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US-Iran Tensions: ट्रंप बोले- ईरान से डील की उम्मीद, वरना सच साबित होगी खामेनेई की क्षेत्रीय युद्ध की चेतावनी
Mon, 02 Feb 2026 07:42 AM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन डीसी
Published by: अमन तिवारी
Updated Mon, 02 Feb 2026 07:42 AM IST
सार
मध्य पूर्व में बढ़ता अमेरिका-ईरान तनाव वैश्विक सुरक्षा के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि वे युद्ध के बजाय बातचीत से रास्ता निकालना चाहते हैं।
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अमेरिका-ईरान झंडा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ईरान वाशिंगटन के साथ समझौता कर लेगा। ट्रंप ने यह बात फ्लोरिडा में अपने मार-ए-लागो आवास पर पत्रकारों से चर्चा के दौरान कही। उन्होंने साफ किया कि अमेरिका इस क्षेत्र में सैन्य टकराव के बजाय कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहा है।
खामेनेई की चेतावनी पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उस चेतावनी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के साथ कोई भी संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा। ट्रंप ने कहा अमेरिका ने क्षेत्र में दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोत और सैन्य संसाधन तैनात किए हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समझौता नहीं हो पाता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि खामेनेई की चेतावनी कितनी सही थी।
ईरान ने लगाया आरोप
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर अमेरिका को कड़े शब्दों में आगाह किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि कोई भी युद्ध केवल एक सीमा तक सीमित नहीं रहेगा। खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ईरान युद्धपोतों या विमानों की धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के तेल, गैस और समृद्ध खनिज संसाधनों पर फिर से नियंत्रण हासिल करना चाहता है।
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ये भी पढ़ें: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव: दक्षिण लेबनान में इस्राइल की बड़ी कार्रवाई, हमले में हिजबुल्ला का बड़ा आतंकी ढेर
खामेनेई ने कहा कि ईरान खुद युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका दशकों पहले ईरान की राजनीति और सुरक्षा पर अपना कब्जा खो चुका है और अब वह वापसी का रास्ता तलाश रहा है। उनके अनुसार, ईरानी राष्ट्र अमेरिकी उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
ईरान के सचिव अली लारीजानी दिए सकारात्मक संकेत
तनाव के इन हालातों के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के लिए जरूरी ढांचा तैयार किया जा रहा है और तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने मीडिया में चल रही युद्ध की सनसनीखेज खबरों को गलत बताया।
फिलहाल, अमेरिकी नौसेना का एक विशाल बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान संभावित सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि परमाणु हथियारों पर चर्चा शुरू करने के लिए एक समय सीमा तय की गई है, हालांकि उन्होंने उस समय सीमा की जानकारी नहीं दी। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए इस संकट का समाधान निकाल पाएंगे।
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खामेनेई की चेतावनी पर ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की उस चेतावनी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका के साथ कोई भी संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में बदल जाएगा। ट्रंप ने कहा अमेरिका ने क्षेत्र में दुनिया के सबसे शक्तिशाली युद्धपोत और सैन्य संसाधन तैनात किए हैं। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर समझौता नहीं हो पाता है, तो यह स्पष्ट हो जाएगा कि खामेनेई की चेतावनी कितनी सही थी।
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ईरान ने लगाया आरोप
इससे पहले ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई ने सोशल मीडिया पर कई पोस्ट साझा कर अमेरिका को कड़े शब्दों में आगाह किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका को यह समझ लेना चाहिए कि कोई भी युद्ध केवल एक सीमा तक सीमित नहीं रहेगा। खामेनेई ने जोर देकर कहा कि ईरान युद्धपोतों या विमानों की धमकियों से डरने वाला नहीं है। उन्होंने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह ईरान के तेल, गैस और समृद्ध खनिज संसाधनों पर फिर से नियंत्रण हासिल करना चाहता है।
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खामेनेई ने कहा कि ईरान खुद युद्ध की शुरुआत नहीं करेगा, लेकिन किसी भी हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका दशकों पहले ईरान की राजनीति और सुरक्षा पर अपना कब्जा खो चुका है और अब वह वापसी का रास्ता तलाश रहा है। उनके अनुसार, ईरानी राष्ट्र अमेरिकी उत्पीड़न के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा।
ईरान के सचिव अली लारीजानी दिए सकारात्मक संकेत
तनाव के इन हालातों के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने कुछ सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत के लिए जरूरी ढांचा तैयार किया जा रहा है और तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने मीडिया में चल रही युद्ध की सनसनीखेज खबरों को गलत बताया।
फिलहाल, अमेरिकी नौसेना का एक विशाल बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान संभावित सैन्य कार्रवाई से बचने के लिए बातचीत के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि परमाणु हथियारों पर चर्चा शुरू करने के लिए एक समय सीमा तय की गई है, हालांकि उन्होंने उस समय सीमा की जानकारी नहीं दी। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या दोनों देश बातचीत के जरिए इस संकट का समाधान निकाल पाएंगे।
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