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Cuba: भिखारियों के विवाद में क्यूबा की मंत्री की छिन गई कुर्सी, भारी विरोध के बाद देना पड़ा इस्तीफा
Wed, 16 Jul 2025 10:31 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हवाना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हवाना
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 16 Jul 2025 10:31 AM IST
सार
कुछ साल पहले तक क्यूबा में भिखारी दिखाई नहीं देते थे और लोग बेघर भी नहीं होते थे, लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि कई लोग, खासकर बुजुर्ग कूड़ा बीनते या फिर कांच साफ करते दिखाई देते हैं।
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क्यूबा में भिखारियों के मुद्दे पर हंगामा
- फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
क्यूबा में श्रम मंत्री ने भिखारियों को लेकर ऐसा बयान दे दिया कि पूरे देश में इसे लेकर हंगामा हो गया और आखिरकार मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। क्यूबा के राष्ट्रपति ने भी बयान की आलोचना की। विरोध इतना ज्यादा था कि राष्ट्रपति को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर श्रम मंत्री के इस्तीफे की जानकारी देनी पड़ी। दरअसल श्रम मंत्री मार्ता एलेना फीतो केबरेरा ने अपने बयान में कहा कि देश में कोई भिखारी नहीं है और लोग सिर्फ भिखारी होने का दिखावा करते हैं।
किस बयान पर हुआ विवाद?
मार्ता एलेना फीतो केबरेरा ने सोमवार को नेशनल असेंबली समिति के सामने कहा कि 'हमने लोगों को देखा है, जो भिखारी होते हैं, लेकिन अगर आप उनके हाथ या उनके कपड़े देखें तो ऐसा लगता है कि वे भिखारी होने का दिखावा कर रहे हैं। वे असल में भिखारी नहीं हैं। क्यूबा में कोई भी भिखारी नहीं है।' उन्होंने ये भी दावा किया कि लोग भीख मांगकर शराब पीते हैं। फीतो का यह बयान वायरल हो गया और इसके खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध प्रदर्शनों में लोगों ने फीतो के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई करने की मांग की गई। भारी विरोध और दबाव के बीच फीतो ने श्रम मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनाल ने फीतो के बयान को असंवेदनशील करार दिया।
ये भी पढ़ें- US: अब चीन नहीं, अमेरिका बन रहा दुनिया की नजरों में खलनायक! ट्रंप के आने के बाद बिगड़ रही छवि
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क्यूबा में आर्थिक हालात बेहद खराब
दरअसल क्यूबा में आर्थिक हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कुछ साल पहले तक क्यूबा में भिखारी दिखाई नहीं देते थे और लोग बेघर भी नहीं होते थे, लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि कई लोग, खासकर बुजुर्ग कूड़ा बीनते या फिर कांच साफ करते दिखाई देते हैं। सामाजिक सुरक्षा बेहद कम हो गई है और रिटायर होने के बाद लोगों को 2000 क्यूबा पेसो प्रति माह की पेंशन मिल पा रही है, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 5 डॉलर ही होते हैं। इन पैसों से अंडे की एक कार्टन खरीदना भी मुश्किल है। जिन लोगों को परिजन विदेश में काम नहीं करते उनके लिए दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि श्रम मंत्री के बयान पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों का आरोप है कि सरकार हालात को देख नहीं पा रही है और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आर्थिक हालात को सुधारने के लिए जल्द ही कड़े कदम उठाएगी। लोगों का कहा है कि पेंशन के पैसों से घर चलाना मुश्किल है और अब क्यूबा की यही हकीकत है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, क्यूबा का सकल घरेलू उत्पादन साल 2024 में 1.1 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं बीते पांच वर्षों में इसमें 11 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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किस बयान पर हुआ विवाद?
मार्ता एलेना फीतो केबरेरा ने सोमवार को नेशनल असेंबली समिति के सामने कहा कि 'हमने लोगों को देखा है, जो भिखारी होते हैं, लेकिन अगर आप उनके हाथ या उनके कपड़े देखें तो ऐसा लगता है कि वे भिखारी होने का दिखावा कर रहे हैं। वे असल में भिखारी नहीं हैं। क्यूबा में कोई भी भिखारी नहीं है।' उन्होंने ये भी दावा किया कि लोग भीख मांगकर शराब पीते हैं। फीतो का यह बयान वायरल हो गया और इसके खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। विरोध प्रदर्शनों में लोगों ने फीतो के खिलाफ महाभियोग की कार्रवाई करने की मांग की गई। भारी विरोध और दबाव के बीच फीतो ने श्रम मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति मिगुएल डियाज कैनाल ने फीतो के बयान को असंवेदनशील करार दिया।
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क्यूबा में आर्थिक हालात बेहद खराब
दरअसल क्यूबा में आर्थिक हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। कुछ साल पहले तक क्यूबा में भिखारी दिखाई नहीं देते थे और लोग बेघर भी नहीं होते थे, लेकिन अब हालात ये हो गए हैं कि कई लोग, खासकर बुजुर्ग कूड़ा बीनते या फिर कांच साफ करते दिखाई देते हैं। सामाजिक सुरक्षा बेहद कम हो गई है और रिटायर होने के बाद लोगों को 2000 क्यूबा पेसो प्रति माह की पेंशन मिल पा रही है, जो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले करीब 5 डॉलर ही होते हैं। इन पैसों से अंडे की एक कार्टन खरीदना भी मुश्किल है। जिन लोगों को परिजन विदेश में काम नहीं करते उनके लिए दो वक्त का खाना जुटाना भी मुश्किल हो गया है। यही वजह है कि श्रम मंत्री के बयान पर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा।
लोगों का आरोप है कि सरकार हालात को देख नहीं पा रही है और उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार आर्थिक हालात को सुधारने के लिए जल्द ही कड़े कदम उठाएगी। लोगों का कहा है कि पेंशन के पैसों से घर चलाना मुश्किल है और अब क्यूबा की यही हकीकत है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, क्यूबा का सकल घरेलू उत्पादन साल 2024 में 1.1 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं बीते पांच वर्षों में इसमें 11 प्रतिशत की गिरावट आई है।
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