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India-Japan: विदेश मंत्रियों की 16वीं रणनीतिक वार्ता; जयशंकर बोले- भारत में जापानी निवेश बढ़ने की अपार संभावना
Thu, 07 Mar 2024 08:28 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, टोक्यो
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Thu, 07 Mar 2024 08:28 PM IST
सार
भारत और जापान के विदेश मंत्रियों के बीच 16वीं रणनीतिक वार्ता हुई। विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत में जापान की तरफ से निवेश बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पांच ट्रिलियन येन के लक्ष्य हासिल करने पर भी बयान दिया।
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जापान दौरे पर विदेश मंत्री डॉ जयशंकर
- फोटो : ani
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विस्तार
विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने आज जापानी विदेश मंत्री कामिकावा योको से मुलाकात की। राजधानी टोक्यो में 16वीं भारत-जापान विदेश मंत्री रणनीतिक वार्ता के बाद संयुक्त बयान जारी किया गया। विदेश मंत्री ने दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में जापानी निवेश बढ़ने की पूरी संभावनाएं हैं। उन्होंने छोटे और मझोले उद्योग पर विशेष जोर दिया।
पांच ट्रिलियन येन के साझा लक्ष्य पर नजरें
जापान के साथ भागीदारी बढ़ने की संभावनाओं पर विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने कहा, 'भारत ने समग्र निवेश के संदर्भ में पांच ट्रिलियन येन के अपने साझा लक्ष्य को साकार करने की मांग को भी रेखांकित किया।' उन्होंने कहा कि हम भारत के उत्तर पूर्व में जापान की भूमिका का स्वागत करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा, यह उस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
भारत और जापान का रिश्ता अहम; 2023 द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक साल
डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के मुद्दे पर भी जापान को 'स्वाभाविक भागीदार' के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि 2023 द्विपक्षीय संबंधों में ऐतिहासिक साल साबित हुआ है। विदेश मंत्री चार दिवसीय कोरिया-जापान यात्रा के दूसरे चरण में टोक्यो पहुंचे हैं। चार सदस्यीय क्वाड देशों के सम्मेलन के लिहाज से भी भारत और जापान का रिश्ता अहम है। चार सदस्यीय रणनीतिक सुरक्षा वार्ता- क्वाड में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं।
कोरिया दौरे पर अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति का उपहार
इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने दक्षिण कोरिया में कई अहम कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने अयोध्या की सिस्टर सिटी का दर्जा रखने वाले शहर- गिम्हे का दौरा भी किया। विदेश मंत्री ने दक्षिण कोरिया में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। गिम्हे में डॉ जयशंकर ने गिम्हे सिटी के मेयर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत और लंबे समय से लोगों के बीच कायम संबंधों का जिक्र किया। विदेश मंत्री ने गिम्हे सिटी में स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की। मेयर से मुलाकात के दौरान अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की।
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पांच ट्रिलियन येन के साझा लक्ष्य पर नजरें
जापान के साथ भागीदारी बढ़ने की संभावनाओं पर विदेश मंत्री डॉ जयशंकर ने कहा, 'भारत ने समग्र निवेश के संदर्भ में पांच ट्रिलियन येन के अपने साझा लक्ष्य को साकार करने की मांग को भी रेखांकित किया।' उन्होंने कहा कि हम भारत के उत्तर पूर्व में जापान की भूमिका का स्वागत करते हैं। विदेश मंत्री ने कहा, यह उस क्षेत्र की कनेक्टिविटी और औद्योगिक परिदृश्य को बदलने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
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#WATCH | EAM Dr S Jaishankar delivers a joint Press statement along with Japanese Foreign Minister Kamikawa Yoko, in Tokyo
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"...In economic cooperation, we (India & Japan) see the potential for the quantum jump of Japanese investment into India, especially from SMEs. We also… pic.twitter.com/WBNvhn431t— ANI (@ANI) March 7, 2024
भारत और जापान का रिश्ता अहम; 2023 द्विपक्षीय संबंधों का ऐतिहासिक साल
डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत अपनी विकास यात्रा के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता के मुद्दे पर भी जापान को 'स्वाभाविक भागीदार' के रूप में देखता है। उन्होंने कहा कि 2023 द्विपक्षीय संबंधों में ऐतिहासिक साल साबित हुआ है। विदेश मंत्री चार दिवसीय कोरिया-जापान यात्रा के दूसरे चरण में टोक्यो पहुंचे हैं। चार सदस्यीय क्वाड देशों के सम्मेलन के लिहाज से भी भारत और जापान का रिश्ता अहम है। चार सदस्यीय रणनीतिक सुरक्षा वार्ता- क्वाड में अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया भी शामिल हैं।
EAM Dr S Jaishankar and Japanese Foreign Minister Kamikawa Yoko held the 16th India-Japan Foreign Ministers Strategic Dialogue in Tokyo today pic.twitter.com/G69o0PVc05
— ANI (@ANI) March 7, 2024
कोरिया दौरे पर अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति का उपहार
इससे पहले बुधवार को विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर ने दक्षिण कोरिया में कई अहम कार्यक्रमों में भाग लिया। उन्होंने अयोध्या की सिस्टर सिटी का दर्जा रखने वाले शहर- गिम्हे का दौरा भी किया। विदेश मंत्री ने दक्षिण कोरिया में इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। गिम्हे में डॉ जयशंकर ने गिम्हे सिटी के मेयर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। उन्होंने भारत और दक्षिण कोरिया के बीच साझा सांस्कृतिक विरासत और लंबे समय से लोगों के बीच कायम संबंधों का जिक्र किया। विदेश मंत्री ने गिम्हे सिटी में स्थानीय निवासियों से भी मुलाकात की। मेयर से मुलाकात के दौरान अयोध्या के राम मंदिर की प्रतिकृति भी भेंट की।