US: स्पेसएक्स रॉकेट के स्पलैशडाउन का फुटेज सामने आया, मैक्सिको की खाड़ी में हुआ था लैंड
गुरुवार को स्पेसएक्स के सबसे ताकतवर स्टारशिप रॉकेट ने परीक्षण के दौरान अपना पहला स्पलैशडाउन हासिल कर लिया है। इसके सफल परीक्षण के बाद एलनमस्क ने एक्स पर ट्वीट करके बधाई दी।
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गुरुवार को स्पेसएक्स के ताकतवर स्टारशिप रौकेट ने परीक्षण के दौरान अपना पहला स्पलैशडाउन हासिल कर लिया है। यह प्रोटोटाइप प्रणाली के लिए मील का पत्थर साबित होगा। जो कि इंसान को मंगल ग्रह पर भेजने में काफी मदद करेगा।
कैमरे से पता चला कि जैसे ही स्पेस यान ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पश्चिम में हिंद महासागर के ऊपर से नीचे उतरा, जिस भाग में आग लगी थी उस मलबे के टुकड़े उड़ गए, लेकिन आखिर में ये वायुमंडल में जाने से बच गया और टुकड़े फिर से एक हो गए।
एलन मस्क ने ट्वीट करके बधाई दी
स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने एक्स पर ट्वीट करते हुए लिखा, ‘काफी नुकसान और एक फ्लैगशिप के क्षतिग्रस्त होने के बावजूद स्टारशिप ने समुद्र में सॉफ्ट लैंडिंग कर ली। आज अंतरिक्ष यात्रा में मनुष्य के भविष्य के लिए एक महान दिन है।’
सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर टेक्सास से किया गया था लॉन्च
सबसे शक्तिशाली रॉकेट को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर टेक्सास के बोका चिका से लॉन्च किया गया। स्पेस में जाने और समुद्र में पहुंचने से पहले उसने एक घंटे 6 मिनट की लंबी यात्रा की। रियूजेबल डिजाइन के साथ बना यह स्टारशिप एलन मस्क की उस महत्वकांक्षी योजना का हिस्सा है, जिससे कि मनुष्य मंगल ग्रह पर बस्ती बनाकर रह सके।
नासा ने स्टारशिप के नए संस्करण के लिए किया करार
इस बीच नासा ने स्टारशिप के नए संस्करण के लिए करार किया है। जिससे कि वह दशक के आखिरी तक आर्टेमिस कार्यक्रम के तहत अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर ले जाएगा
एलन मस्क ने 17 हजार मील प्रति घंटे की रफ्तार किया वादा
एलन मस्क ने कहा, हमारे लिए अगली चुनौती पूरी तरह से और तुरंत दोबारा इस्तेमाल करने वाली हीट शील्ड विकसित करना है। इसके साथ ही मस्क ने स्टारशिप को लगभग 27 हजार किलोमीटर प्रति घंटे यानी कि लगभग 17 हजार मील प्रति घंटे की रफ्तार से स्पेस एक्स के परीक्षण का वादा किया है।
लिफ्टऑफ के लगभग साढ़े सात मिनट बाद, पहला चरण बूस्टर, जिसे सुपर हेवी कहा जाता है, मैक्सिको की खाड़ी में लैंड करने में सफल रहा। इस उपलब्धि के लिए कैलिफोर्निया में मिशन में लगे इंजीनियरों ने जमकर ताली बजाई।