एक नहीं दो बार कोरोना को हरा चुकी ये महिला, बताया बेफिक्री पड़ी कितनी भारी
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दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है। इससे अब तक दुनिया भर में 4.12 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 11 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों के दोबारा संक्रमित होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच अमेरिकी प्रांत ओक्लाहोमा की एक महिला ने दूसरी बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद लोगों को इसके प्रति सावधानी बरतने की अपील की है।
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दुनिया भर में कोरोना वायरस का कहर अभी भी जारी है। इससे अब तक दुनिया भर में 4.12 करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं 11 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच कोरोना संक्रमण से ठीक हो चुके मरीजों के दोबारा संक्रमित होने के कई मामले सामने आ चुके हैं। इस बीच अमेरिकी प्रांत ओक्लाहोमा की एक महिला ने दूसरी बार कोरोना संक्रमण को मात देने के बाद लोगों को इसके प्रति सावधानी बरतने की अपील की है।
दुनिया भर में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस का खौफ चरम पर था। लोग अपने स्वास्थ्य को लेकर सतर्कता बरत रहे थे, उस वक्त मैं कोरोना संक्रमित हुई और ठीक हो गई। मुझे लगा कि मैं इम्यून हूं और मुझे दोबारा कोरोना नहीं हो सकता, इसलिए मैं थोड़ी बेफ्रिक हो गई थी। लेकिन जब दूसरी बार कोरोना से संक्रमित हुई, तो मौत को बड़े नजदीक से देखा। यह बहुत ही डरावना दृश्य था। यह कहना है दूसरी बार कोरोना को मात देकर जिंदगी की जंग जीतने वाली ओक्लाहोमा की 46 वर्षीय लेस्ली तान्यन का।
तान्यन बोली, मुझे लगा कि मैं इम्यून हूं
लेस्ली तान्यन पहली बार जून में कोविड-19 से संक्रमित हुईं थीं। उस वक्त उनमें कोरोना के हल्के से लक्षण थे। वह जल्द ही ठीक भी हो गईं थीं। अगस्त में उनकी फिर से तबीयत खराब हो गई, जब उन्होंने डॉक्टर को दिखाया, तो शुरुआत में उनकी कोरोना जांच नहीं की गई। डॉक्टर को दिखाने के दौरान डॉक्टर और उन्हें लगा कि वह प्रतिरक्षित हैं, उन्हें दोबारा कोरोना संक्रमण नहीं हो सकता।
तान्यन ने बताया, ''जल्द ही उनको सांस लेने में तकलीफ होने लगी और वह बेहोश हो गई। इसके बाद उनके पति ने उन्हें आनन—फानन अस्पताल पहुंचाया। उस वक्त लग रहा था कि सिर फटने वाला है। ऑक्सीजन नहीं मिल पा रही थी, इससे सिर पर बहुत दबाव महसूस हो रहा था। ठीक से सांस नहीं आ रही थी, लग रहा थाकि कोई गला दबा रहा है। मैं सांस लेने के लिए झटपटा रही थी। यह बहुत डरावना था। आप मौत से अकेले जूझ रहे होते हो, आपके आसपास आपका कोई अपना नहीं होता। यह सबसे अधिक डराने वाला दृश्य होता है।''
महिला करीब तीन महीने बाद घर लौटी
अमेरिकी मूल की तान्यन को दूसरी बार कोरोना का इलाज कराने के दौरान एक महीने से अधिक समय तक अस्पताल में रखा गया। उसके बाद क्षतिग्रस्त फेफड़ों का इलाज कराने के लिए अन्य चिकित्सकों के पास भेजा दिया गया। अगस्त में अस्पताल में भर्ती होने के बाद तान्यन को अक्तूबर में घर लौटने की अनुमति मिली।
अस्पताल से घर लौटकर तान्यन ने लोगों से कोरोना संक्रमण को लेकर विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। तान्यन ने कहा कि इसे फ्लू की तरह हल्के में लेने की भूल मत कीजिए। फ्लू तीन दिन में ठीक हो जाता है, फ्लू से आप बच जाते हैं, लेकिन यह आपकी जान ले सकता है। उन्होंने कहा कि वह बेहद भाग्यशाली महसूस कर रहीं हैं, जो इस जानलेवा बीमारी को दूसरी बार हराकर घर लौट आईं हैं। जबकि लाखों लोग मेरी तरह खुशनसीब नहीं थे। वे अब इस दुनिया में नहीं हैं।
बता दें कि लेस्ली तान्यन ओक्लाहोमा की दूसरी महिला हैं, जो दोबारा संक्रमित होने के बाद ठीक हो गईं हैं।इससे पहले अक्तूबर में ही 41 वर्षीय टीशा डेविस दूसरी बार कोरोना संक्रमण को मात देकर स्वस्थ्य हो गईं