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US: 'बहुत हो चुका, अब रुकने का समय है', ट्रंप ने इस्राइल को वेस्ट बैंक पर कब्जा नहीं करने का दिया स्पष्ट संदेश

Fri, 26 Sep 2025 05:04 AM IST
दीपक कुमार शर्मा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 26 Sep 2025 05:04 AM IST
सार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह इस्राइल को वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे। ट्रंप का यह बयान अरब देशों के बढ़ते दबाव और अंतरराष्ट्रीय विरोध के बीच आया है। हालांकि, ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा समेत 10 देशों ने फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता दे दी है, जबकि अमेरिका और इस्राइल ने इसका कड़ा विरोध किया है। 

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Donald Trump says he would not allow Israel to annex West Bank
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका - फोटो : वीडियो ग्रैब/एएनआई

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्राइल को स्पष्ट संदेश दिया है कि वह उसे वेस्ट बैंक पर कब्जा करने की अनुमति नहीं देंगे। ट्रंप ने कहा, 'बहुत हो चुका, अब रुकने का समय है।' ट्रंप ने यह बात ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए तब कही, जब वह मध्य पूर्व नीति से असंबंधित कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर कर रहे थे।

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ट्रंप लंबे समय से इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने घनिष्ठ संबंधों का जिक्र करते रहे हैं, लेकिन अरब देशों के दबाव के कारण उन्होंने यह रुख अपनाया है। अरब नेताओं ने सार्वजनिक रूप से चिंता जताई है कि इस्राइल सेना वेस्ट बैंक पर और कब्जा करने की कोशिश कर रही है।
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इस हफ्ते 10 देशों ने फलस्तीन राष्ट्र को दी है मान्यता 
गाजा के विपरीत, जहां इस्राइल और हमास के बीच युद्ध जारी है। वहीं, वेस्ट बैंक पर फलस्तीनी प्राधिकरण का शासन है। इस हफ्ते ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया समेत 10 देशों ने फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी है, ताकि लंबे समय से ठप पड़े शांति प्रयासों को फिर से शुरू किया जा सके। हालांकि, अमेरिका और इस्राइल ने इस कदम का कड़ा विरोध किया है। इस्राइल के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक, जर्मनी ने न तो युद्धविराम की अपील का समर्थन किया है और न ही फलस्तीन राष्ट्र को मान्यता दी है। हालांकि, उसने कुछ सैन्य निर्यात रोक दिए हैं। 

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गाजा में इस्राइल की कार्रवाई से पश्चिमी देशों में नाराजगी
गाजा में इस्राइल की बढ़ती कार्रवाई से पश्चिमी देशों में नाराजगी बढ़ रही है। कई देशों ने फलस्तीन राष्ट्र के दर्जे को मान्यता दे दी है। वहीं, यूरोपीय संघ आर्थिक प्रतिबंधों और टैरिफ पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में बहिष्कार की संभावना भी बढ़ रही है। साथ ही कुछ देशों में इस्राइली पर्यटकों के प्रति नापसंदगी भी देखने को मिल रही है।

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