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Sri Lanka: आर्थिक संकट झेल रहे श्रीलंका में क्या हो पाएंगे स्थानीय चुनाव? आयोग ने किया नई तारीख एलान

Tue, 07 Mar 2023 07:50 PM IST
शिव शरण शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: शिव शरण शुक्ला Updated Tue, 07 Mar 2023 07:50 PM IST
सार

चुनाव कराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मुख्य विपक्षी सामग्री जन बलवेगया (एसजेबी) पार्टी के सांसदों ने राज्य के अधिकारियों के खिलाफ रिट की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वे चुनाव कराने के लिए आवश्यक धन से इनकार कर रहे थे।

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Election Commission says Sri Lanka to hold local election on April 25 update news in hindi
श्रीलंका - फोटो : ANI

विस्तार

नकदी संकट से जूझ रहे श्रीलंका के चुनाव आयोग ने मंगलवार को स्थानीय निकाय चुनाव  के लिए नई तारीख का एलान किया। अब चुनाव 25 अप्रैल को होंगे। इससे पहले चुनाव आयोग ने नौ मार्च को होने वाले स्थानीय निकाय चुनावों को देश के मौजूदा आर्थिक संकट से जुड़े कई कारणों से स्थगित कर दिया था। चुनाव आयोग ने नई तारीखों को लेकर एक बयान भी जारी किया है। आयोग ने बयान में कहा है कि संबंधित जिला चुनाव अधिकारी जल्द ही नई तारीख की घोषणा करेंगे।

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रानिल विक्रमसिंघे ने संसद में दिया था यह बयान
आर्थिक संकट झेल रहे देश में चुनाव से संबंधित इस घोषणा से पहले आयोग ने मंगलवार सुबह अधिकारियों के साथ बातचीत की। इन अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव के संचालन की सुविधा के लिए निर्देशित किया था। श्रीलंका के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने पिछले महीने संसद में नौ मार्च को चुनाव होने की खबरों को खारिज करते हुए कहा था कि इस मामले पर कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया था। राष्ट्रपति ने दावा किया था कि चुनाव के संचालन पर पांच सदस्यीय चुनाव आयोग एकमत नहीं था।
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एसजेबी ने दाखिल की है सुप्रीम कोर्ट में याचिका
दरअसल, चुनाव कराने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है। इस याचिका में मुख्य विपक्षी सामग्री जन बलवेगया (एसजेबी) पार्टी के सांसदों ने राज्य के अधिकारियों के खिलाफ रिट की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वे चुनाव कराने के लिए आवश्यक धन से इनकार कर रहे थे। याचिका में यह भी दावा किया गया था कि 2023 के बजट में स्थानीय चुनाव कराने के लिए 10 अरब रुपये आवंटित किए गए थे।
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बीते फरवरी माह की शुरुआत में चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया था कि देश के मौजूदा आर्थिक संकट से जुड़े कई कारणों के चलते 9 मार्च को स्थानीय निकाय चुनाव कराना मुश्किल है।
 
सरकार और विपक्ष का यह है दावा
वहीं, दूसरी ओर राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे कई बार जोर देकर कह चुके हैं कि उनका काम संकटग्रस्त अर्थव्यवस्था को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने संकेत दिया था कि पहले से ही कमजोर राज्य वित्त के साथ स्थानीय चुनाव आयोजित करने से अतिरिक्त दबाव आएगा, लेकिन समगी जन बालावेगया (एसजेबी) जैसी विपक्षी पार्टियां विक्रमसिंघे पर आरोप लगा रही हैं कि वह हार के डर से ट्रेजरी से फंड को रोककर स्थानीय चुनावों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।विपक्षी दल उन पर अधिकारियों और चुनाव आयोग को प्रभावित करने का भी आरोप लगा रहे हैं। 


गौरतलब है कि पिछले साल आर्थिक संकट के कारण मार्च में स्थानीय परिषदों के चुनाव को स्थगति कर दिया गया था। चार साल के कार्यकाल के लिए 340 स्थानीय परिषदों में नए प्रशासन के लिए चुनाव होना है। 

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