US: 'ईरान पर सैन्य कार्रवाई से पहले कूटनीति ही विकल्प, समझौता करना समझदारी होगी', अमेरिका की तेहरान को चेतावनी
US: व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ कूटनीति को पहला विकल्प मानते हैं और समझौता करना ही समझदारी होगी। हालांकि, उन्होंने ईरान पर सैन्य कार्रवाई की संभावना पूरी तरह खारिज नहीं किया। पढ़ें रिपोर्ट-
विस्तार
ईरान पर सैन्य कार्रवाई करेगा अमेरिका?
जब उनसे ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई के बारे में पूछा गया, तो लिविट ने कहा, ईरान पर हमला करने के लिए कुछ तर्क दिए सकते हैं। राष्ट्रपति ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के तहत एक सफल अभियान चलाया था, जिसमें ईरान की परमाणु सुविधाओं को पूरी तरह नष्ट किया गया। राष्ट्रपति हमेशा स्पष्ट रहे हैं कि ईरान या किसी अन्य देश के साथ कूटनीति पहला विकल्प है और ईरान के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के साथ समझौता करना समझदारी होगी।
लिविट ने कहा, राष्ट्रपति ने कई लोगों, खासतौर से अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम से बातचीत कर रहे हैं। यह निर्णय अमेरिका और उसके लोगों के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए लिया जाएगा।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिकी सेना इस्राइल के साथ बातचीत में हैं, लेकिन किसी भी सैन्य कार्रवाई की पुष्टि नहीं की गई है। प्रेस सचिव ने कहा कि जिनेवा में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दों पर अभी भी काफी दूरियां हैं। उन्होंने कहा, थोड़ी प्रगति हुई है, लेकिन कुछ मुद्दों पर हम अभी भी दूर हैं। हम उम्मीद करते हैं कि ईरान अगले दो हफ्तों में विस्तृत प्रस्ताव लेकर आएगा। राष्ट्रपति इस प्रक्रिया को लगातार देखेंगे।
#WATCH | Washington DC | White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "There was some progress made yesterday with context to Iran... US government is in close communication and correspondence with Israel..."
— ANI (@ANI) February 18, 2026
(Source: Reuters) pic.twitter.com/qKJBq9o4Iy
मंगलवार को अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुश्नर ने जिनेवा में ईरानी अधिकारियों के साथ बातचीत की। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान अगले दो हफ्तों में अपनी विस्तृत योजना के साथ आएगा, ताकि मुद्दों को सुलझाया जा सके।
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इस बीच, ट्रंप ने जिनेवा में होने वाली महत्वपूर्ण कूटनीतिक बातचीत से पहले ईरान को चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ तो गंभीर परिणाम होंगे। उन्होंने ईरान से कहा कि अगली बातचीत में समझदारी दिखाएं और जून 2025 में कई गई बी-2 बमबारी की याद दिलाई।
खामेनेई ने क्या कहा?
- ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेई ने भी ट्रंप को चेतावनी दी और कहा कि दुनिया की सबसे ताकतवर सेना को भी विनाशकारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
- खामेनेई ने एक्स पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति की सैन्य श्रेष्ठता के दावों को चुनौती दी।
- उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति बार-बार कहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है। सबसे मजबूत सेना भी कभी-कभी इतनी भारी चोट खा सकती है कि फिर उठ नहीं सकती।
- अमेरिकी नौसैनिक मौजूदगी बढ़ने पर उन्होंने कहा कि अमेरिकी हथियार ईरानी मुकाबले के लिए कमजोर हैं।
खामनेई ने कहा, अमेरिकी लगातार कहते हैं कि उन्होंने ईरान की ओर युद्धपोत भेजा है। युद्धपोत खतरनाक है, लेकिन उससे भी खतरनाक वह हथियार है जो उस युद्धपोत को समुद्र के तल तक भेज सकता है। ईरान और अमेरिका ने पिछली बार अप्रैल 2025 में परमाणु वार्ता की थी।
#WATCH | Washington DC | White House Press Secretary Karoline Leavitt says, "There was some progress made yesterday with context to Iran... US government is in close communication and correspondence with Israel..."
— ANI (@ANI) February 18, 2026
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