{"_id":"6185c4f480bd1821c24c6a10","slug":"cop26-imf-welcomes-indias-announcement-of-zero-carbon-emissions-big-companies-came-together-in-this-campaign","type":"story","status":"publish","title_hn":"कॉप26 : आईएमएफ ने भारत के शून्य कार्बन उत्सर्जन की घोषणा का किया स्वागत, इस मुहिम में साथ आईं दिग्गज कंपनियां","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
कॉप26 : आईएमएफ ने भारत के शून्य कार्बन उत्सर्जन की घोषणा का किया स्वागत, इस मुहिम में साथ आईं दिग्गज कंपनियां
Sat, 06 Nov 2021 05:27 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, वाशिंगटन/नई दिल्ली/ग्लासगो
एजेंसी, वाशिंगटन/नई दिल्ली/ग्लासगो
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 06 Nov 2021 05:27 AM IST
सार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में कॉप26 सम्मेलन के दौरान 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को घटाकर नेट जीरो तक लाने की घोषणा की थी। आईएमएफ के जनसंपर्क विभाग के निदेशक गैरी राइस ने कहा, कॉप26 में उत्सर्जन कटौती और नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने की भारत की घोषणा का हम स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने 2070 तक कार्बन उत्सर्जन को घटाकर नेट जीरो तक लाने की भारत की घोषणा का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में कॉप26 सम्मेलन के दौरान ये घोषणा की थी। आईएमएफ के जनसंपर्क विभाग के निदेशक गैरी राइस ने बृहस्पतिवार को यहां पत्रकारों से कहा, कॉप26 में उत्सर्जन कटौती और नवीकरणीय ऊर्जा पर निर्भरता बढ़ाने की भारत की घोषणा का हम स्वागत करते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने कहा, जैसे कि हम जानते हैं, भारत अभी कार्बन के सबसे बड़ उत्सर्जकों में एक है और बिजली उत्पादन के लिए कोयले पर निर्भर है। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में भारी निवेश और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी नीतियों पर ध्यान देने से वह अपने नए लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
विज्ञापन
शून्य कार्बन तकनीक: अमेजन, एपल, महिंद्रा, डालमिया आए साथ ‘फर्स्ट मूवर्स कोलिजन’ की स्थापना की
अमेजन और एपल जैसी विशाल बहुराष्ट्रीय कंपनियों और भारत की महिंद्रा समूह एवं डालमिया सीमेंट (भारत) संस्थापक सदस्य के रूप में ‘फर्स्ट मूवर्स कोलिजन’ में शामिल हुए हैं जो कि शून्य कार्बन तकनीक की मांग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने ये जानकारी दी है। इस गठजोड़ की घोषणा ग्लासगो में चल रहे कॉप 26 सम्मेलन के दौरान की गई है।
विज्ञापन
2050 के वैश्विक उत्सर्जन कटौती लक्ष्य को हासिल करने के लिए इसका आधा हिस्सा शुरुआती तकनीकी विकास, प्रदर्शन और प्रोटोटाइप फेज पर निर्भर है जबकि तकनीक को बाजार तक लाने और उसे सस्ता रखने के लिए इस दशक में नवोन्मेष की महत्वपूर्ण भूमिका होने वाली है। इस प्रयास को गति देने के लिए वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम ने जलवायु परिवर्तन पर अमेरिकी राष्ट्रपति के विशेष दूत जॉन केरी के साथ मिलकर फर्स्ट मूवर्स कोलिजन नामक मंच की घोषणा की है जिसमें शामिल होकर कंपनियां तकनीक खरीद का वादा कर सकती हैं जिससे निमभन कार्बन वाली तकनीक के लिए बाजार तैयार हो सकेगा।
कंपनियों द्वारा एक साथ किए जाने वाले वादे से इस बात की चिंता नहीं रहेगी कि कार्बन मुक्त तकनीक की खोज होने के बाद उसके लिए बाजार उपलब्ध होगा या नहीं। मंच तकनीकी समाधान की खोज के लिए परिचालन बल के रूप में काम करेगा।
स्टील, सीमेंट, अल्युमिनियम, केमिकल, जहाजरानी, उड्डयन और ट्रकों के क्षेत्र में ये मंच ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगा। वैश्विक कार्बन उत्सर्जन में एक तिहाई हिस्सा इन्हीं क्षेत्रों का है। हालांकि इन क्षेत्रों में जीवाश्म ईंधन का सस्ता और स्वच्छ विकल्प अबतक उपलब्ध नहीं है। इस मंच के संस्थापक सदस्यों में एजिलिटी, एयरबस, अमेजन, एपल, बैंक ऑफ अमेरिका, बोईंग, डालमिया सीमेंट (भारत) लिमिटेड, महिंद्रा समूह समेत कई अन्य बड़ी कंपनियां शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन पर विश्व को दिशा दिखा सकता है भारत: भूपेंद्र यादव
पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है जहां से वह जलवायु परिवर्तन के संकट में पूरी दुनिया को दिशा दिखा सकता है। यादव शुक्रवार को ग्लासगो में ये बात कही। कॉप26 की बैठक में हिस्सा लेने यहां मौजूद यादव ने कहा कि वह इस बात से गौरवान्वित हैं कि इस सम्मेलन में भारत की ओर से उन्हें बातचीत करने का मौका मिला है।
साथ ही वैश्विक नेताओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रभाव देखकर भी वह अभिभूत हैं। मंत्री ने कहा कि पीएम मोदी ने कॉप26 सम्मेलन में जो पंचामृत का विचार रखा है उससे पूरी दुनिया को नए भारत की क्षमता का अंदाजा हो गया है। यादव यहां अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।