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Epstein Files: नोबेल पुरस्कार की शान से एपस्टीन ने लोगों को फंसाया, समिति के प्रमुख तक थी पहुंच; खुले बड़े राज

Sun, 15 Feb 2026 03:51 AM IST
देवेश त्रिपाठी वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टावेंगर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, स्टावेंगर Published by: देवेश त्रिपाठी Updated Sun, 15 Feb 2026 03:51 AM IST
सार

दस्तावेजों में एपस्टीन द्वारा कई प्रभावशाली हस्तियों से संपर्क साधने का उल्लेख है। हालांकिस नोबेल शांति पुरस्कार के लिए सीधे लॉबिंग का कोई सबूत नहीं मिला है। एपस्टीन फाइल्स से पता चलता है कि उसने कई नामी लोगों पर नोबेल पुरस्कार समिति के प्रमुख के नाम का इस्तेमाल कर धौंस जमाई थी।

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Epstein files revels hosted Nobel chief Thorbjorn Jagland aggravated corruption charge Norway barack obama EU
एपस्टीन फाइल्स - फोटो : ANI/PTI

विस्तार

अमेरिकी कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन ने नोबेल शांति पुरस्कार समिति के पूर्व प्रमुख थोर्बजॉर्न जगलैंड से अपने संबंधों को वैश्विक अभिजात वर्ग के बीच प्रभाव बढ़ाने के लिए इस्तेमाल किया। अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी दस्तावेजों में यह जानकारी सामने आई है।
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दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन ने रिचर्ड ब्रैनसन, लैरी समर्स, बिल गेट्स और स्टीव बैनन जैसे प्रभावशाली व्यक्तियों से बातचीत में बार-बार जगलैंड के साथ अपने संबंधों का जिक्र किया। 2009 से 2015 तक नॉर्वेजियन नोबेल समिति के प्रमुख रहे जगलैंड का नाम लाखों दस्तावेजों में सैकड़ों बार सामने आता है।
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नोबेल समिति के प्रमुख से करीबी रिश्ते
फाइलों के सार्वजनिक होने के बाद 75 वर्षीय थोर्बजॉर्न जगलैंड पर नॉर्वे में गंभीर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं। नॉर्वे पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई ओकोक्रिम ने बताया कि जांच इस बात पर केंद्रित है कि क्या उनके पद से जुड़े किसी उपहार, यात्रा या ऋण का लाभ लिया गया। पुलिस ने ओस्लो स्थित उनके आवास सहित अन्य संपत्तियों की तलाशी ली। उनके वकीलों ने आरोपों से इनकार किया है।

दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि एपस्टीन 2010 के दशक में न्यूयॉर्क और पेरिस स्थित अपने आवासों पर जगलैंड की मेजबानी का जिक्र करते थे। 2018 में स्टीव बैनन के साथ संदेशों में उन्होंने लिखा कि अगर डोनाल्ड ट्रंप को पता चले कि वह उस व्यक्ति के करीबी हैं जो नोबेल शांति पुरस्कार का फैसला करेगा, तो 'उनका सिर फट जाएगा।'


कई लोगों पर जमाई नोबेल के नाम पर धौंस
2013 में एपस्टीन ने रिचर्ड ब्रैनसन को ईमेल कर बताया कि जगलैंड उनके यहां ठहरने वाले हैं। 2015 में कैथी रूमलर को भी इसी तरह का निमंत्रण भेजा गया। 2012 में लैरी समर्स को लिखे संदेश में एपस्टीन ने कहा कि 'नोबेल शांति पुरस्कार के प्रमुख' उनके यहां ठहरे हुए हैं।

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जगलैंड के कार्यकाल में 2009 में बराक ओबामा और 2012 में यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। जगलैंड को एपस्टीन के संपर्क में नॉर्वे के राजनयिक टेर्जे रॉड लार्सन के जरिए लाया गया था, जिन्होंने ओस्लो शांति समझौते में भूमिका निभाई थी। लार्सन और उनकी पत्नी पर भी एपस्टीन से संबंधों के कारण नॉर्वे में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए हैं।

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