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डेनियल पर्ल हत्याकांड में दोषी उमर शेख की रिहाई पर अमेरिका नाराज
Fri, 29 Jan 2021 03:53 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वाशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Fri, 29 Jan 2021 03:53 AM IST
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Daniel Pearl
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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या मामले में ब्रिटिश मूल के अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर शेख की रिहाई पर अमेरिका ने नाराजगी जताई है। अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकेन ने कहा कि वह उमर शेख की रिहाई से बेहद चिंतित हैं। हम पर्ल परिवार को न्याय देने और आतंकियों को जिम्मेदार ठहराए जाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं।
बता दें कि पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या मामले में ब्रिटिश मूल के अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर शेख को बरी किये जाने के खिलाफ दाखिल अपीलों को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। न्यायालय ने इस सनसनीखेज मामले में शेख को रिहा करने का आदेश भी दिया।
वर्ष 2002 में कराची में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलकायदा के बीच संबंधों पर एक खबर के लिए जानकारी जुटा रहे थे। इसके बाद सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी गई थी।
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शेख और उसके तीन सहयोगियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने सिंध उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ सिंध प्रांतीय सरकार की अपील को खारिज कर दिया जिसमें पर्ल की हत्या के लिए शेख की सजा को समाप्त कर दिया गया था। तीन न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने संदिग्ध को रिहा करने का आदेश भी दिया। पीठ के एक सदस्य ने इस फैसले का विरोध किया।
उसके वकील महमूद शेख ने मीडिया को बताया कि पीठ ने सिंध उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें अपीलों को खारिज कर दिया गया था और शेख को रिहा करने का आदेश दिया गया था।
सिंध उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने अप्रैल, 2020 में उमर शेख की मौत की सजा को पलट दिया था और उसे सात साल कारावास की सजा सुनाई थी और तीन अन्य आरोपियों फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को बरी कर दिया था।
आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने इन आरोपियों को पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सिंध सरकार और डेनियल पर्ल के परिवार ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थीं।
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बता दें कि पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल के अपहरण और हत्या मामले में ब्रिटिश मूल के अलकायदा आतंकवादी अहमद उमर शेख को बरी किये जाने के खिलाफ दाखिल अपीलों को बृहस्पतिवार को खारिज कर दिया। न्यायालय ने इस सनसनीखेज मामले में शेख को रिहा करने का आदेश भी दिया।
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वर्ष 2002 में कराची में ‘द वॉल स्ट्रीट जर्नल’ के दक्षिण एशिया ब्यूरो प्रमुख पर्ल (38) का उस समय अपहरण कर लिया गया था, जब वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलकायदा के बीच संबंधों पर एक खबर के लिए जानकारी जुटा रहे थे। इसके बाद सिर कलम करके उनकी हत्या कर दी गई थी।
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शेख और उसके तीन सहयोगियों को इस मामले में दोषी ठहराया गया था और सजा सुनाई गई थी।
उच्चतम न्यायालय ने सिंध उच्च न्यायालय के उस फैसले के खिलाफ सिंध प्रांतीय सरकार की अपील को खारिज कर दिया जिसमें पर्ल की हत्या के लिए शेख की सजा को समाप्त कर दिया गया था। तीन न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने संदिग्ध को रिहा करने का आदेश भी दिया। पीठ के एक सदस्य ने इस फैसले का विरोध किया।
उसके वकील महमूद शेख ने मीडिया को बताया कि पीठ ने सिंध उच्च न्यायालय के उस आदेश को बरकरार रखा जिसमें अपीलों को खारिज कर दिया गया था और शेख को रिहा करने का आदेश दिया गया था।
सिंध उच्च न्यायालय की दो न्यायाधीशों वाली एक पीठ ने अप्रैल, 2020 में उमर शेख की मौत की सजा को पलट दिया था और उसे सात साल कारावास की सजा सुनाई थी और तीन अन्य आरोपियों फहाद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब को बरी कर दिया था।
आतंकवाद निरोधक अदालत (एटीसी) ने इन आरोपियों को पहले आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। सिंध सरकार और डेनियल पर्ल के परिवार ने उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देते हुए उच्चतम न्यायालय में याचिकाएं दाखिल की थीं।