{"_id":"5ecc94d18ebc3e90571a41d9","slug":"coronavirus-pandemic-us-company-announced-to-start-testing-coronavirus-infection-drug-in-humans","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना: अमेरिकी कंपनी ने मनुष्यों पर परीक्षण शुरू करने की घोषणा की, इसी साल दवा आने की जताई उम्मीद","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कोरोना: अमेरिकी कंपनी ने मनुष्यों पर परीक्षण शुरू करने की घोषणा की, इसी साल दवा आने की जताई उम्मीद
Tue, 26 May 2020 11:22 AM IST
देव कश्यप
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 26 May 2020 11:22 AM IST
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना वायरस के कहर से निपटने के लिए दुनियाभर के अनुसंधानकर्ता और वैज्ञानिक इस बीमारी की दवा बनाने में जुटे हुए हैं। इसी बीच अमेरिका की एक बायोटेक्नोलॉजी कंपनी ने ऑस्ट्रेलिया में कोरोना वायरस संक्रमण की दवा का मनुष्यों में परीक्षण शुरू करने की घोषणा की और इस महामारी की इसी वर्ष दवा आने की उम्मीद जताई है।
विज्ञापन
बायोटेक्नोलॉजी कंपनी 'नोवावैक्स' के प्रमुख शोधकर्ता डॉ. ग्रिगोरी ग्लेन ने बताया कि कंपनी ने पहले चरण का परीक्षण शुरू कर दिया है जिसमें मेलबर्न और ब्रिस्बेन शहरों के 131 स्वयंसेवियों पर दवा का परीक्षण किया जाएगा।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें: थाईलैंड 2021 तक बनाएगा सबसे सस्ती कोरोना वैक्सीन, बंदरों पर शुरू किया टीके का परीक्षण
विज्ञापन
ग्लेन ने ‘नोवावैक्स’ के मैरीलैंड स्थित मुख्यालय से ऑनलाइन प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि हम दवा और टीकों का साथ-साथ यह सोच कर निर्माण कर रहे है कि हम दिखा पाएंगे कि यह कारगर है और वर्ष के अंत तक इसे लोगों के लिए उपलब्ध करा सकेंगे।
गौरतलब है कि चीन, अमेरिका और यूरोप में करीब दर्जन भर प्रायोगिक दवाएं परीक्षण के प्रारंभिक चरण में हैं या उनका परीक्षण शुरू होने वाला है। अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें से कोई भी दवा सुरक्षित और कारगर साबित होगी भी या नहीं, लेकिन कई दवाएं अलग-अलग तरीकों से काम करती हैं और भिन्न तकनीकों से बनाई गई हैं, इससे इस बात की उम्मीद बढ़ी है कि इनमें से कोई दवा सफल हो सकती हैं।
‘नोवावैक्स’ ने पिछले माह कहा था कि हम जो दवा बनाते हैं उसमें हम वायरस को हाथ भी नहीं लगाते, लेकिन अंतत: यह रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए किसी वायरस जैसा ही प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि यह वही तरीका है जिससे नोवावैक्स नैनोपार्टिकल जुकाम की दवा तैयार करती है।