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Ursula Von Der Leyen: 'चरमपंथियों को इतिहास दोबारा लिखने नहीं दे सकते', अविश्वास प्रस्ताव से पहले EC प्रमुख

Tue, 08 Jul 2025 12:40 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Tue, 08 Jul 2025 12:40 AM IST
सार

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने निंदा प्रस्ताव से पहले अपना बचाव करते हुए आरोप लगाया कि उनके राजनीतिक विरोधी कोविड-19 महामारी को लेकर साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि उनका मकसद यूरोप समर्थक राजनीति समूहों के बीच फूट डालना है।  

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European Commission chief accuses opponents of plotting ahead of no-confidence vote
यूरोपीय संघ की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन - फोटो : ani

विस्तार

यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सोमवार (स्थानीय समयानुसार) को खुद पर लाए गए अविश्वास प्रस्ताव से पहले अपना बचाव किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधी उनके और कोविड-19 महामारी को लेकर साजिश रच रहे हैं। 

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लेयेन ने कहा कि यूरोपीय संघ की कार्यकारी शाखा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश करने वाले सांसद कट्टर दक्षिणपंथी हैं। उनका मकसद संसद में यूरोप समर्थक राजनीतिक समूहों के बीच फूट डालना है। फ्रांस के स्ट्रासबर्ग में एक पूर्ण सत्र के दौरान उन्होंने कहा, 'हम कभी भी चरमपंथियों को इतिहास को फिर से लिखने नहीं दे सकते।'
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निंदा प्रस्ताव में लेयेन के खिलाफ कई आरोप
निंदा प्रस्ताव में लेयेन के खिलाफ कई आरोप लगाए गए हैं, जिसमें वैक्सीन निर्माता फाइजर के प्रमुख के साथ निजी तौर पर टेक्स्ट मैसेजिंग करना, यूरोपीय संघ के फंड का दुरुपयोग और जर्मनी व रोमानिया के चुनावों में हस्तक्षेप करना शामिल है। लेयेन ने महामारी के दौरान लगभग 450 मिलियन यूरोपीय नागरिकों के लिए वैक्सीन खोजने के प्रयास का नेतृत्व किया था। 
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हारने पर लेयेन को देना पड़ सकता है इस्तीफा
यूरोपीय संघ के सांसद बृहस्पतिवार को निंदा प्रस्ताव पर मतदान करेंगे। प्रस्ताव पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत चाहिए। लेयेन का जीतना लगभग तय है। अगर वह हार जाती हैं, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ सकता है। 

पिपेरिया का आरोप- लेयेन ने तोड़-मरोड़ कर पेश किए तथ्य
निंदा प्रस्ताव का समर्थन करने वाले रोमानियाई सांसद घोरघे पिपेरिया ने आरोप लगाया कि लेयेन ने तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया और यूरोपीय संसद को दरकिनार करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, 'निर्णय लेने की प्रक्रिया अपारदर्शी और विवेकाधीन हो गई है और इससे दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की आशंकाएं पैदा होती हैं।'


पिपेरिया का भाषण चरमपंथियों की पुरानी रणनीति: लेयेन
पिपेरिया के बयान पर लेयेन ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पिपेरिया का भाषण 'चरमपंथियों की सबसे पुरानी रणनीति है।' उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य 'समाज को ध्रुवीकृत करना, लोकतंत्र में विश्वास को खत्म करना, चुनाव में हस्तक्षेप के झूठे दावे करना, इतिहास को फिर से लिखने का प्रयास करना है।'

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ईपीपी पर कट्टर दक्षिणपंथी दलों के साथ काम करने का आरोप
लेयेन यूरोपीय पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) से आती हैं, जो 27 देशों के ब्लॉक में रूढिवादी दलों को एकजुट करने वाला एक राजनीतिक परिवार है और संसद में सबसे बड़ा समूह है। लेकिन यूरोप समर्थक मध्यमार्गी समूह ईपीपी पर आरोप लगा रहे हैं कि उन्होंने सौदा पक्का करने के लिए कट्टर दक्षिणपंथी दलों के साथ काम किया। दूसरा सबसे बड़ा राजनीतिक समूह, सोशलिस्ट और डेमोक्रेट्स (एस एंड डी) ने कहा कि निंदा प्रस्ताव 'ईपीपी की गैरजिम्मेदारी और दोहरे खेल' का नतीजा है।

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