महाभियोग की कार्यवाही से खफा ट्रंप बोले- डेमोक्रेट्स का कदम अमेरिकी लोकतंत्र पर हमला
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ऊपर की जा रही महाभियोग की कार्यवाही को अमेरिकी लोकतंत्र के ऊपर हमला बताया है। ट्रंप ने कहा कि डेमोक्रेटिक सांसदों द्वारा अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में उनके ऊपर महाभियोग की कार्यवाही को मंजूरी देना अमेरिकी लोकतंत्र के ऊपर किया गया हमला है।
अमेरिकी कांग्रेस के 435 सदस्यीय निचले सदन ने गुरुवार को राष्ट्रपति पद के इतिहास में तीसरी बार, महाभियोग के प्रस्ताव को 232-196 वोटों से पारित किया है। यह प्रस्ताव मामले से जुड़े गवाहों से पूछताछ, खुली सुनवाई और संबंधित नियमों को स्थापित करने का अधिकार प्रदान करता है।
अमेरिका के निचले सदन में डेमोक्रेट्स के पास 233 सीटों के साथ बहुमत हैं, जो उसे ट्रंप के ऊपर महाभियोग चलाने का अधिकार देता है। जबकि सत्ताधारी रिपब्लिकन जिससे खुद राष्ट्रपति ट्रंप आते हैं, के पास 197 सीटें ही हैं।
मिसीसीपी के टुपेलो में आयोजित 'कीप अमेरिका ग्रेट रैली' को संबोधित करते हुए, ट्रंप ने कहा कि वे (डेमोक्रेट्स) चुनाव व्यवस्था को उखाड़ फेंकना चाहते हैं। अतिवादी डेमोक्रेट्स ने महाभियोग के लिए वोट देकर संविधान के ऊपर हमला किया है। लेकिन मैं आपको कहना चाहूंगा कि रिपब्लिकन बहुत ताकतवर हैं, बहुत ताकतवर इतना कि मैंने अपने जीवन में इसे इतना ताकतवर कभी नहीं देखा और साथ ही यह एकीकृत भी हैं।
इससे पहले दो राष्ट्रपतियों के खिलाफ चल चुका है महाभियोग
बता दें कि अब तक केवल दो अमेरिकी राष्ट्रपतियों के खिलाफ अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने महाभियोग लगाया है, जिनमें एन्ड्रयू जॉनसन और बिल क्लिंटन शामिल हैं, लेकिन नमें से किसी को भी सीनेट द्वारा दोषी नहीं ठहराया गया, जिसके परिणामस्वरूप आज तक महाभियोग प्रक्रिया का उपयोग करके किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति को पद से नहीं हटाया गया है।
100 सदस्यीय सीनेट में, ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 सीटों के साथ बहुमत हैं और डेमोक्रेट्स के पास 47 सीटें हैं। अमेरिकी कांग्रेस की वर्तमान संरचना को देखते हुए, महाभियोग की प्रक्रिया डेमोक्रेटिक नियंत्रित प्रतिनिधि सभा के माध्यम से पारित होने की संभावना है और वहीं, इसके जीओपी-बहुमत वाले सीनेट द्वारा पारित होने की संभावना नहीं है।
2020 में होने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति चुनावों के मद्देनजर ट्रंप ने अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, अमेरिकी मीडिया पर भी इस षडयंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया।