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Taiwan-China: 'चीन ने हमला किया तो ताइवान को 2 महीने तक खुद बचाव करना होगा'; US युद्ध सिमुलेशन से मिली जानकारी
Sat, 23 Nov 2024 11:59 PM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ताइपे
Published by: शुभम कुमार
Updated Sat, 23 Nov 2024 11:59 PM IST
सार
;चीन और ताइवान के बीच दिन-प्रतिदिन तनाव बढ़ते ही जा रहें है। जिसको लेकर हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस समिति और थिंक टैंक द्वारा किए गए युद्ध सिमुलेशन में पाया गया है कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो ताइवान तो खुद का बचान करने के लिए कम से कम एक दो महीने तक अकेले लड़ना पड़ेगा।
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चीन और ताइवान झंडा
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर हाल ही में अमेरिकी कांग्रेस समिति और थिंक टैंक द्वारा युद्ध सिमुलेशन का आयोजन किया गया। जिसमें पाया गया कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो ताइवान तो खुद का बचान करने के लिए कम से कम एक दो महीने तक अकेले लड़ना पड़ेगा। इसके बाद ही अमेरिका अपनी सेना भेज पाएगा।
बता दें कि यह सिमुलेशन अमेरिकी हाउस सेलेक्ट कमेटी और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य ताइवान पर चीनी हमले के परिणामों का मूल्यांकन करना था।
रक्षा विशेषज्ञ ने दी जानकारी
अमेरिकी युद्ध सेमुलेशन के नेतृत्व कर्ता और CSIS के रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने बढ़ती युद्ध की आशंका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ताइवान का पहाड़ी इलाका चीनी सेना के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वहां दो संकीर्ण तटीय गलियारे हैं, जिससे ताइवान पर कब्जा करना कठिन हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ताइवान की सेना उत्तर में तैनात है जो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र भी है, और यह चीन के लिए एक रणनीतिक समस्या पैदा करता है।
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चीन के पास दो विकल्प
चीन के युद्ध पर विकल्प का जिक्र करते हुए कैनसियन ने कहा कि चीन के पास दो विकल्प हैं, पहला, वह उत्तर से ताइवान पर हमला कर सकता है लेकिन इसे कड़ा प्रतिरोध मिलेगा और दूसरा वह दक्षिण से हमला कर सकता है, जहां सैनिकों को उतारना आसान होगा। अगर चीन उत्तर से हमला करता है, तो उसे ताइपे पर कब्जा करने में मुश्किल होगी। इसके साथ ही कैनसियन ने यह भी जोड़ा कि ताइवान को जल्दी से घेर लिया जाएगा, और अमेरिका को नाकाबंदी तोड़ने में तीन से चार सप्ताह लग सकते हैं।
सिमुलेशन में चीन के हमले की रणनीति
सिमुलेशन में यह भी बताया गया कि अगर चीन दक्षिण से हमला करता है तो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को ताइवान के किसी बंदरगाह या हवाई अड्डे पर जल्दी से कब्जा करना होगा। क्योंकि अमेरिका और जापान मिलकर चीन के जहाजों को निशाना बनाएंगे। अगर ये जहाज नष्ट हो जाते हैं तो PLA को ताइवान में सैनिकों को भेजने में परेशानी होगी। हालांकि कैनसियन ने कहा कि अधिकांश परिदृश्यों में अमेरिकी और जापानी सेनाएं जीतेंगी, लेकिन भारी लागत पर।
एक दो महीने अकेले लड़ना होगा- कैनसियन
इसके साथ ही कैनसियन ने यह भी बताया कि ताइवान को सुदृढ़ करने के लिए अमेरिकी प्रयास पहले विफल हो सकते हैं क्योंकि ताइवान की चारों ओर चीन की कड़ी नाकाबंदी होगी, और ताइवान को लड़ाई के पहले एक या दो महीने अकेले ही लड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताइवान को मदद देने के लिए 500 हार्पून मिसाइल दी जानी चाहिए, जिन्हें मोबाइल लॉन्चर पर तैनात किया जा सकता है ताकि ताइवान बिना अमेरिकी जमीनी बलों की मदद के चीनी जहाजों पर हमला कर सके।
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बता दें कि यह सिमुलेशन अमेरिकी हाउस सेलेक्ट कमेटी और सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) द्वारा किया गया था, जिसका उद्देश्य ताइवान पर चीनी हमले के परिणामों का मूल्यांकन करना था।
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रक्षा विशेषज्ञ ने दी जानकारी
अमेरिकी युद्ध सेमुलेशन के नेतृत्व कर्ता और CSIS के रक्षा विशेषज्ञ मार्क कैनसियन ने बढ़ती युद्ध की आशंका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ताइवान का पहाड़ी इलाका चीनी सेना के लिए चुनौतीपूर्ण है क्योंकि वहां दो संकीर्ण तटीय गलियारे हैं, जिससे ताइवान पर कब्जा करना कठिन हो जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि ताइवान की सेना उत्तर में तैनात है जो एक महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र भी है, और यह चीन के लिए एक रणनीतिक समस्या पैदा करता है।
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चीन के पास दो विकल्प
चीन के युद्ध पर विकल्प का जिक्र करते हुए कैनसियन ने कहा कि चीन के पास दो विकल्प हैं, पहला, वह उत्तर से ताइवान पर हमला कर सकता है लेकिन इसे कड़ा प्रतिरोध मिलेगा और दूसरा वह दक्षिण से हमला कर सकता है, जहां सैनिकों को उतारना आसान होगा। अगर चीन उत्तर से हमला करता है, तो उसे ताइपे पर कब्जा करने में मुश्किल होगी। इसके साथ ही कैनसियन ने यह भी जोड़ा कि ताइवान को जल्दी से घेर लिया जाएगा, और अमेरिका को नाकाबंदी तोड़ने में तीन से चार सप्ताह लग सकते हैं।
सिमुलेशन में चीन के हमले की रणनीति
सिमुलेशन में यह भी बताया गया कि अगर चीन दक्षिण से हमला करता है तो पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को ताइवान के किसी बंदरगाह या हवाई अड्डे पर जल्दी से कब्जा करना होगा। क्योंकि अमेरिका और जापान मिलकर चीन के जहाजों को निशाना बनाएंगे। अगर ये जहाज नष्ट हो जाते हैं तो PLA को ताइवान में सैनिकों को भेजने में परेशानी होगी। हालांकि कैनसियन ने कहा कि अधिकांश परिदृश्यों में अमेरिकी और जापानी सेनाएं जीतेंगी, लेकिन भारी लागत पर।
एक दो महीने अकेले लड़ना होगा- कैनसियन
इसके साथ ही कैनसियन ने यह भी बताया कि ताइवान को सुदृढ़ करने के लिए अमेरिकी प्रयास पहले विफल हो सकते हैं क्योंकि ताइवान की चारों ओर चीन की कड़ी नाकाबंदी होगी, और ताइवान को लड़ाई के पहले एक या दो महीने अकेले ही लड़ना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि ताइवान को मदद देने के लिए 500 हार्पून मिसाइल दी जानी चाहिए, जिन्हें मोबाइल लॉन्चर पर तैनात किया जा सकता है ताकि ताइवान बिना अमेरिकी जमीनी बलों की मदद के चीनी जहाजों पर हमला कर सके।