया में चीन के राजदूत फेंग बियाओ भी मौजूद रहे।