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सावधानी: कोरोना के नए रूप के बीच जीवन जोखिम में डालने से अच्छा मास्क पहनें
Fri, 02 Jul 2021 06:55 AM IST
देव कश्यप
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 02 Jul 2021 06:55 AM IST
सार
- डब्ल्यूएचओ का तर्क, बहुत लोगों को टीका नहीं, ऐसे में संक्रमण का खतरा
- सीडीसी का राय, टीका लगवा चुके लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य नहीं
- विवाद : मास्क पहनने को लेकर डब्ल्यूएचओ और सीडीसी आमने-सामने
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
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विस्तार
दुनियाभर में कोरोना वायरस का नए रूप में आने का सिलसिला जारी है। इसी बीच टीका और मास्क पहनने को लेकर नया मतभेद सामने आ गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि हर किसी को मास्क पहनना अनिवार्य है। वहीं अमेरिकी स्वास्थ्य संस्था सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) का कहना है कि टीके की दोनों खुराक लगवा चुके लोगों को मास्क पहनना जरूरी नहीं है।
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वायरस विशेषज्ञ और महामारी रोग विशेषज्ञों की भी इसपर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। हालांकि अधिकतर विशेषज्ञ इस बात पर सहमत हैं कि टीके की दोनों डोज लगवा चुके लोगों को मास्क पहनना होगा लेकिन ये स्थिति पर निर्भर करता है, आप जहां रहते हैं वहां पर महामारी की क्या स्थिति है। सब कुछ इसी पर आधारित है।
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जीवन को खतरे में क्यों डालना?
वर्जिनिया टेक्नोलॉजी और दुनिया की प्रसिद्ध वायरल ट्रांसमिशन विशेषज्ञ प्रो. लिन्से मार का कहना है कि मास्क पहनने के लिए आप जिस क्षेत्र में हैं या जहां जा रहे हैं वहां संक्रमण की स्थिति क्या है? कितने मरीज हैं, आप वहां किस काम से जा रहे हैं या आप वहां क्या करेंगे? इस पर तय होगा कि आपको मास्क पहनना है या नहीं। हालात जिस तरह के हैं उसमें जीवन को खतरे में डालने की बजाए मास्क पहनना ठीक होगा।
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वायरस के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार
मास्क से उन लोगों का वायरस से बचाव होगा जिन्हें टीका नहीं लगा है। जिन लोगों को टीका लग गया है वे सुरक्षित हो गए हैं, और दोबारा संक्रमण का खतरा भी बेहद कम है। हालांकि आप ये अभी तय नहीं कर सकते की किसे टीका लगा है और किसे नहीं, ऐसे में सभी को मास्क पहनना होगा जिससे वायरस का प्रसार रुक सके। खासकर ऐसे लोगों से जो संक्रमित तो हैं लेकिन कोई लक्षण नहीं है।
प्रो. मार का कहना है कि डब्ल्यूूएचओ दुनिया को कोरोना से बचाने में लगा है। अभी वायरस का डेल्टा वैरिएंट हावी हो रहा है। संक्रमण के मामले अधिक हैं और टीकाकरण की रफ्तार धीमी है। डेल्टा वैरिएंट पर टीके के असर पर भी संशय है। ऐसे में खतरे से बचने के लिए मास्क पहनना होगा।
कुछ स्थानों पर मास्क अनिवार्य रहे...
प्रो. मार का कहना है कि अभी हालात सुधरे नहीं है। ऐसे में कुछ स्थानों जैसे भीड़भाड़ वाले स्थान, बाजार, विमान या ट्रेन यात्रा, सिनेमा हॉल समेत अन्य स्थान जहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र होते हैं वहां मास्क अनिवार्य रखना होगा। ऐसे स्थानों पर मास्क पहनना अनिवार्य नहीं होगा तो संक्रमण फैलने की संभावना अधिक रहेगी।
भारत में मास्क पहनना अभी जरूरी क्यों?
वाराणसी के बीएचयू के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. विजयनाथ मिश्रा बताते हैं कि भारत में मास्क पहनना अभी बेहद जरूरी है। दूसरी लहर खत्म नहीं हुई है। डेल्टा और डेल्टा प्लस वैरिएंट ने दस्तक दे दी है। टीका भी सिर्फ तीन से चार फीसदी को लगा है। ऐसे में संक्रमण फैलने का खतरा अधिक है। मास्क बचाव का सबसे सरल माध्यम है। लोगों को एक दूसरे और स्वास्थ्य सुविधाओं की खातिर लंबे समय तक मास्क लगाना होगा।