फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Corona infection: Fear of increasing pandemic in winter, Europe put strength in precautionary preparations

कोरोना संक्रमण: सर्दियों में महामारी बढ़ने का अंदेशा, यूरोप ने एहतियाती तैयारियों में झोंकी ताकत

Wed, 17 Nov 2021 05:25 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ब्रसेल्स Published by: Harendra Chaudhary Updated Wed, 17 Nov 2021 05:25 PM IST
सार

यूरोप में नए संक्रमण का स्तर का अभी भी ऊंचा बना हुआ है। खास कर पूर्वी यूरोपीय देशों में बड़ी संख्या में रोज नए मामले सामने रहे हैं। इनमें से कई देशों में टीकाकरण की दर अभी भी कम है। लेकिन जर्मनी में भी बहुत बड़ी संख्या में संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं, जहां टीकाकरण की दर संतोषजनक रही है...

विज्ञापन
Corona infection: Fear of increasing pandemic in winter, Europe put strength in precautionary preparations
कोरोना वायरस - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

सर्दियों में कोरोना संक्रमण बढ़ने की आशंका के कारण यूरोपीय देशों ने महामारी की संभावित लहर से निपटने की तैयारी में पूरा जोर लगा दिया है। अस्पतालों में बिस्तरों की संख्या बढ़ाने और इन्टेंसिव केयर यूनिट्स को दुरुस्त करने में कई देश बड़े पैमाने पर संसाधन झोंक रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य कर्मियों की कमी इस काम में रुकावट बन रही है। इसकी वजह यह है कि बड़ी संख्या में डॉक्टरों और नर्सों ने नौकरी छोड़ दी है। बताया जाता है कि नौकरी छोड़ने की वजह महामारी के दौरान साल भर से भी ज्यादा समय तक लगातार काम करने से पैदा हुई थकान रही है।

विज्ञापन

कई स्वास्थ्य कर्मियों ने छोड़ी नौकरी

बेल्जियम के शहर होर्नू के नर्स के रूप में काम करने वाली एल्डा डेला ने वेबसाइट पॉलिटिको.कॉम से कहा- ‘नर्सों का मनोबल गिरा हुआ है। वे थकी हुई हैं।’ बताया जाता है कि इस शहर में 40 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों ने या तो नौकरी छोड़ दी है, या वे छुट्टी पर चले गए हैं। इसके बावजूद पर्यवेक्षकों की राय है कि यूरोपियन यूनियन (ईयू) के तहत आने वाले देशों की कोरोना महामारी से निपटने की तैयारी इस बार बेहतर है।

विज्ञापन


विशेषज्ञों ने कहा है कि बेहतर तैयारी का एक प्रमुख कारण यह है कि अब कोरोना वायरस का संक्रमण कोई रहस्यमय रोग नहीं रह गया है। जो डॉक्टर या नर्स अभी काम कर रहे हैं, उन्हें इस बीमारी के बारे में बेहतर जानकारी है। इसलिए वे इलाज में ज्यादा सक्षम हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

टीका न लगवाने वालों के लिए लगाया लॉकडाउन

यूरोप में नए संक्रमण का स्तर का अभी भी ऊंचा बना हुआ है। खास कर पूर्वी यूरोपीय देशों में बड़ी संख्या में रोज नए मामले सामने रहे हैं। इनमें से कई देशों में टीकाकरण की दर अभी भी कम है। लेकिन जर्मनी में भी बहुत बड़ी संख्या में संक्रमण के नए मामले सामने आ रहे हैं, जहां टीकाकरण की दर संतोषजनक रही है। संक्रमण की ताजा गंभीर हालत के कारण ऑस्ट्रिया ने उन लोगों के लिए लॉकडाउन लागू कर दिया है, जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है। नीदरलैंड्स में भी ऐसे कदम उठाने पर विचार किया जा रहा है।


इस बीच यूरोप फ्लू फैलने की आशंका से भी चिंतित है। पिछले साल कोरोना महामारी के साथ फ्लू भी फैल गया था, जिससे अस्पतालों पर बोझ़ बढ़ गया। इस बार पिछले साल जैसी अफरातफरी ना मचे, इसके लिए कई कार्यक्रम अपनाए गए हैं। यूरोपियन सोसायटी ऑफ इन्टेंसिव केयर मेडिसीन (ईएसआईसीएम) ने अस्पतालों के लिए एक खास ट्रेनिंग प्रोग्राम तैयार किया है। इसके जरिए स्वास्थ्य कर्मियों को ज्यादा संख्या में मरीज आने की स्थिति के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।


ईएसआईसीएम के अध्यक्ष मोरिजियो सिकोनी ने वेबसाइट पॉलिटिको से कहा- ‘ये प्रोग्राम सफल रहा है। इसके तहत 17 हजार डॉक्टरों और दस हजार से ज्यादा नर्सों को ट्रेनिंग दी गई है।’ यूरोपियन ऑब्जरवेटरी में रिसर्च फेलॉ गेमा विलियम्स ने कहा- अस्पतालों को बताया गया है कि महामारी के मरीजों के अधिक संख्या में आने पर उन्हें संभालने का सबसे अच्छा उपाय यह है कि उन लोगों का इलाज या सर्जरी टाल दी जाए, जिनमें ऐसा करना संभव है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed