Chinese Cargo Cranes: चीनी गुब्बारों के बाद अब चीन में बने क्रेन बन गए अमेरिका की चिंता
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चीनी गुब्बारों के बाद अमेरिका को चीन में बने क्रेनों की चिंता सताने लगी है। यह संदेह जताया गया है कि बंदरगाहों पर जहाजों से सामान उतारने में इस्तेमाल होने वाले क्रेन का इस्तेमाल चीन जासूसी के लिए भी कर रहा हो सकता है।
अमेरिका के सुरक्षा अधिकारियों ने आगाह किया है कि दुनिया में जासूसी के तरीके बदल रहे हैं। अब पहले की तरह सिर्फ जासूसों और उपग्रहों के जरिए ही जासूसी नहीं की जाती। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि चीन में बने कई उपकरणों का इस्तेमाल जासूसी या अमेरिका में उथल-पुथल मचाने के लिए किया जा सकता है। इन उपकरणों में सामान की स्क्रीनिंग करने वाले सिस्टम और बिजली ट्रांसफॉर्मर भी शामिल हैं।
अधिकारियों ने इस पर चिंता जताई है कि दुनिया भर के बंदरगाहों पर चीन की पकड़ मजबूत होती जा रही है। उसने अलग-अलग देशों के बंदरगाहों में निवेश किया है। उनके अलावा दुनिया के हर लगभग हर बंदरगाह तक चीन के नए कंटेनर पहुंचते हैं।
अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल में छपी एक खास रिपोर्ट के मुताबिक क्रेंस का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया गया है या नहीं, इस बारे में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के पास अभी विस्तृत जानकारी नहीं है। फरवरी में चीन के एक गुब्बारे को अमेरिका ने मिसाइल से मार गिराया था। उसके बाद अमेरिकी अधिकारियों ने कहा था कि गुब्बारे को एक ऐसी कंपनी ने बनाया था, जिसके संबंध चीन की सेना से हैं। अधिकारियों के मुताबिक उस गुब्बारे पर एंटेना और सेंसर लगे थे, जिनके जरिए गुप्त सूचनाएं इकट्ठी कर चीन भेजना संभव था।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक इसी संदर्भ में जहाज से बंदरगाह तक पर चलने वाले क्रेन चर्चा में आए हैं। अमेरिका में बीते दिसंबर में 850 बिलियन डॉलर के रक्षा बजट को मंजूरी दी गई थी। इसके साथ पारित रक्षा नीति में अमेरिकी परिवहन विभाग से जुड़े समुद्री प्रशासक को क्रेन्स का अध्ययन करने का निर्देश दिया गया है। उनसे कहा गया है कि वे इस वर्ष के अंत तक अपनी रिपोर्ट कांग्रेस (संसद) को दें, जिसमें यह बताया जाए कि क्या विदेशों में बने क्रेन से अमेरिकी बंदरगाहों पर साइबर सुरक्षा या राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए कोई खतरा पैदा हो रहा है।
अमेरिकी बंदरगाहों पर चीन में बने सॉफ्टवेयर से संचालित क्रेन्स का इस्तेमाल होता है। ये क्रेन पूरी तरह असेंबल्ड अवस्था में जहाजों से लाए जाते हैं। कई जगहों पर तो उन क्रेंस को चलाने के लिए चीन के ही विशेषज्ञ लाए जाते हैं, जिन्हें इस कार्य के लिए दो साल का वीजा दिया जाता है। अब अधिकारियों ने संदेह जताया है कि इन सारी प्रक्रियाओं का इस्तेमाल चीन जासूसी के लिए कर सकता है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल के मुताबिक अमेरिका की डिफेंस इंटेलीजेंस एजेंसी ने 2021 में एक गोपनीय आकलन के दौरान पाया था कि चीन के पास बंदरगाह यातायात को अवरुद्ध करने की क्षमता है। वह निर्यात किए जाने वाले सैन्य उपकरणों के जरिए जासूसी करने में भी सक्षम है। लेकिन अमेरिकी अधिकारियों को अभी तक ऐसी किसी घटना के बारे में मालूम नहीं है, जिसमें क्रेन का इस्तेमाल जासूसी के लिए किया गया हो।