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प्रवासियों को यूरोप से दूरी बनाने के लिए ईयू अब दूसरे देशों को दे रहा धन
Wed, 29 Jan 2020 04:30 AM IST
संजीव कुमार झा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Wed, 29 Jan 2020 04:30 AM IST
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यूरोपियन यूनियन
दुनिया भर में प्रवासियों को लेकर कठोर मापदंड अपनाए जा रहे हैं। यहां तक कि इस मामले में यूरोपीय संघ (ईयू) भी अब पीछे नहीं रहा। प्रवासियों को दूर रखने के लिए ईयू अब दूसरे देशों को धन दे रहा है। इसके लिए बाकायदा ईयू ने तुर्की व लीबियाई कोस्ट गार्ड को धन दिया और सुदूर नाइजर में ऐसे कें द्र बनाए जहां शरणार्थियों को आश्रय दिया जा सके।
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रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय संघ ने तुर्की को छह अरब डॉलर का भुगतान सिर्फ इसलिए करने पर रजामंदी जताई ताकि यूनान से आने वाले प्रवासियों को वह शरण न दे। ईयू ने लीबिया कोस्ट गार्ड को भी धन मुहैया कराया ताकि जहाजों की जांच करके उन्हें उत्तर कोरिया वापस भेजा जा सके। इस बारे में न्यूयॉर्क टाइम्स पिछले साल सितंबर में विस्तृत रिपोर्ट प्रकाशित कर चुका है।
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यदि आंकड़ों पर नजर डालें तो 50,000 से ज्यादा प्रवासी लीबिया में हैं और 51,000 प्रवासियों ने संयुक्त राष्ट्र के साथ अपना पंजीयन कराया है। यहां पांच हजार प्रवासियों को हिरासत में लिया गया है। ब्रुसेल्स स्थित प्रवासी नीति संस्थान के विशेषज्ञ कैमिले कोज ने कहा, ‘यूरोपीय देश दुविधा में हैं। वे लीबिया से और प्रवासियों को लाना नहीं चाहते लेकिन हिरासत में रह रहे प्रवासियों को छोड़ भी नहीं सकते हैं।
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बेचे जा रहे शरणार्थी
लीबिया के मिलिशिया हिरासत केंद्रों में दसियों हजार प्रवासी बंद हैं। यहां प्रवासियों को दास या वेश्यावृत्ति के लिए बेचा जा रहा है। हालात इस कदर खराब हो चुके हैं कि इन शरणार्थियों को ऐसी जगहों पर रखा गया है जहां उनके पास सोने के लिए पर्याप्त जमीन का टुकड़ा तक नहीं है।